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    फाइल 1 पेज पेज 13

    Published: Wed, 15 Nov 2017 06:33 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 06:33 PM (IST)
    By: Editorial Team

    फाइल 1 पेज पेज 13 के लिए फ्लायर

    11 माह बाद भी प्रसव में नहीं मिली प्रधानमंत्री की सहायता

    - जिम्मेदार विभाग प्रसूताओं को बहानेबाजी कर टाल रहे

    फोटो -14होश01

    केप्शन-जिला अस्पताल की फाइल फोटो

    होशंगाबाद। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद धीरे-धीरे 11 महिने गुजर गए, लेकिन प्रसूताओं को अभी तक प्रधानमंत्री प्रसव योजना के तहत एक भी रुपए की मदद नहीं मिली है। योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभाग प्रसूताओं को तरह-तरह के बहाने कर टालमटोल कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री ऑनलाइन शिकायत भी हो रही है, लेकिन अभी तक शिकायतों के निराकरण को लेकर प्रसूताओं या उनके परिजनों से संपर्क ही नहीं किया गया। जो स्थिति सामने आ रही है उसके अनुसार योजना में अभी तक कोई प्रोसेस ही शुरू नहीं हुई है और हितग्राहियों को इसमें मिलने वाली सहायता लेने के लिए की जाने वाली प्रोसेस की कोई जानकारी नहीं है।

    इस तरह से परेशान हो रही प्रसूताएं

    1 सिवनीमालवा ब्लॉक की आशा बाई पति रामप्रसाद को करीब छह महीने पहले जिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। रामप्रसाद ने बताया उन्हें तीन माह बाद योजना के तहत 1400 रुपए का भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री प्रसव योजना में मिलने वाली 6000 की राशि नहीं मिली । रामप्रसाद ने बताया इसकी शिकायत मुख्यमंत्री ऑनलाइन में भी की, परंतु वहां से भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

    2 सोहागपुर तहसील की सुनीता पति सुरेंद्र पिछले एक महीने में तीन बार जिला अस्पताल स्थित जननी सुरक्षा के ऑफिस के चक्कर लगा चुके हैं। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री प्रसव योजना के संबंध में पूछने पर बाबू सीधे मुंह बात नहीं करता। बमुश्किल उसने बताया महिला बाल विकास विभाग के ऑफिस जाओ। वहां गया तो पता चला कि अभी तो इसके फॉर्म नहीं भरा रहे हैं। जब प्रोसेस शुरू होगी तब आना।

    यह है पूरी योजना

    जनवरी 2017 से लागू प्रधानमंत्री प्रसव योजना का नाम अब बदलकर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना कर दिया है। हितग्राही महिला को तीन किश्तों में कुल 6000 रुपए की प्रोत्साहन राशि की पात्रता होगी। महिला बाल विकास विभाग के मुताबिक पहली किश्त गर्भावस्था के पंजीयन के समय 1000 रुपए। दूसरी किश्त गर्भावस्था के छह माह बाद प्रसव पूर्व जांच पर 2000 रुपए े की राशि और तीसरी किश्त 2000 रुपए बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने पर मिलेगी। इसके अलावा एक हजार की राशि जननी सुरक्षा योजना में मिलेगी।

    पुराने आवेदन होंगे कनवर्ट

    इधर महिला बाल विकास विभाग का कहना है कि अभी तक किसी भी प्रसूता हितग्राही को इस योजना का लाभ नहीं मिला है। जो सर्कुलर आया है उसके मुताबिक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना लागू होने से पहले संचालित इंदिरा मातृत्व योजना की पहली किश्त प्राप्त कर चुके हैं, पहले उन हितग्राहियों का पंजीयन कराया जाएगा। 1जनवरी 17 के बाद के हितग्राहियों का पंजीयन आंगनबाड़ी के माध्यम से होगा। इसके बाद परियोजना अधिकारी के जरिए फार्म ऑनलाइन भरा जाएगा। इसके बाद योजना की राशि हितग्राही को प्राप्त होगी।

    महिला बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी है

    - हितग्राही पिछले एक साल से योजना की पूछताछ करने हमारे पास आ रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संचालन की जिम्मेदारी महिला बाल विकास विभाग को सौंपी गई है।

