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    छह फ्लायओवर के लिए 300 करोड़ की जरूरत

    Published: Mon, 19 Jun 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Mon, 19 Jun 2017 03:58 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - आईडीए ने कराए सर्वे, पैसा सरकार से मांगा, तीन फ्लायओवर पीडब्ल्यूडी के जिम्मे

    इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए शहर के छह चौराहों पर फ्लायओवर की जरूरत है। इसके लिए आईडीए ने सर्वे भी करा लिया है। 300 करोड़ रुपए इन पर खर्च होना है, लेकिन इतना पैसा आईडीए के पास नहीं है। ऐसे में तीन फ्लायओवर के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपने की तैयारी है, जबकि बचे तीन आईडीए बनाएगा। उसके लिए भी सरकार से राशि मांगी जाएगी। यदि केंद्र सरकार बीआरटीएस पर एलिवेटेड रोड नहीं बनाती है तो फिर फ्लायओवर 6 की बजाय 9 बनाना होंगे।

    देश के ज्यादातर बड़े शहरों में फ्लायओवर, आरओबी और एलिवेटेड रोड के निर्माण पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी बीते दिनों बैठक में संबंधित विभागों को प्लान बनाने को कहा है। आईडीए ने तो एलआईजी तिराहे से शिवाजी वाटिका तक एलिवेटेड रोड बनाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी है। इसके अलावा अन्य छह स्थानों पर फ्लायओवर बनााने के लिए सर्वे कराया है। इसमें भंवरकुआं चौराहा, खजराना चौराहा, विजय नगर चौराहा, टावर चौराहा, भौंरासला और मूसाखेड़ी चौराहा पर फ्लायओवर बनना प्रस्तावित है। मूसाखेड़ी की रिपोर्ट तो तैयार है। पिछली बोर्ड बैठक में यह भी तय हुआ था कि लोक निर्माण विभाग के पास ब्रिज निर्माण के लिए बजट रहता है। ऐसे में आईडीए विभाग को अन्य ब्रिजों को बनाने की जिम्मेदारी दे। इस पर सदस्यों में सहमति भी हो चुकी है। पहले प्लानिंग में महूनाका चौराहा भी शामिल था, लेकिन वहां के लिए नगर निगम ने एलिवेटेड रोड की प्लानिंग की है।

    शहर में सबसे ज्यादा ब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाए

    शहर में अभी तक 14 आरओबी और फ्लायओवर हैं। इनमें से छह ब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाए हैं। 20 साल पहले तक शहर में सिर्फ पटेल और शास्त्री ब्रिज ही थे। 90 के दशक में राजकुमार ब्रिज बनना शुरू हुआ था। बाद में तेजी से ब्रिज बनने लगे और सबसे ज्यादा पांच ब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाए और छठे का निर्माण जारी है। आईडीए ने शहर में चार ब्रिज बनाए हैं, जिसमें प्रदेश का पहला आठ लेन ब्रिज सुपर कॉरिडोर पर बनाया गया है। नगर निगम ने शहर में सिर्फ पलसीकर ब्रिज बनाया है, जबकि अन्य ब्रिजों में अंशदान दिया है।

    बंगाली और मूसाखेड़ी चौराहे पर ज्यादा फोकस

    बंगाली और मूसाखेड़ी चौराहे पर सुबह और शाम के समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। मूसाखेड़ी चौराहे पर आईडीए इसी वर्ष ब्रिज बनाने का काम शुरू करेगा, जबकि बंगाली चौराहे पर फ्लायओवर के लिए सरकार ने निर्माण की मंजूरी दे दी है। शहर के व्यस्त विजय नगर और शिवाजी वाटिका चौराहे पर आईडीए अंडरपास बनाएगा। शिवाजी वाटिका ब्रिज के लिए टेंडर हो चुके हैं। दोनों के निर्माण पर 100 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

    राशि मिलेगी तो शुरू हो जाएगा काम

    ट्रैफिक का दबाव कई सर्कल पर बढ़ चुका है। अब फ्लायओवर की जरूरत है। हमने छह ब्रिज का सर्वे कराया है। तीन सौ करोड़ रुपए की जरूरत निर्माण के लिए होगी। सरकार से भी राशि मांगी है। पैसा मिलते ही निर्माण शुरू होगा। शिवाजी वाटिका अंडरपास का काम तो जल्दी ही नजर आने लगेगा।

    - शंकर लालवानी

    अध्यक्ष, आईडीए

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