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    प्रदेश की यूनिवर्सिटीज तीन महीने में भी नहीं दे रहीं रिजल्ट, सीएम तक पहुंची शिकायतें

    Published: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST)
    By: Editorial Team

    आईनेक्स्ट-1-1- प्रदेश की यूनिवर्सिटीज तीन महीने में भी नहीं दे रहीं रिजल्ट, सीएम तक पहुंची शिकायतें

    * मुख्यमंत्री के पास रिजल्ट की शिकायत पहुंचने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

    * देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में पिछले पांच साल से ज्यादातर कोर्सेस के रिजल्ट तीन से चार महीने लेट जारी हो रहे हैं

    प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में रिजल्ट लेट होने की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंच गई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आईनेक्स्ट ने यूनिवर्सिटी की व्यवस्थाओं को जानने की कोशिश की तो पता लगा कि देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी सहित प्रदेशभर की अन्य छह यूनिवर्सिटी रिजल्ट समय पर जारी नहीं कर पा रही हैं। सामान्य कोर्सेस के रिजल्ट तीन से चार महीने लेट हो रहे हैं, वहीं रिवैल्यूएशन के रिजल्ट में तो छह महीने तक लग रहे हैं।

    आईनेक्स्ट रिपोर्टर. इंदौर- 9826022779

    सेमेस्टर सिस्टम के बाद से प्रदेशभर की यूनिवर्सिटी का परीक्षा और रिजल्ट का शेड्यूल बिगड़ गया है। बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे कोर्सेस जिसमें हर छह महीने में परीक्षा हो रही है, उनके रिजल्ट निकालने में भी चार महीने तक लगाए जा रहे हैं। इस बारे में यूनिवर्सिटीज की दलील है कि स्टॉफ की कमी के कारण काम धीमे हो रहा है। हालांकि छात्रों को यूनिवर्सिटी की परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है। छात्र लगातार परेशान हो रहे हैं।

    सीएम हेल्पलाइन में 300 से ज्यादा शिकायतें

    प्रदेश की यूनिवर्सिटी के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायतों की संख्या काफी ज्यादा हो गई है। पिछले एक साल में 300 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। सीएम हेल्पलाइन से इन्हें यूनिवर्सिटी को ट्रांसफर किया जा रहा है, लेकिन यूनिवर्सिटी में भी छात्रों को राहत नहीं मिल रही। काफी परेशान होने के बाद कुछ छात्रों के पैनल ने मुख्यमंत्री को इस समस्या के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    सबसे ज्यादा शिकायतें इंदौर यूनिवर्सिटी से

    प्रदेश की सात यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा शिकायतें शहर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की हैं। एक साल में 100 से ज्यादा शिकायतें हुई हैं। ज्यादातर में रिजल्ट की समस्या सामने आई है। कई छात्र यूनिवर्सिटी द्वारा चेक की जा रही कॉपी सिस्टम से भी संतुष्ट नहीं हैं। इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि जब कुछ छात्रों ने कम मार्क्स मिलने पर कॉपी देखने के लिए चैलेंजिंग फॉर्म भरा और अपनी कॉपी देखी तो पता लगा कॉपी चेक करने वालों ने रि-टोटलिंग तक में चूक कर दी। जिन छात्रों को किसी विषय में 65 नंबर मिल रहे थे, उन्हें 40 नंबर ही दिए गए। सूचना के अधिकार के तहत यूनिवर्सिटी से छात्रों ने कॉपी भी निकलवाई है। इसमें भी यूनिवर्सिटी के सिस्टम की गलती सामने आ चुकी है।

    इसलिए सेमेस्टर सिस्टम बंद करना चाह रहे

    भोपाल में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री के साथ यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के बीच हुई समीक्षा बैठक में सेमेस्टर सिस्टम पर बात हुई। सरकार वार्षिक सिस्टम प्रदेश में लागू करने जा रही है। यूनिवर्सिटी और संस्थानों को पता है कि सेमेस्टर सिस्टम ही बेहतर है, लेकिन अधिकारियों के सामने यूनिवर्सिटी के अधिकारी कुछ बोल नहीं पा रहे। मंत्री और मुख्यमंत्री तक शिकायतें पहुंचने के बाद सेमेस्टर सिस्टम की जगह वार्षिक प्रक्रिया पर जोर दिया जाने लगा है।

    उच्च शिक्षा विभाग भी हुआ सख्त

    उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आशीष उपाध्याय का कहना है कि लेट रिजल्ट और परीक्षाओं के कारण ही सेमेस्टर सिस्टम की जगह वार्षिक सिस्टम को लागू किया जा रहा है। हालांकि शहर के शिक्षाविदों का कहना है कि कोई भी बेहतर सिस्टम को बंद करने से अच्छा है कि इसमें सुधार किया जाए। अगर स्टॉफ की कमी से रिजल्ट लेट या खराब आ रहे हैं तो इसका रास्ता निकाला जाना चाहिए।

    प्रदेश की कुछ यूनिवर्सिटी में रिजल्ट लेट जारी हो रहे हैं। इसकी समीक्षा करने पर पता लगा कि सेमेस्टर सिस्टम को बेहतर तरीके से लागू करने में यूनिवर्सिटीज फेल रही हैं। अब रिजल्ट लेट जारी करने वाली यूनिवर्सिटी को इसका लिखित में कारण बताना होगा। गंभीर शिकायत आने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    - आशीष उपाध्याय, प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग

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