    डॉ. दिलीप कटैलिहा, सीएमएचओ

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    पेज 13 की लीड

    12 हजार को गरीब तो बना दिया पर राशन का हक नहीं दिया

    - अपात्र बीपीएल के नाम नहीं हटाने से नए की पात्रता पर्ची जेनरेट नहीं होगी

    फोटो -14होश04

    केप्शन- राशन की पर्ची के लिए गिड़गिड़ाते गरीब

    होशंगाबाद। आए दिन लोग नगरपालिका, जनपद पंचायत और खाद्य विभाग के दफ्तर आकर राशन का तकाजा करते हैं। ये वे लोग हैं, जिनके पास गरीबी रेखा और अति गरीबी रेखा का राशन कार्ड है पर उन्हें नियमानुसार राशन नहीं मिल रहा है। राशन कार्ड लेकर आने वाले इन हितग्राहियों को अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाते हैं। वे यह कहकर टाल देते हैं कि अभी पात्रता पर्ची जेनरेट नहीं हो रही है। जैसे ही जेनरेट होगी, उन्हें राशन मिलने लगेगा। शासन के यह अधिकारी उन्हें इस सच्चाई से वाकिफ नहीं कराते हैं कि केंद्र सरकार ने राशन का कोटा फिक्स कर दिया है, इसलिए पिछले एक साल में जो गरीब बने हैं। केवल उन्हें ही राशन के हक के लिए पात्रता पर्ची जेनरेट नहीं हो रही है। एक जानकारी के मुताबिक होशंगाबाद जिले में ऐसे हितग्राहियों की संख्या करीब 12000 है। बमौरी विधायक महेंद्र सिंह सिसोदिया ने शीतकालीन सत्र के लिए विधानसभा प्रश्न भी लगाया है।

    पुराने हटाओ तब नए जुड़ेंगे

    सितंबर 2016 से भारत सरकार ने गरीबों को दिए जाने वाले राशन के मामले में कोटा फिक्स कर दिया है। इस कोटा फिक्स करने के सिस्टम में यह व्यवस्था बनाई गई है कि पुराने अपात्र और फर्जी गरीबों को हटाया जाए और उनकी जगह जो नए गरीब बनेंगे उन्हें जोड़ा जाए । इसलिए जब तक पुराने गरीबों की छंटनी नहीं होगी तब तक इन नए गरीबों को राशन मिलने का कोई चांस नहीं है। जबकि हर महीने नए गरीबों की तादात बढ़ते ही जा रही है।

    आदेश दे रहे पर हटाते ही नहीं

    पिछले एक साल के दौरान कम से कम एक दर्जन मौके पर विभिन्न अधिकारियों ने अपात्र और फर्जी गरीबों को चिन्हित कर हटाए जाने के आदेश दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी ऐसे तथाकथित अपात्रों की संख्या में कहीं कोई कमी नहीं आ रही है। जिले में अभी भी 1.71 लाख गरीब दर्ज हैं और इनमें से कितने पात्र और कितने अपात्र हैं इसका भी कोई आंकड़ा जिम्मेदार विभाग और उसके अफसरों के पास नहीं है।

    राशन मांगते हैं पर नाम नहीं बताते

    राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष जेएस स्वाई पिछले दिनों जिले की विजिट पर आए थे। यहां उन्होंने अधिकारियों की मीटिंग लेने के साथ-साथ फील्ड विजिट भी की थी। राशन दुकानें देखी थी। यहां पर उन्हें कुछ हितग्राहियों ने बीपीएल का कार्ड होने के बाद भी राशन नहीं मिलने की शिकायत की थी। इस पर उन्होंने कहा था कि आपके यहां के फर्जी गरीबों का नाम बताईए उनका नाम हटाकर आपका नाम जोड़ देते हैं, लेकिन किसी ने ऐसे नाम नहीं बताए।

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    पहले भी लग चुका है विस प्रश्न

    बीपीएल कार्डधारियों को पात्रता पर्ची जेनरेट न होने के मामले में नरसिंहगढ़ जिले के विधायक गिरीश भंडारी ने पूर्व के एक सत्र में विधानसभा प्रश्न लगाया था। इसके जवाब में सरकार ने बताया था कि सितंबर 2016 से पात्रता पर्ची जनरेट नहीं हो रही है। नए नियमों के तहत जब अपात्रों हितग्राहियों को हटाया जाएगा तब नए हितग्राहियों की पात्रता पर्ची जनरेट होगी। सरकार के इस जवाब के 10 माह बाद भी बीपीएल कार्डधारियों की पात्रता पर्ची जनरेट नहीं हो रही है। इस सत्र में विधायक महेंद्र सिंह ने भी प्रश्न लगाया है, जिसमें इसी संबंध में सवाल पूछा गया है।

