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    ठग ने किसान से 6 लाख लेकर थमा दी 1.10 करोड़ की फर्जी डीडी

    Published: Fri, 21 Jul 2017 09:05 PM (IST) | Updated: Sat, 22 Jul 2017 08:11 AM (IST)
    By: Editorial Team
    canrea bank hoshangabad 2017722 8115 21 07 2017

    आशीष दीक्षित, होशंगाबाद। केनरा बैंक शाखा के नाम से 1.10 करोड़ स्र्पए का फर्जी डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) बनने का मामला शुक्रवार को सामने आया है। शातिर ठग ने चालाकी से एक पुराने कैंसिल हो चुके डीडी पर नई राशि डालकर किसान को यह थमा दिया। इसके एवज में ठग ने किसान से करीब 6 लाख रुपए एेंठ लिए।

    मामला उस वक्त सामने आया जब एक गोपनीय जानकारी लीड बैंक मैनेजर आरके त्रिपाठी को लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए लीड बैंक मैनेजर ने अपने स्तर पर मामला खंगाला। वे केनरा बैंक शाखा पहुंचे और बैंक मैनेजर से पूछताछ की।

    एक करोड़ से अधिक की राशि का फर्जी डीडी बनने का मामला सामने आने का बाद केनरा बैंक प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। बैंक की इंटरनल टीम जांच की जांच में जुटी है। बैंक प्रबंधन यह पता करने में जुटा है कि आखिर कैंसिल डीडी से फर्जी डीडी बना कैसे?

    ऐसे सामने आया मामला

    एलडीएम आरके त्रिपाठी के मुताबिक केनरा बैंक में फर्जी डीडी बनने की जानकारी उन्हें गोपनीय तौर पर मिली थी। मामले की खोजबीन करते हुए सबसे पहले वे उस अफजल कुरैशी से मिले, जिसके नाम से डीडी बना था। अफजल कुरैशी से पता चला कि जिस व्यक्ति ने यह डीडी दिया है उसने कभी बैंक के अंदर जाने ही नहीं दिया। केसीसी पर लोन दिलाने का आश्वासन देते हुए करीब 6 लाख स्र्पए भी ले लिए।

    केनरा बैंक प्रबंधन से की मुलाकात

    एक करोड़ से अधिक का फर्जी डीडी बनने का मामला सामने आने के बाद एलडीएम तुरंत केनरा बैंक प्रबंधन के अधिकारियों पास पहुंचकर डीडी के संबंध में जांच कराई। जांच में सामने आया कि अफजल कुरैशी को जो डीडी मिला है वह पूरी तरह से फर्जी और सादे कागज पर बना हुआ है। हेरफेर कर उसमें राशि और तारीख बदली गई है।

    पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल

    1 - पूरे मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कैंसिल डीडी शातिर ठग के हाथ में लगा कैसे?

    2 - कैंसिल डीडी की डिटेल जब बैंक पास थी तो फिर शातिर ठग को कैसे पता चली जिससे डीडी बना?

    3 - छह लाख स्र्पए से अधिक की राशि गंवाने के बाद भी अब तक पीड़ित ने लिखित शिकायत क्यों नहीं की?

    4 - एक करोड़ से अधिक की राशि का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी बैंक ने जांच में देरी क्यों की?

    5- डीडी क्रमांक 965616 जिसे जारी किया गया था वह कौन है उसका नाम क्यों छुपाया जा रहा है?

    नवदुनिया पड़ताल - सामने आए दो तथ्य

    1 - केनरा बैंक मैनेजर पीरमेश के मुताबिक डीडी में 965616 नंबर दिया गया है। उस नंबर का डीडी 28 जून को बैंक की ओर से शहर के एक ही व्यक्ति को जारी किया था जो कि मात्र 10 हजार स्र्पए का था। जिसके बाद 3 जुलाई को उक्त डीडी कैंसिल कराने की प्रक्रिया हुई है।

    2- वहीं ठग ने पीड़ित अफजल कुरैशी को जो डीडी दिया है उसका नंबर भी 965616 है, और तारीख 10 जुलाई 2017 की अंकित है, लेकिन राशि 1 करोड़ 10 लाख स्र्पए लिखी है। बैंक अधिकारी की सील लगी हुई हुई है जिस पर एसपी नंबर 56722 लिखा हुआ है। फर्जी डीडी बेहद सादे कागज पर बना दिख रहा है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ठगी के मामले:

    मामला- एक- ठग ने पीएफ का पैसा खाते से निकाल लिया, अब तक कुछ पता नहीं:

    छह माह पूर्व पवारखेड़ा के पूर्व कृषि अधिकारी को भी ठगों ने चकमा देकर पीएफ की राशि खाते से निकाल ली थी। ठगों ने उनका एटीएम कार्ड चलाने में मदद करने का झांसा दिया था। देहात थाने में मामला दर्ज हुआ, सुराग अब तक कुछ नहीं। मामले की जांच के सिलसिले में देहात पुलिस का अमला उप्र के कई इलाकों में जांच कर चुका है।

    मामला-दो- सराफा कारोबारी को ठग लिया, अब तक सुराग नहीं:

    पांच माह पूर्व सिवनीमालवा में मुंबई से आए सराफा करोबारी को चकमा देकर चौराहे पर बाइक सवार ठगों ने लूट लिया था। बातों में लगातार करोबारी को ठगों ने झांसे में लिया और उसके बाद वारदात को अंजाम दिया। सिवनीमालवा थाने में मामला भी दर्ज हुआ, लेकिन अब तक सुराग नहीं लग सका हैं। सिटी कोतवाली व देहात थाने में कई मामले दर्ज हैं।

    सभी बैंकों को अलर्ट जारी किया गया है

    1 करोड़ से अधिक की राशि का फर्जी डीडी बनने को लेकर बैंक प्रबंधन से जानकारी ली है। शातिर ठग ने यह तरीका अपनाया है। शहर के सभी बैंक प्रबंधकों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।

    आरके त्रिपाठी, लीड बैंक मैनेजर, होशंगाबाद

    डीडी फर्जी है, जो पहले ही कैंसिल हो चुका है:

    जो फर्जी डीडी सामने आया है उसमें हमारी बैंक का नाम है, लेकिन वह पूरी तरह से फर्जी है। जो नंबर डीडी पर है वह पहले ही कैंसिल हो चुका है। हमने जानकारी रीजनल ऑफिस में दे दी है।

    पी रमेश, मैनेजर, केनरा बैंक

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