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    डॉक्टर बनने के सिर्फ तीन मौके, चाहे जो हो उम्र

    Published: Wed, 19 Apr 2017 12:31 AM (IST) | Updated: Wed, 19 Apr 2017 11:54 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    जबलपुर। डॉक्टरी की पढ़ाई का सपना आप किसी भी उम्र में पूरा कर सकेंगे, शर्त सिर्फ इतनी है कि आपको अपना लक्ष्य सिर्फ तीन अटेंप्ट में पूरा करना होगा। ये नया बदलाव नेशनल एलिजिबिटी टेस्ट (नीट) ने किया है। वहीं प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स की कमी को दूर करने के लिए सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है। जबलपुर में अब 250 स्टूडेंट्स दाखिला ले पाएंगे। पहले ये संख्या 150 थी।

    इसलिए आया बदलाव

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1700 व्यक्तियों पर एक डॉक्टर है। देश में डॉक्टर्स की कमी देखी गई है। इस आंकड़े को कम करके 1000 व्यक्तियों के बीच 1 डॉक्टर को करने का लक्ष्य है।

    ये हैं मुख्य बदलाव

    - नीट परीक्षा के लिए सिर्फ तीन मौके दिए जाएंगे। इससे पहले 17-25 वर्ष तक हर साल इस परीक्षा को दिया जा सकता था।

    - नीट परीक्षा में अब 25 वर्ष से अधिक आयु के भी प्रतिभागी बैठ सकेंगे।

    ये होंगे फायदे

    - नीट परीक्षा में आयु सीमा का बंधन हटाने से उन लोगों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा जो ओवरएज हो गए थे।

    - परीक्षा में हुए बदवाल से डॉक्टर्स की संख्या में इजाफा होगा। सीटें बढ़ेंगी अधिक लोगों को परीक्षा देने का मौका मिल सकेगा।

    - शहर के मेडिकल कॉलेज की 100 सीटें बढ़ीं हैं। प्रदेश में दो नए मेडिकल कॉलेज इसी सेशन से शुरू होने जा रहे हैं।

    प्रतिभागियों की संख्या होगी कम

    परीक्षा में हुए बदलाव का एक पहलू यह भी है कि आगे जाकर प्रतिभागियों का नीट के प्रति रुझान कम होगा। अटेंप्ट कम होने से ये परिवर्तन देखने को मिलेगा।

    सुनील चौरसिया, एक्सपर्ट

    डॉक्टर्स की संख्या बढ़ेगी

    नीट में हुए बदलावों से अब ज्यादा लोगों को मौका मिल पाएगा। जिससे डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट आने के बाद का लक्ष्य 1000 व्यक्तियों में 1 डॉक्टर होना पूरा हो सकेगा।

    निशांत पाराशर, एक्सपर्ट

    अच्छा फैसला

    नीट में आयु सीमा का बंधन समाप्त करना अच्छा फैसला है। मेडिकल कॉलेज में हाल ही में 100 सीटों का इजाफा किया गया है। इससे अच्छे अवसर मिलेंगे प्रतिभागियों को। साथ ही प्रदेश में दो नए मेडिकल कॉलेज खुलने से भी स्टूडेंट्स का डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सकेगा।

    डॉ.आरएस शर्मा, कुलपति, मेडिकल कॉलेज

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