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    पेज 13 की सेकेण्ड ल

    Published: Wed, 15 Nov 2017 06:50 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 06:50 PM (IST)
    By: Editorial Team

    पेज 13 की सेकेण्ड लीड

    भ्रम में न आए किसानों के लिए नहीं है मार्जिन मनी

    -सीएम स्वरोजगार के ट्रैक्टर में आयुक्त के आदेश की पूरी नहीं हो रही व्याख्या

    फोटो -15 होशंगाबाद 07

    केप्शन- पूर्व प्रकाशित खबर

    होशंगाबाद। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में ट्रैक्टर में मार्जिन मनी देने पर रोक जरूर हटी है, लेकिन इसमें जो शर्तें है उसके अनुसार अधिकांश किसान अपने आप मार्जिन मनी की पात्रता खो रहे हैं। यदि आयुक्त उद्योग के 30 अक्टूबर के आदेश को ध्यान से देखे तो इसमें स्पष्ट हो जाता है कि जिन किसानों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार में अभी तक मार्जिन मनी नहीं मिली है । उनके लिए आगे भी चांस ना के बराबर हैं। 3 नवंबर को जीएम उद्योग एचएस भार्गव द्वारा मार्जिन मनी को लेकर जो बयान जारी किया गया था, उसमें आयुक्त उद्योग द्वारा पात्रता के लिए जो शर्तें दी थी उनका स्पष्टता से उल्लेखन नहीं था। जिपं सदस्य मधु तिवारी का कहना है कि मामले में जिस तरह से बयान दिया गया था, उससे भ्रम पैदा हो रहा था कि सभी बकाया लोगों को मार्जिन मनी मिल जाएगी।

    यह है आयुक्त के आदेश

    1. जिन किसानों ने ट्रैक्टर -ट्रॉली एवं अन्य उपकरण 30 मार्च से पहले लिए हैं और इसका व्यवसायिक पंजीयन आरटीओ में कराया है उन्हीं को मार्जिन मनी मिलेगी।

    2. यदि बैंक शाखा द्वारा केवल ट्रैक्टर पर लोन दिया है, लेकिन हितग्राही ने अपनी राशि से ट्रॉली और अन्य उपकरण लिए हैं। उन्हें केवल ट्रैक्टर की राशि पर ही मार्जिन मनी दी जाएगी।

    3. कृषि उपयोग के लिए ट्रैक्टर का वितरण करने पर ऐसे प्रकरणों को एग्रीकल्चर सेक्टर लेडिंग मानते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत डील नहीं किया जाएगा।

    इस हकीकत में गवाएंगे मार्जिन मनी

    1. यदि पिछले एक साल का अक्टूबर 2016 से अप्रैल 2017 तक आरटीओ में ट्रैक्टर का व्यावसायिक पंजीयन देखा जाए तो उनकी संख्या नगण्य है। जबकि इस अवधि में योजना के तहत 600 से ज्यादा ट्रैक्टर उठाए गए हैं।

    2. किसानों को एजेंसियों द्वारा केवल ट्रैक्टर दिया गया है। ट्रॉली तक नहीं दी गई है। किसानों ने भी इसके बाद कल्टिवेटर या अन्य उपकरण अपने व्यय पर नहीं खरीदे हैं। जांच की जाए तो प्रमाणित हो जाएगा।

    3. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उठाए गए 90 फीसदी ट्रैक्टर किसानों द्वारा एजेंसियों के प्रलोभन में आकर केवल अपनी खेती के लिए उठाए गए हैं। यदि जांच की तो यह भी प्रमाणित हो जाएगा।

    पूरे मामले में गड़बड़ी है

    -पूरे मामले में अभी भी केवल गुमराह किया जा रहा है। किसानों को वे विकल्प नहीं बताए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आयुक्त की शर्तों के अनुसार मार्जिन मनी मिल सके। पूरे मामले में हर लेवल पर गड़बड़ी है।

    मधु तिवारी, सदस्य जिपं

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    आरबीआई के अफसरों ने पूछा सिलाई सीखकर क्या करोगे

    फोटो-15 होशंगाबाद 08

    केप्शन- जासलपुर सहकारी समिति का निरीक्षण कर लौटते आरबीआई की टीम

    होशंगाबाद। इन दिनों जिले में रिजर्व बैंक के अधिकारी सरकारी योजनाओं और स्किल डेवलेपमेंट को लेकर फीडबैक ले रहे हैं। इसमें वे विभिन्न स्थानों पर जाकर सीधे लोगों से बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को ग्राम जासलपुर में अधिकारी शौभित श्रीवास्तव, बीएस प्रवीण, कविता चौहान ने विकास कार्यों का जायजा लिया और बीसी सेंटर का भ्रमण किया। इसमें उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे सिलाई प्रशिक्षण को देखा और जानकारी ली। इसमें उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से पूछा कि सिलाई सीखने के बाद क्या करेंगे । आगे की क्या प्लानिंग है। इस दौरान उनके साथ लीड बैंक मैनेजर आरके त्रिपाणी, एफएलसी काउंसलर खेडकर भी मौजूद थे। इन अधिकारियों ने कलेक्टर अविनाश लवानिया से मुलाकात की। रिजर्व बैंक की इस टीम ने जासलपुर में सहकारी सेक्टर और पंचायत में हो रहे क्रियाकलापों को देखने एक सप्ताह का कार्यक्रम रखा है।

    और जानें :  # Hoshangabad news
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