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    यू ट्यूब पर वीडियो देख बदलता था मोबाइल की आईएमईआई

    Published: Wed, 01 Mar 2017 04:03 AM (IST) | Updated: Wed, 01 Mar 2017 05:22 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। क्राइम ब्रांच ने चोरी के मोबाइल की आईएमईआई बदलने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मुखिया मोबाइल व्यापारी है। वह यू ट्यूब पर वीडियो देखकर सॉफ्टवेयर के जरिए आईएमईआई बदलता था। गिरोह में एक आरोपी चोर है। वह महंगे मोबाइल चुराकर आईएमईआई बदलाता था।

    डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक सूचना मिली कि व्यापारी मोबाइल बेचने और रिपेयरिंग की आड़ में बड़े पैमाने पर इंटरनेशनल मोबाइल इक्युपमेंट आईडेंटिटी (आईएमईआई) बदलने का काम कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने एक व्यक्ति को मच्छी बाजार में गुडलक मोबाइल शॉप पर ग्राहक बनाकर भेजा और सैमसंग गैलेक्सी नोट-1 की आईएमईआई बदलने की डील की। इसे संचालक रेहान ने 300 रुपए में बदल दिया।

    घटना की पुष्टि होने पर रेहान (21), भाई सिद्दीक (20) निवासी चंपाबाग सहित वसीम (27) निवासी नॉर्थ हरसिद्धि और गोलू उर्फ शादाब अली (20) निवासी बड़वाली चौकी को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी के मुताबिक रेहान ने बताया उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर आईएमईआई बदलना सीखा है। मोबाइल की कीमत के अनुसार लोगों से रुपए वसूलता था। जेलरोड, सपना-संगीता रोड, सिंधी कॉलोनी क्षेत्र के कई लोग उससे आईएमईआई बदलवाते थे। इसके बदले वह 300 से 3000 रुपए वसूलता था।

    कबाड़ के मोबाइल से बदल देता था आईएमईआई

    रेहान ने बताया वह जेल रोड से टूटे मोबाइल और कबाड़ खरीद लेता था। वसीम मोबाइल चोर है। वह सूने घर व दुकानों से मोबाइल चुराकर लाता था। कबाड़ में खरीदे मोबाइल की आईएमईआई चुराए मोबाइल पर चढ़ा देता था। पुलिस को एक सॉफ्टवेयर भी मिला है। इससे चुराए गए मोबाइल का पूरा डेटा डिलिट हो जाता था। इसी सॉफ्टवेयर से आईएमईआई भी ओवर लेप हो जाती थी। पुलिस को टूटे व ठीक हालत के 70 मोबाइल, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, कनवर्टर, सॉफ्टवेयर, सीपीयू, लैपटॉप, पेन ड्राइव और सीडी बॉक्स मिले हैं।

    आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से गिरोह खतरनाक

    मोबाइल, टैबलेट, यूएसबी मोडेम और वे उपकरण जिसमें सिम (जीएसएम-सीडीएमए नेटवर्क) का उपयोग होता हो, उस डिवाइस में 15 डिजिट का यूनिक नंबर होता है। पुलिस इसी आधार पर मॉडल, मोबाइल नंबर, इंटरनेट व लोकेशन जुटाती है। वारदात के बाद अपराधी या आतंकी मोबाइल की आईएमईआई बदल लें तो पुलिस उसे नहीं पकड़ सकती। एएसपी के मुताबिक यह गिरोह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।

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