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    प्रदेश में है 5 लाख से ज्यादा गरीब

    होशंगाबाद जिले में तो लगभग 12 हजार ऐसे हितग्राही सामने आ रहे हैं, जिनकी पात्रता पर्ची जनरेट नहीं हुई है। पूरे प्रदेश में इनकी संख्या 5 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। अपात्रों के नाम न काट पाने को लेकर अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए राजनीति जिम्मेदार है। नाम काटने पर वार्ड के पंच या पार्षद से लेकर सांसद और विधायक तक के फोन आना शुरू हो जाते हैं। आफ रिकार्ड चर्चा में एक जिम्मेदारी अधिकारी ने यह भी बताया कि ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान अपात्रों के नाम काटने थे, लेकिन नए गरीब तैयार हो गए।

    पत्राचार किया है

    -लोग अपात्रों के नाम नहीं बताते और नाम हटाने की प्रक्रिया और अधिकार नपा के सीएमओ, जनपद सीईओ और एसडीएम को होता है। हमने इस संबंध में उनसे कई बार पत्राचार किया है।

    भीमसिंह तोमर, जिला खाद्य अधिकारी

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    पेज 13 की बॉटम

    20 को पीएम आवास में होगा गृहप्रवेश

    - हितग्राहियों के लिए जिलेभर में मनाया जाएगा आवास दिवस

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    कैप्सन-जिला पंचायत

    होशंगाबाद। एक साल पहले शुरू हई प्रधानमंत्री आवास योजना में जिला पंचायत अब आवास दिवस मनाने की तैयारी में है। जिन हितग्राहियों के आवास पूरे हो चुके हैं, उनकों भव्य तरीके से एक ही दिन गृहप्रवेश कराने की तैयारी की जा रही है। जिला पंचायत ने 20 नवंबर को गृह प्रवेश की तारीख तय की है और इसके लिए सभी जनपद पंचायत सीईओ और ग्राम पंचायत के सचिवों को निर्देश भी दिए हैं। गृह प्रवेश के इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अतिथियों के रूप में आमंत्रित करने के लिए निर्देशित किया है।

    6312 आवास बन गए

    जिले की सात जनपद में 12 हजार 233 पीएम आवास का लक्ष्य था। इसमें अब तक 6312 आवास पूरे होकर इनकी पोर्टल पर जियो टेगिंग हो चुकी है। दिसंबर तक और 2000 आवास पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। पूर्व में धनतेरस तक 5000 आवास का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसमें से 4900 आवास ही पूरे हो पाये थे।

    आवास बढ़े पर रैंकिंग नहीं

    पीएम आवास को लेकर एसीएस राधेश्याम जुलानिया ने अवार्ड घोषित किया हुआ है। तमाम प्रयासों के बावजूद होशंगाबाद जिला इस रेस में शामिल नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि आवास पूर्ण के आंकड़ों के हिसाब से 25 वें पायदान के नीचे है जिला। प्रतिशत के हिसाब से 15 वें पायदान पर चल रहा है जिला।

    कभी नहीं मिली फटकार

    होशंगाबाद जिले के लिए यह अच्छी बात है कि हर सप्ताह एसीएस जुलानिया वीडियो कांफे्रसिंग में समीक्षा करते हैं। इस समीक्षा में जिले को हमेशा राहत रही है। इसका कारण यह है कि भले ही रैंकिंग में जिला टाप टेन में नहीं आया, लेकिन 35 फीसदी के ऊपर प्रोग्रेस रहने से संतोष जनक जिलों की श्रेणी में शामिल रहा है।

    इनका कहना है

    -गरीब हितग्राही हैं उनके आवास पूरे हो गये हैं वे भी अन्य लोगों की तरह समारोह के रूप में गृह प्रवेश करें यह हमारी सोच है। इसी आधार पर आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है।

    पीसी शर्मा, जिपं सीईओ

    और जानें :  # Hoshangabad news
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