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    शिक्षक अध्यापन कार्य छोड़कर यात्रा के स्वागत में लगे

    Published: Wed, 15 Nov 2017 07:25 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 07:25 PM (IST)
    By: Editorial Team

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    पिपरिया (निप्र)। अध्यापक संघ द्वारा नर्मदा सेवा यात्रा निकाली जा रही है। मां नर्मदा परिक्रमा करना बेहद पुनीत कार्य है। लेकिन शिक्षा विभाग के कर्मचारी अध्यापन कार्य छोड यात्रा के स्वागत सत्कार में लगे देखे गए। एक ओर दर्जनों शिक्षक अपनी मांगे मनमाने के लिए स्कूलों में अध्यापन कार्य को छोड़कर यात्रा में व्यस्त है जिससे बच्चों की पढाई में कितना नुकसान हो रहा होगा। दूसरी और शासकीय कन्या शाला के अधिकांश शिक्षक यात्रा के स्वागत सत्कार में

    व्यस्त नजर आए। उन्हें छात्र-छात्राओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं नजर आ रही थी। शाला का प्रबंधन प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहा है। जिला द्यिाक्षा विभाग बीते दो वर्षो में भी स्थाई प्राचार्य की नियुक्ति नहीं कर पाया है। प्रभारी प्राचार्य अरविंद रघुवंशी से जब इस मामले में जानकारी ली तो उनका कहना था कि वह होशंगाबाद शिक्षा कार्यालय गए हैं। प्रभार साहू मैडम को सौंप दिया था। उनका कहना था कि वे मामले की जानकारी लेकर बता पाऊंगी की शिक्षक पढ़ाना छोड़कर यात्रा के स्वागत में कैसे आ गए।

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    पेज 15की बाटम

    नर्मदा परिक्रमा में शामिल अध्यापकों का नर्मदा तट पर जोरदार स्वागत

    - अपनी मांगों की याद दिलाने अध्यापक संगठन ने निकाली नर्मदा परिक्रमा यात्रा

    फोटो- 15 होशंगाबाद 09

    केप्सन- अपनी मांगों के लिए अध्यापक संघ ने निकाली नर्मदा परिक्रमा यात्रा।

    होशंगाबाद। वर्षों पुरानी अपनी मांग शिक्षा विभाग में संविलियन करने सहित अन्य मांगों को प्रदेश सरकार को याद दिलाने के लिए अध्यापक संघ ने बीते दिनों अमरकंटक से नर्मदा परिक्रमा यात्रा शुरू की है। यह परिक्रमा यात्रा बुधवार को होशंगाबाद आई। यात्रा के स्वागत के लिए अध्यापक संघ की विभिन्न इकाई के पदाधिकारियों ने पीपल चौक पर स्वागत करने के बाद यात्रा में शामिल होकर सेठानी घाट तक साथ रहे। सेठानी घाट पर यात्रा में शामिल सभी पदाधिकारियों का पूᆬल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। ये लोग मां नर्मदा की बार बार जयकारे लगाते हुए मां नर्मदा से प्रार्थना कर रहे हैं। प्रदेश सरकार को सद्बुद्घि दे जिससे कि अध्यापकों की मांग की पूर्ति कर सकें।

    अध्यापक संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राम मोहन रघुवंशी और संभागीय अध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि शासकीय अध्यापक संगठन की यह नर्मदा परिक्रमा अध्यापक हित को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने बताया शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आरिफ अंजुम ने शिक्षा हित में एवं अध्यापक हितों की लक्ष्य पूर्ति के लिए 12 नवंबर से मां नर्मदा की परिक्रमा अमरकंटक से शुरू की है। इस यात्रा के दौरान संगठन की महिला प्रदेश अध्यक्ष वंदना शर्मा के साथ अनेक महिला अध्यापक शामिल हुई। जिसमें प्रत्येक जिले से अनेक प्रांतीय पदाधिकारियों को जिला प्रभारी, जिला व ब्लॉक संकुल इकाईयों के अनेक पदाधिकारी जोश खरोश के साथ शामिल हुए। जिनमें राकेश दुबे, उपेंद्र कौशल, संजीव त्रिपाठी, भरत गोयल, जितेंद्र शाक्य, आशोक मालवीय, राजकुमार शर्मा, भगवान सिंह, पीएन डेहरिया, पृथ्वी रघुवंशी, अरुण रघवंशी, शशिकला पठारिया, आरती कंसोटिया,किरण उपाध्याय, रेखा सिंह आदि शामिल हैं। आभार प्रदर्शन राजेश पांडेय ने किया।

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    ना खाद का हो रहा उठाव और ना बीज का, किसान लगा रहे चक्कर

    -बोवनी के समय में किसानों का हो रही परेशानी

    फोटो- 15 होशंगाबाद 13

    केप्सन- प्राइवेट सेक्टर में खाद बीज की पर्याप्त उपलब्धता सोसाइटियों में हो रही दिक्कतें।

    होशंगाबाद। इन दिनों रबी मौसम के लिए बोनी का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। किसान को बीज के साथ खाद की कमी बनी हुई है। जिससे बोनी प्रभावित हो रही है। सोसायटियों में खाद बीज के के लिए किसानों को बार बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले साथ ही संभाग के तीनों जिलों में खाद का भंडारण लक्ष्य के अनुसार कम है। संभाग में खाद का कुल लक्ष्य 1लाख 5हजार 140मी. टन है। इसके विरूद्घ भंडारण की स्थिति 18हजार 546मी.टन है। वितरण की स्थिति और अधिक खराब है। अभी तक वितरण 8 हजार 900 मी. टन हो सका है। वहीं सोसाइटियों में भी खाद बीज की डिमांड अधिक और उठाव कम होने से किसान हैरान परेशान है। किसान नेताओं ने कहा कि कृषि विभाग और सोसायटियों के द्वारा समय पर बीज और खाद की व्यवस्था नहीं करने के कारण यह स्थिति बनती है।

    तीनों जिलों की स्थिति

    जिले में डीएपी की तो ठीक स्थिति है। लेकिन यूरिया का लक्ष्य 78हजार 700मी.टन के विरूद्घ भंडार 17हजार 05मी.टन है। अभी तक वितरण केवल 9हजार 62मी.टन ही हो सका है। हरदा जिले में लक्ष्य 38हजार का और भंडारण 8हजार 89है। यहां पर वितरण सिर्फ 5हजार 364मी.टन ही हो सका है। इसी के साथ बैतूल में भी स्थिति ठीक नहीं है। यहां पर लक्ष्य 13हजार 500 का है। लेकिन भंडारण 4हजार 816और वितरण 2हजार 833मी.टन ही हो सका है। इन विषम परिस्थितियों में किसानों को खाद के साथ बीज के लिए यहां वहां पर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।

    निजी क्षेत्र में पर्याप्त भंडारण

    शासकीय की क्षेत्रों में भंडारण के साथ उठाव की समस्या पहले की तरह ही बनी हुई है। वहीं निजी क्षेत्र में खाद के साथ बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई। यहां पर हालात यह है कि निजी क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानों में खाद बीज भरने के बाद अंदर जगह नहीं मिलने पर उसे सड़क पर ही रख दिया है। बस स्टैंड के पास वाली खाद बीज की दुकानों पर खाद की बोरियों की छल्ली ऊपर तक लगी है। यहां पर किसानों को नगद राशि में मन माफिक खाद बीज मिल रहा है। लेकिन किसानों के पास पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    शासन-प्रशासन होता है फेल

    किसान नेता लक्ष्मण गौर ने कहा कि जिले सहित संभाग में बोवनी के समय खाद बीज की कमी होना कोई नई बात नहीं है। यह स्थिति हर साल होती है। शासन-प्रशासन किसानों की मुख्य बोनी के समय ही भंडारण की व्यवस्स्था करता है। उसमें भी पक्षपात पूर्ण तरीके से वितरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोसायटियों के माध्यम से खाद बीज नहीं मिल रहा है क्योंकि सोसाटियों ने ही डिमांड के अनुसार उठाव नहीं किया है।

    जल्द ही व्यवस्था करेंगे

    बोवनी का समय शुरू हुआ है। रैक आती जा रही है। किसानों के लिए खाद बीज की उपलब्धता कराई जा रही है। किसान धैर्य रखे जल्द ही पूरी व्यवस्था की जाएगी।

    बीए बिलैया, जेडी कृषि विभाग

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