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    प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्र में खुलेंगे गोवंश वन विहार

    Published: Sun, 16 Jul 2017 08:43 PM (IST) | Updated: Mon, 17 Jul 2017 11:47 AM (IST)
    By: Editorial Team
    swami akhileshwaranand jabalpur mp 2017717 114711 16 07 2017

    जबलपुर। प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश को बचाने के लिए गोवंश वन विहार खोले जाएंगे। वहीं गोशालाओं का विकास करने मनरेगा के फंड की मदद भी मिलेगी।

    आगर मालवा में कामधेनु गो अभयारण्य की सफलता के बाद ये निर्णय प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मप्र गोसंवर्धन बोर्ड की कार्यपरिषद बैठक में लिया गया। ये जानकारी बोर्ड अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज ने पत्रकारवार्ता के दौरान दी। उन्होंने कई निर्णयों से अवगत कराया। जो गोवंश के संवर्धन के लिए लिये गए हैं। वार्ता में समन्वय सेवा केंद्र के कैलाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

    नरसिंहपुर से शुरुआत, जिले में 600 एकड़

    - बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा गोवंश मध्यप्रदेश में ही है। लेकिन पिछले कुछ साल में इनकी संख्या घटते जा रही है। बेसहारा और सड़को पर छोड़ दिये जाने वाले गोवंश की रक्षा के लिए सीएम के सामने बोर्ड की कार्यपरिषद ने सुझाव रखे।

    - ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 100 एकड़ तक की भूमि को सुरक्षित किया जाएगा। ऐसी भूमि को चिन्िहत किया जा रहा है, जो वनक्षेत्र से लगी होगी।

    - नरसिंहपुर में दो से ज्यादा जगह चिन्िहत कर ली गई है। यहां जल्द ही काम भी शुरू कर दिया जाएगा।

    - इसके अलावा जिले में 600 एकड़ भूमि को सुरक्षित करने का प्लान भी बनाया गया है।

    विदेशी वैज्ञानिक बताएंगे देश की गाय पर हुए शोध

    - अक्टूबर और नवंबर माह में सात देशों के वैज्ञानिकों द्वारा देश की गायों पर हुए शोध को पेश करने सम्मेलन का आयोजन भोपाल में आयोजित होने वाला है। जिसमें बताया जाएगा कि विदेशी गायों की अपेक्षा हमारे देश की देशी गायों के दूध, गोबर और मूत्र में कितने फायदे हैं।

    विभाग भी देंगे गोशाला के लिए फंड

    - कार्यपरिषद की बैठक में बोर्ड का बजट 20 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ कर दिया गया है। वहीं बोर्ड से जुड़े 8 विभागों ने भी अपनी योजनाओं को गोवंश बचाने में बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

    - मनरेगा के तहत, ग्रामीण विकास विभाग, गृह विभाग भी मदद को तैयार हुआ है।

    गोचर भूमि विकास मिशन बनेगा

    - प्रदेश के सभी जिलों में निकाय चुनाव से पहले गांवों को शहर में मिलाने परिसीमन किया गया। जो गांव शहर में आए, उनके पास पहले से चरनोई की भूमि भी है। इस भूमि का उपयोग गोवंश बचाने के लिए किया जाएगा। इसके लिए मप्र गोचर भूमि विकास मिशन की स्थापना की जा रही है।

    रिसर्च के लिए मदद

    - नानाजी देशमुख वेटनरी विवि में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की उपाधि के लिए छात्रों को गोवंश से जुड़े रिसर्च में तीन साल की छात्रवृत्ति दी जाएगी। ये निर्णय भी लिया गया है।

    सांसद, विधायक करें मदद

    -बोर्ड अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज ने प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों से गोशालाओं के विकास व गोवंश की रक्षा के लिए अपनी विधायक व सांसद निधि से कुछ हिस्सा देने की अपील की है। हालांकि, अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र भी भेजे थे। चुनिंदा विधायक व सांसदो ने ही उनकी अपील को स्वीकार किया।

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