Naidunia
    Monday, October 23, 2017
    PreviousNext

    बैंक प्रबंधन ने 54 माह में नहीं किया समझौता

    Published: Sat, 20 May 2017 01:15 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 01:15 AM (IST)
    By: Editorial Team

    जबलपुर। आईडीबीआई बैंक प्रबंधन ने लगभग 54 माह बीतने के बाद भी नए वेतनमान को लेकर कोई समझौता नहीं किया। बैंक के अधिकारी, कर्मचारी इसका डटकर विरोध करेंगे। निजी बैंक की राइटटाउन स्थित मुख्य शाखा के सामने शुक्रवार की शाम 6.30 बजे प्रदर्शन में यह विचार बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों ने व्यक्त किए।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एण्ड एम्पलाइज मप्र के नेतृत्व में यहां गेट डेमोन्स्ट्रेशन और कैंडल मार्च किया गया। प्रदर्शन में जबलपुर सहित आस-पास के जिलों से आए निजी बैंक के कर्मचारी, अधिकारी मौजूद रहे। इस प्रदर्शन सभा में एआईबीओए के सदस्य संजय खरे और डीडी अहिरवार ने कहा कि बैंकिंग परिदृश्य पर एनपीए, मर्जर के काले बादल मंडरा रहे हैं। बेसल कमेटी की बैंकिंग सुधार के सुझावों के अनुसार बैंकों की पूंजी को मजबूत करने सरकार की आनाकानी और एनपीए से बदहाल बैंकिंग उद्योग के टर्न अराउंड के लिए अधिकारी कर्मचारी संगठनों पर दबाव डाला जा रहा है। जबकि एनपीए की मुख्य वजह कार्पोरेट जगत द्वारा ऋण नहीं चुकाया जाना है।

    देशव्यापी हड़ताल 23 को

    आईडीबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चन्दर कुमार सन्तानी ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों, रिजर्व बैंक, नाबॉर्ड, सिडबी का नया वेतनमान समझौता हो चुका है। वहीं आईडीबीआई प्रबंधन ने साढ़े 4 साल बाद भी समझौता नहीं किया। प्रबंधन की नीतियों के विरोध में 23 मई को अखिल भारतीय हड़ताल की जाएगी। इसी दिन निजी बैंक के सभी कार्यालय, एटीएम बंद रहेंगे।

    और जानें :  # jabalpur # news
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें