Naidunia
    Wednesday, July 26, 2017
    PreviousNext

    भारत में ठगी करके उन्हीं पैसों से जासूसी करवा रही है आईएसआई

    Published: Fri, 17 Feb 2017 02:34 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 02:35 PM (IST)
    By: Editorial Team

    भोपाल, ब्यूरो। आईएसआई एजेंट व हैंडलर भारत में ऑनलाइन फ्रॉड व ठगी का रैकेट चला उससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल जासूसी में कर रहे हैं। मप्र में आईएसआई नेटवर्क की जड़े तलाश रही एमपी एटीएस व केंद्रीय जांच एजेंसी आईबी को अब तक की पड़ताल में ये बात सामने आई है। पिछले दो सालों में बलराम को जो तीन करोड़ रुपए पाकिस्तानी हैंडलर्स ने पहुंचाए हैं वो भी इसी तरीके से कमाया गया था।

    जो टेलिफोन एक्सचेंज चलाए जा रहे थे उनके जरिए ठगी के काम को अंजाम दिया जा रहा था। फर्जी एक्सचेंज चलाने के लिए 25 से 30 हजार रुपए हर महीने दिए जाते थे इसके अलावा एक्सचेंज के जरिए ठगी गई राशि का 10 से 15 प्रतिशत कमीशन भी इन्हें चलाने वालों को देने की बात सामने आई है। पड़ताल में बलराम के 150 ज्यादा बैंक खाते होने का भी खुलासा हुआ है । बुधवार को रिमांड पर लिए गए बलराम के अन्य साथी राजीव ऊर्फ रज्जन से पूछताछ में कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    दो बड़े राज्यों से जुड़े तार

    सूत्रों की माने तो मप्र में संचालित हो रहे आईएसआई नेटवर्क को बड़े राज्यों से फंडिंग चल रही थी । सूत्र बताते है एजेंसियों ने इन राज्यों में संदिग्धों की तलाश में दबिश दे दी है। बताया यह भी जा रहा है कि पूरी डील राजीव के जरिए होती थी।

    एफआईआर के बाद भी कॉल, पुलिस कुछ नहीं कर पा रही

    भोपाल के एक युवक ने इसी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड व लॉटरी के फेर में पड़कर करीब दो लाख रुपए गंवा दिए। मामले की शिकायत सायबर थाने में छह महीने पहले की गई थी लेकिन आज तक पुलिस ठगों को नहीं पकड़ पाई है, जबकि जिन टेलिफोन नंबरों से युवक को मोबाइल और कार जीतने का लालच दिया गया था वो सभी नंबर सायबर पुलिस को दिए गए थे। युवक को मोबाइल और इंटरनेट कॉल आते थे। दिलचस्प बात यह है कि मामले की एफआईआर होने के बाद भी कॉल लगातार आ रहे हैं और इस बात की सूचना सायबर थाने को देने के बाद भी पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी