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    इंदौर ही है सफाई में नंबर एक का हकदार

    Published: Fri, 08 Dec 2017 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 08 Dec 2017 10:53 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    इंदौर। इंदौर शहर स्वच्छता में नंबर एक का हकदार है। हम सभी राजस्थान जाकर अपने-अपने शहरों में इंदौर की तर्ज पर सफाई प्रणाली लागू करेंगे और यहां की तरह अभियान चलाएंगे।

    यह प्रतिक्रिया गुरुवार को राजस्थान के विभिन्ना निकाय के प्रतिनिधियों ने महापौर मालिनी गौड़ और नगर निगम के अफसरों को दी। राजस्थान के दल के साथ मुंबई स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट और नई दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर के प्रतिनिधियों ने भी इंदौर की सफाई व्यवस्था संबंधी बारीकियां समझीं।

    राजस्थान से आए दल में उदयपुर, जोधपुर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, टोंक, भरतपुर, चुरु, झुंझनु, हिंडोन सिटी, नागौर, विजय नगर, धौलपुर और सीकर समेत अन्य जिलों के अधिकारी शामिल हैं। पहले सभी ने नेहरू पार्क स्थित स्मार्ट सिटी ऑफिस में महापौर से सौजन्य मुलाकात की। राजस्थान के दल ने गुलदस्ता देकर महापौर का अभिनंदन किया। अपर आयुक्त रोहन सक्सेना ने शहर की सफाई व्यवस्था और कार्यप्रणाली की जानकारी प्रेजेंटेशन के जरिए दी। निगम के कंसल्टेंट अरशद वारसी और एनजीओ के श्रीगोपाल जगताप ने मेहमानों की जिज्ञासाएं शांत कीं। महापौर ने उन्हें बताया कि शहर की जनता और जनप्रतिनिधियों में अच्छा समन्वय है। यहां की जनता काफी सहयोगी है और सोच सकारात्मक है। मीडिया ने भी सफाई के लिए जनजागरुकता लाने के बहुत प्रयास किए हैं। घरों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ निगम बड़े संस्थानों से बल्क में कचरा इकट्ठा करता है। शहर में चार पहिया वाहन चालकों के लिए बॉटलनुमा डस्टबिन का वितरण शुरू किया गया है। निगम का प्रयास है कि शहर को साफ और सुंदर बनाने में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए।

    अपर आयुक्त ने बताया कि महापौर की इच्छाशक्ति का परिणाम रहा कि आज इंदौर सफाई में नंबर वन पर है। पहले शहर में जगह-जगह कचरा पेटियां भरी पड़ी रहती थीं। महापौर के निर्देश पर शहर को सबसे पहले कचरा पेटी मुक्त किया गया, जिसे नागरिकों ने सराहा। इसके बाद निगम ने शहर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और कचरे से खाद बनाने का काम किया।

    निगम की टीम ने जनप्रतिनिधियों के साथ शहर को खुले में शौच से मुक्त बनाने का काम किया। सफाई के लिए पर्याप्त संख्या में संसाधन खरीदे गए और रात्रिकालीन सफाई शुरू की गई। शहर के बाजारों और महत्वपूर्ण स्थलों की सफाई के लिए समयबद्ध चार्ट बनाकर काम किया गया। इंदौर को अवैध होर्डिंग और आवारा पशुओं से मुक्त करने का काम भी सख्ती से किया गया।

    दल ने गुरुवार को खजराना गणेश मंदिर में फूल से खाद, ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे से खाद बनाने, गीला-सूखा कचरा अलग करने और एमआर-10 कचरा ट्रांसफर स्टेशन की कार्यप्रणाली समझी। मेहमानों ने इंदौर के सिस्टम की तारीफ की और कहा जब से इंदौर आए हैं कचरा नहीं दिखा। रात में दल सराफा और मुख्य बाजारों की रात्रिकालीन सफाई देखने गया।

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