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    गुमनामी में जी रहा है प्रतिभाशाली रायफल शूटर, आर्थिक परेशानी आ रही आड़े

    Published: Tue, 14 Nov 2017 04:05 AM (IST) | Updated: Tue, 14 Nov 2017 03:47 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    इटारसी। एयर रायफल शूटिंग का नेशनल चैपिंयन शहर में गुमनामी के अंधेरे में जी रहा है। ओलंपिक गेम्स में भारतीय टीम के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाने का सपना तो है, लेकिन राह में आर्थिक तंगी और प्रैक्टिस के लिए गन की कमी आड़े आ रही है। जनप्रतिनिधियों से लेकर सरकार की ओर से आज तक उसे मदद नहीं मिली है।

    हम बात कर रहे हैं बजरंगपुरा निवासी 17 वर्षीय होनहार कुशल सिंह भदौरिया की, जो इंटरनेशनल स्पोर्टस शूटिंग फेडरेशन(आईएसएसएफ) से दो बार गोल्ड मेडल जीतकर रिनाल्ड शूटर रैंक में आ चुका है। राज्य स्तरीय मुकाबले में उसने तीन गोल्ड, एक सिल्वर और तीन कांस्य पदक जीते हैं।

    तीसरी पीढ़ी निशानेबाजी में

    कुशल के पिता सनमान और दादाजी को शुरूआत से निशानेबाजी का शौक था, इसी वजह से कुशल का बचपन से शूटिंग चैपिंयन बनने का सपना रहा, 12 साल में उसने पुणे वालेवाड़ी गन फॉर ग्लोरी अकादमी में शूटिंग की बारीकियां सीखीं। इसके बाद साल 2017 में नेशनल रायफल शूटिंग अकादमी के प्री नेशनल क्वालिफाइड किए। एमपी स्टेट रायफल एसोसिएशन द्वारा जबलपुर एवं इंदौर में आयोजित स्टेट चैपिंयनशिप में उसने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए नेशनल रैकिंग में जगह बनाई, अब उसे दो नेशनल जीतकर ओलंपिक के लिए इंडिया टीम से चयनित होना है।

    गगन नारंग रोल मॉडल

    ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले अभिनव ब्रिदां और कांस्य विजेता गगन नारंग को वह अपना रोल मॉडल मानता है, पुणे एकेडमी में नारंग ने ही उसे शूटिंग की प्रेक्टिस कराई। कुशल कहता है कि ओलंपिक जीतने के लिए नियमित अभ्यास जरूरी है, इसके लिए उसे एयर गन की जरूरत है, लेकिन ढाई लाख रुपए की गन खरीदने का सामर्थ्य नहीं है, उसके शौक को कैरियर बनाने के लिए परिजन काफी पैसा पहले खर्च कर चुके हैं, लेकिन अब उन्हें सरकारी मदद की दरकार है।

    पिता सनमान सिंह बताते हैं कि मेरे बेटे में काबलियत है, यदि उसे सरकारी मदद मिले तो वह देश का नाम रोशन करेगा और ओलंपिक भी जीतकर लाएगा। 10 मीटर रेंज में पहले पेपर शूटिंग के बाद अब वह इलेक्ट्रानिक टागरेट पूरे कर रहा है। कुशल ने बताया कि परिवार ने हमेशा हौसला बढ़ाया और जबलपुर के कोच निशांत नाथवानी उसका मार्गदर्शन कर रहे हैं।

    कई खिताब जीते

    कुशल के परिजन बताते हैं कि इंदौर में आयोजित स्टेट चैपिंयनशिप में उसे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और बीएसएफ के डीआईजी सम्मानित कर चुके हैं। ओलंपिक में अभी काफी वक्त है, उसे दो नेशनल क्वालिफाइड करना है, जिसके बाद वह टीम में शामिल हो सकता है।

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