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    पतियों की गोद में दुधमुंहे बच्चे, पत्नियां ले रही ट्रेनिंग

    Published: Tue, 16 May 2017 01:50 AM (IST) | Updated: Tue, 16 May 2017 03:56 PM (IST)
    By: Editorial Team
    women teachers traning jbp 2017516 152831 16 05 2017

    जबलपुर। जून से शुरू हो रहे सरकारी स्कूलों के नए शिक्षण सत्र में इस बार कक्षा पहली से सातवीं तक और 9वीं व 11वीं में एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्) का सिलेबस पढ़ाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को मॉडल, एमएलबी और रानी दुर्गावती गढ़ा स्कूल में ट्रेनिंग दी जा रही है।

    यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। पहले चरण में जबलपुर और शहडोल संभाग के 8 जिलों के करीब 215 महिला-पुरुष शिक्षकों को 5-5 दिनों की ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया है। ये सभी शिक्षक विज्ञान और गणित विषय के हैं।

    ट्रेनिंग के लिए उन महिला शिक्षकों को भी बुलाया गया है, जिनके बच्चों को एक साल भी पूरा नहीं हुआ है। ट्रेनिंग की मजबूरी को देखते हुए महिला शिक्षक बच्चों की देखभाल के लिए अपने पतियों को भी साथ लेकर आई हैं। मॉडल स्कूल में पहले दिन नजारा ये रहा कि महिला शिक्षक क्लास रूम में ट्रेनिंग ले रही थीं और उनके पति आवासीय कमरों में बच्चे संभाल रहे थे।

    दूसरे जिलों से आए

    - विजयराघवगढ़ से आई एक महिला टीचर की बेटी को एक साल भी पूरा नहीं हुआ। बावजूद इसके उन्हें एनसीईआरटी की ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया है।

    - कटनी से आई एक महिला शिक्षक भी अपने पति और बच्चों को साथ ट्रेनिंग लेने पहुंची हैं।

    - शिक्षकों के रुकने, खाने और सोने के लिए मॉडल, एमएलबी और रानी दुर्गावती स्कूल में ही व्यवस्था की गई है।

    12 शिक्षक रहे गायब

    - पहले चरण में 15 से 19 मई तक चलने वाली ट्रेनिंग के पहले ही दिन जिले के 12 शिक्षक गायब रहे।

    - जबलपुर संभाग और शहडोल संभाग के 90-90 शिक्षकों को बुलाया गया।

    - शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी ली जा रही है। यह जानकारी भोपाल भेजी जा रही है।

    1776 शिक्षक होंगे ट्रेंड

    - 15 से 30 जून तक 9वीं-11वीं के गणित, विज्ञान के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

    - 2 संभाग के 8 जिलों के कुल 1776 शिक्षकों को किया जाएगा ट्रेंड।

    - मॉडल, एमएलबी, रानी दुर्गावती स्कूल में 90-90 शिक्षकों के बैच को 5-5 दिन की दी जाएगी ट्रेनिंग।

    अब सीख कर पढ़ेंगे

    - शिक्षकों को एनसीईआरटी कोर्स की ट्रेनिंग दे रहे जिले के 24 शिक्षकों की गत दिनों भोपाल में परीक्षा और इंटरव्यू हुए थे। दोनों में पास होकर अब यही दूसरे शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनकर ट्रेनिंग दे रहे।

    - मास्टर ट्रेनरों की मानें तो अभी तक सरकारी स्कूलों में जो पढ़ाई का पैटर्न था उसके तहत बच्चे रट्टा मारकर पढ़ते और पास होते थे। लेकिन अब बच्चों को रट्टा मारने की जगह सीखने और समझने की कला बताकर उनका बौद्घिक विकास किया जाएगा।

    छपकर आ रहीं किताबें

    सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने के लिए ये छपकर आ चुकी हैं। मप्र पाठ्य पुस्तक निगम के संभागीय डिपो प्रबंधक बीएस देवड़ा ने बताया कि विषय के हिसाब से एनसीईआरटी और पाठ्यपुस्तक निगम की किताबें भी छप कर डिपो पहुंच रही हैं।

    एनसीईआरटी का ऐसा रहेगा कोर्स

    इस साल - (2017-18)

    - कक्षा 1 से 7 - गणित, विज्ञान, पर्यावरण

    - 9वीं से 11वीं - गणित, विज्ञान, कामर्स

    अगले साल (2018-19)

    - 8वीं व 10वीं-12वीं - गणित, विज्ञान, कॉमर्स

    नए सत्र से 9वीं-11वीं में गणित और विज्ञान विषय में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराई जाएगी। कक्षा पहली से सातवीं के शिक्षकों को भी ट्रेनिंग देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मनीष वर्मा, संयुक्त संचालक

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