Naidunia
    Friday, November 24, 2017
    PreviousNext

    स्पोर्ट्स आइकन-मैरी कॉम-2 (कक्षा 6-8 के लिए) : बुलंद हौसले की जीत

    Published: Wed, 15 Nov 2017 11:11 AM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 11:13 AM (IST)
    By: Editorial Team
    victory of courage 15 11 2017

    मीता अपने स्कूल की मुक्केबाजी की टीम में थी। इस खेल के लिए बहुत अधिक अभ्यास की जरूरत होती है। मीता के घर में उसके बाद तीन और छोटे भाई-बहन थे। सबसे बड़ी मीता थी और उसके बाद दो छोटी बहनें भी थीं- सारा और चारू। उसका भाई बहुत छोटा था। भाई के आने के बाद मां बहुत बीमार रहने लगी और रसोई में उनका जाना लगभग बंद हो गया। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली मीता पर घर के सारे काम का बोझ आ गया।

    काम के कारण मीता को घर आने की भी जल्दी रहती। वह स्कूल से जल्दी आकर काम में लग जाती। दूसरी तरफ उसका शौक उसे आवाजें देता रहता। स्कूल के बाद विद्यार्थियों से अलग-अलग खेलों के लिए अभ्यास भी कराया जाता था। एकेडमी में निशुल्क अभ्यास की व्यवस्था थी। उसके स्पोर्ट्स टीचर उसे बहुत प्यार करते और उसे हमेशा ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते। उस साल का 15 अगस्त कुछ खास था।

    उसकी स्पोर्ट्स एकेडमी में मैरी कॉम आ रही थीं। मीता भी उनकी तरह एक सफल मुक्केबाज बनना चाहती थी। उसने मैरी कॉम का संघर्ष पढ़ा था। उसे हमेशा लगता कि जब इतनी परेशानियों के बावजूद मैरी कॉम इतना आगे बढ़ सकती है तो वह क्यों नहीं! 15 अगस्त से दो दिन पहले स्कूल में मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उसमें जीतने वाले को मैरी कॉम के हाथों न केवल पुरस्कार मिलना था, बल्कि जिले की तरफ से उसे आगे प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए भेजा जाना था।

    मीता अपने आदर्श से मिलने का सपना देखने लगी। जब भी मीता, मैरी कॉम की तस्वीर देखती तो श्रद्धा से भर उठती। वह घर का क्या करे? उसे यह तो भरोसा था कि वह जीत जाएगी, मगर घर का काम कैसे हो पाएगा? उसने मां से बात की। 'बेटा, हम तुम्हें इतनी सुविधाएं नहीं दे पाएंगे।' मां ने दुखी मन से कहा। 'मां, मैं कुछ नहीं मांग रही हूं। मैं बस स्कूल के बाद प्रैक्टिस करने का समय मांग रही हूं।

    स्कूल वाले ही सारा सामान देंगे। मैंने बात कर ली है। बस जैसे अभी मैं दो बजे घर आती हूं, प्रैक्टिस के बाद मैं चार बजे तक आया करूंगी!' मीता ने मां से अनुनय भरे शब्दों में याचना की। मीता की मां उस अनुनय की आंच में पिघल रही थीं, लेकिन वह अपनी शारीरिक हालत को भी जानती थीं। उन्हें डॉक्टर ने ज्यादा काम करने के लिए और ज्यादा देर तक बैठने से मना किया था।

    'बेटा, अगर तुम चार बजे तक आओगी, तो तुम्हारी छोटी बहनों को खाना कौन देगा? तुम तो जानती ही हो कि मुझे अभी और आराम चाहिए!' मां ने बेचारगी भरे शब्दों में कहा। मीता दुखी मन से उठी, लेकिन उसके मन में मैरी कॉम के पंच चल रहे थे। उसने हार न मानने का फैसला किया। वह परेशानियों की फिसलती जमीन पर किस तरह और क्यों फिसले?जैसे ही उसने आंखें बंद की, उसकी आंखों में स्कूल के मंच पर वह और मैरी कॉम नजर आए। उसने एकदम से घबरा कर आंखें खोल दी। मां के गले में बाहें डालती हुई बोली- 'मां, मैं शाम को चार बजे ही आऊंगी, लेकिन चिंता मत करो, मैं सभी काम करके जाऊंगी। यहां तक कि रोटी भी सेंककर जाऊंगी। सारा स्कूल से आकर खाना गर्म करके खुद भी खा लेगी और चारू को भी खिला देगी!'

    इस तरह मीता का स्कूल टाइमिंग के बाद अभ्यास शुरू हुआ। वह मुक्केबाजी के लिए कठिन मेहनत करती और घर में भी सभी काम निपटाकर परिवार के सदस्यों को खुश रखने का प्रयत्न करती। वह एक मिनट भी समय बर्बाद नहीं करती। प्रतिस्पर्धा के दिन मीता की आंखें मैरी कॉम की तरह बनने के सपनों से भरी थीं। उसके हर कदम में उसका पंच भरा जा रहा था। जीतने के बाद मैरी कॉम ने जब उसका नाम लेकर पुरस्कार के लिए मंच पर बुलाया, तो स्कूल के खेल मैदान के चारों ओर से मैरी मैरी और मीता-मीता की गूंज सुनाई दे रही थी। मैरी ने उसे गले लगाते हुए सिर्फ इतना कहा-आज सिर्फ तुम्हारे बुलंद हौसले की जीत हुई है। इतना सुनते ही मीता को लगा कि उसका सपना जरूर पूरा होगा।

    - गीताश्री

    कुछ माता-पिता बच्चे से कोई एक गेम अधिक खेलने के लिए कहते हैं, तो कुछ माता-पिता कई तरह के खेलों में बच्चों को व्यस्त करना चाहते हैं। दोनों तरह के विचारों का बच्चों पर उल्टा असर पड़ता है। यदि वे प्रत्येक सप्ताह एक ही खेल खेलते हैं, तो यह फन एक्टिविटी की बजाय नौकरी की तरह ऊबाऊ हो जाता है। खेलों के कई अलग-अलग प्रकार को सीखने में भी बच्चे परेशान हो जाते हैं। एक साल में दो या तीन खेलों को खेलने के लिए ही बच्चों को प्रोत्साहित करें। इससे वे खेल की बारीकियों को समझ सकेंगे। फिर बड़े होने पर रुचि के आधार पर वे किसी खास खेल का चुनाव कर पाएंगे। - सोनिया पुआर, मनोचिकित्सक

    अभ्यास प्रश्न

    1 मीता को घर के काम क्यों करने पड़ते थे?

    2 उसके लिए कौन प्रेरणास्रोत था?

    3 उसे कब लगा कि उसके सपने पूरे हो सकते हैं?

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें