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    एसजीएमएच के डॉक्टरों ने मंत्री के रिश्तेदार को भी नहीं बख्शा

    Published: Sat, 14 Jan 2017 07:16 PM (IST) | Updated: Sat, 14 Jan 2017 07:16 PM (IST)
    By: Editorial Team

    रीवा। संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां भर्ती मंत्री के एक रिश्तेदार तक को डॉक्टरों ने नहीं बख्शा। पांच दिन तक उन्हें हड्डी और मेडिसिन विभाग के बीच लटकाते रहे। इसकी भनक लगने पर शनिवार सुबह जब उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल अस्पताल पहुंच कर भड़के तब जाकर उनका इलाज शुरू किया गया। सुबह साढ़े 10 बजे प्रदेश शासन के उद्योग खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ला अचानक संजय गांधी अस्पताल पहुंच गए और मरीज को इलाज न मिलने पर जमकर फटकार लगाई।

    यह है मामला

    लगभग एक सप्ताह पूर्व उपरहटी निवासी श्री शुक्ल के रिश्तेदार देवेन्द्र शास्त्री को एसजीएमएच के हड्डी विभाग में भर्ती किया गया था। वे छत से नीचे गिर जाने के कारण घायल हो गए थे। पांच दिन तक आर्थोपेडिक्स विभाग में इलाज न होने पर उनका ब्लड प्रेसर ज्यादा बढ़ गया था। जिसके चलते उन्हें अस्पताल की तीसरी मंजिल में मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए भेजा गया था। यहां के डॉक्टर यह कहकर मरीज का इलाज नहीं कर रहे थे कि मामला हड्डी विभाग का है। परेशान होकर परिजनों ने इसकी जानकारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को दी। देवेन्द्र शास्त्री मंत्री श्री शुक्ल के न सिर्फ रिश्तेदार हैं बल्कि करीबी भी बताए जा रहे हैं। जिसके चलते वे आनन-फानन में अस्पताल पहुंच गए और हीलाहवाली पर नाराजगी जताई।

    ये अफसर मौके पर पहुंचे

    मंत्री के पहुंचने की खबर मिलते ही मेडिकल कालेज के डीन डॉ.पीसी द्विवेदी, सुपिं्रटेंडेंट डॉ.एपीएस गहरवार, उप अधीक्षक डॉ.एसके पाठक न सिर्फ मेडिसिन विभाग पहुंच गए बल्कि मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.मनोज इंदुलकर, आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.पीके लखटकिया सहित अन्य डॉक्टरों ने देवेन्द्र शास्त्री का इलाज प्रारंभ कर दिया। जबकि आम मरीज इलाज के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग में भटकता रहता है। कई बार इस तरह की समस्याओं के चलते विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई है और मामला पुलिस तक पहुंचा है।

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    मरीज का इलाज किया जा रहा था। उन्हें बीपी की समस्या आने पर मेडिसिन विभाग में भेजा गया था। इसी बीच उनके घर के सदस्यों ने मंत्री को सूचना दे दी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली है। मरीज का इलाज किया जा रहा है।

    -डॉ.एसके पाठक

    उपअधीक्षक, एसजीएमएच।

    बिना इलाज पांच दिन हड्डी और मेडिसिन विभाग के बीच घुमाया

    अस्पताल पहुंच कर भड़के मंत्री तब जाकर शुरू किया गया इलाज

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