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    ट्रकों की स्पीड पर नहीं सरकारी कंट्रोल, दौड़ते रहेंगे 80 की रफ्तार से

    Published: Fri, 02 Dec 2016 01:19 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 01:19 AM (IST)
    By: Editorial Team

    जबलपुर। भारी-भरकम ट्रक शहर, देहात, हाइवे पर 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ते रहेंगे, क्योंकि इनकी रफ्तार पर सरकारी कंट्रोल नहीं है। सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग ने 1 अक्टूबर 2015 से पहले वाले कमर्शियल वाहनों में स्पीड गर्वनर लगाना 1 नवंबर से अनिवार्य कर दिया है, लेकिन एम्बुलेंस, अग्निशमन यंत्र के साथ ही ट्रकों में स्पीड गर्वनर लगाने से छूट दे दी गई है। स्पीड गर्वनर के दायरे में स्कूल बस, यात्री बस, डम्पर, टैंकर, लोडिंग वाहन और 8 सीटर छोटे वाहनों को ही रखा गया है। वहीं जिन कमर्शियल वाहनों में स्पीड गर्वनर अनिवार्य किया गया है वे भी परिववहन विभाग में मान्य किए गए 4 कंपनियों द्वारा सत्यापित स्पीड गर्वनर की जगह लोकल कंपनी के स्पीड गर्वनर लगवा कर फिटनेस की औपचारिकता निभा रहे।

    इसलिए मिली है ट्रकों को छूट

    - परिवहन विभाग की मानें तो ट्रक बनाने वाली कंपनियों ने साफ किया है कि ऐसी कोई कंपनी नहीं है जिसने 80 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से चलने वाले ट्रक बनाए हो। सभी ट्रकों की चाल 80 किमी प्रतिघंटा ही है। लिहाजा परिवहन विभाग ने स्पीड गर्वनर के दायरे में ट्रकों को शमिल नहीं किया है।

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    इनमें जरूरी है स्पीड गर्वनर, लिमिट भी तय

    वाहन - स्पीड लिमिट प्रतिघंटा

    स्कूल बस - 60 किमी

    डम्पर - 60 किमी

    टैंकर -60 किमी

    यात्री बस -80 किमी

    8सीट वाहन - 80 किमी

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    आरटीओ में ये खेल भी हो रहा

    - परिवहन विभाग ने आरटीओ में चार कंपनियों द्वारा सत्यापित स्पीड गर्वनर ही मान्य किए हैं, लेकिन आरटीओ कार्यालय में पैसे की बचत के लिए एजेंटों की साठगांठ से लोकल कंपनियों के स्पीड गर्वनर लगवाकर फिटनेस का खेल खेला जा रहा है। कंपनी द्वारा सत्यापित स्पीड गर्वनर की कीमत साढ़े 4 से 5 हजार रुपए तक है। जबकि लोकल कंपनी के स्पीड गर्वनर 2.5 हजार से 3 हजार रुपए तक मिल रहे हैं।

    - इनके द्वारा सत्यापित स्पीड गर्वनर ही मान्य

    ऑटोमेटिव रिसर्स ऑफ इंडिया, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड टेक्नालॉजी, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमेटिव टेक्नालॉजी, व्हीकल रिसर्च एंड डेवलमेंट इस्टेबिल इमेंट द्वारा सत्यापित स्पीड गर्वनर ही आरटीओ में मान्य किए गए हैं।

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    बिना स्पीड गर्वनर के वाहनों का फिटनेस नहीं किया जा रहा। कंपनियों द्वारा सत्यापित स्पीड गर्वनर मान्य होंगे। ट्रकों को स्पीड गर्वनर के दायरे में नहीं रखा गया है।

    -विक्रम राठौर, एआरटीओ

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