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    पीक टाइम में भाजपा को दी पैदल मार्च की अनुमति, दो घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसे लोग, पुलिस नदारद

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:06 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:06 AM (IST)
    By: Editorial Team

    भोपाल नवदुनिया प्रतिनिधि

    बोर्ड ऑफिस पर शुक्रवार को भाजपा को पीक टाइम में पैदल मार्च की अनुमति हजारों लोगों पर भारी पड़ गई। बगैर इंतजाम के निकाले गए मार्च के चलते एमपी नगर और आसपास के क्षेत्रों में लोग दो घंटे तक जाम में फंसे रहे। जो जहां था वहीं थम गया। पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी के निकले लोग खाली हाथ घर लौटे। दफ्तर से घर पहुंचने में ही दो से तीन घंटे लग गए। लिहाजा, अधिकांश लोग खरीदारी ही नहीं कर पाए। इतना सब होने के बादी भी ट्रैफिक पुलिस के जवान चौराहों से नदारद रहे।

    शाम पांच बजे से बीजेपी का कार्यक्रम बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पुलिस चौकी के पास आयोजित था। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी एकत्रित हुए। पुलिस व्यवस्था को संभाल नहीं पाई और वाहनों की लंबी कतारें लग गई। राहगीर घंटों जाम में फंसे रहे। जो लोग दिवाली की खरीदारी करने जा रहे थे वे भी बाजार नहीं पहुंच पाए। लोगों में अव्यवस्था को लेकर जमकर नाराजगी रही। हालात यह थे कि मेन रोड ही नहीं, एमपी नगर के अंदर की सड़कों पर भी वाहन फंसे हुए थे। रेंग-रेंग का वाहन आगे बढ़ रहे थे। लोग पसीन-पसीना हो रहे थे और इस अव्यवस्था के लिए पुलिस को कोस रहे थे।

    डेढ़ किमी लंबा जाम

    एमपी नगर में बोर्ड ऑफिस चौराहे से चेतक ब्रिज तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम रहा। जब लोग जाम में फंस गए तो वे एमपी नगर के भीतर से जाने लगे। यहां भी जाम लग गया। रचना नगर अंडर ब्रिज पर धूल और धुएं के बीच लोग फंसे रहे। स्थिति यह थी कि पैदल लोग भी जाम के कारण निकल नहीं पा रहे थे। वाहनों की तो बात ही दूर की है।

    पुलिस की चौपट व्यवस्था

    एक घंटे से भी ज्यादा देर से जाम में फंसे भेल निवासी सुरेश पाठक ने बताया कि पुलिस केवल भाजपा के कार्यक्रम में ही तैनात रही। बाकी सब जगह से यह नदारद थी। उन्होंने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि रात में जगह-जगह चालान काटने के लिए तो पुलिस खड़ी रहती है लेकिन जाम खुलवाने के समय गायब हो गई। रचना नगर अंडर ब्रिज पर जाम में फंसे आशु सिंह ने कहा कि पुलिस केवल दिखवा करती है। जब मौका होता है तो नदारद हो जाती है। लोग परेशान होते हैं तो होते रहें।

    खरीदारी के समय कार्यक्रम

    जाम में फंसे लोगों ने बीजेपी के आयोजन पर भी सवाल उठाए। जाम में फंसे अशोका गार्डन निवासी इब्राहिम अली ने कहा कि बीजेपी को भी शाम को ही कार्यक्रम आयोजित करना था। इस वक्त लोग ऑफिस से घरों की ओर जाते हैं। इसी समय जाम भी लग गया। जो आदमी छह बजे घर पहुंचता है वह करीब दो घंटे देर से पहुंचेगा। मुकुंद कुमार ने बताया कि वे बच्चों को कपड़े दिलवाने जा रहे थे लेकिन जाम में ही बहुत देर से फंसे हुए हैं। बच्चे भी बहुत थक गए इसलिए वे वापस घर लौटेंगे।

    यहां लगा जाम

    - एमपी नगर के चारों ओर

    - बोर्ड ऑफिस से चेतक ब्रिज

    - रचना नगर अंडर ब्रिज

    - प्रगति पेट्रोल पंप रोड

    - डीबी सिटी, भोपाल हाट से पर्यावास भवन

    - डीबी सिटी से प्रेस कॉम्पलेक्स

    - सुभाष नगर अंडर ब्रिज के आसपास का क्षेत्र

    मैं पिछले एक-डेढ़ घंटे से जाम में फंसा हूं। सब लोग बहुत परेशान हैं। जिस रास्ते से जा रहा हूं वहीं जाम मिल रहा है। सारी सड़कों पर वाहन फंसे हैं।

    - सूरज, वाहन चालक

    मैं काफी देर से जाम में फंसा रहा। जब यह बहुत देर लगा रहा तो मैंने अपनी बाइक साइड में खड़ी कर दी। लोग बहुत परेशान हो रहे हैं।

    - नीतेश राजपूत

    बहुत लंबा जाम है। काफी देर से फंसा हूं। जहां जाना था वहां भी नहीं पहुंच पाया। पूरा चेतक ब्रिज जाम है। लोग आ-जा नहीं पा रहे।

    - वेदांत यादव

    ट्रैफिक जाम पर ,ट्रैफिक डीएसपी एमपीनगर से सीधी बात

    एमपीनगर सक्रिल डीएसपी ट्रैफिक - सुशील तिवारी से सीधी बात

    सवाल- शुक्रवार को एमपीनगर बोर्ड आफिस और उसके आसपास जाम स्थित बन गई, लोगों को काफी परेशानी हुई?

    जवाब- एक राजनीतिक कार्यक्रम था, जिस कारण से लोगों को आवागमन में असुविधा हुई है, जाम जैसी स्थिति नहीं बन पाई थी।

    सवाल- राजनैतिक कार्यक्रम पहले से निर्धारित रहा होगा, ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को असुविधा से बचाने इंतजाम क्यों नहीं किए? जवान ड्यूटी पर क्यों नहीं थे?

    जवाब - कार्यक्रम को देखते हुए, आम दिनों से ज्यादा ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को प्वाइंट पर तैनात किया गया था। जिस समय लोगों को परेशानी हुई है, उसका समय ट्रैफिक का दबाव अधिक हो गया था, उसी समय मंत्रालय के कर्मचारियों का भी निकलना शुरू हुए थे।

    सवाल- रैली की परमिशन क्यों दी गई?

    जवाब - रैली की अनुमति प्रशासन ने दी थी। उस मामले में एसडीएम उचित जबाव दे सकते हैं। उनके द्वारा ही इस राजनीतिक कार्यक्रम को अनुमति प्रदान की जाती है।

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    सर्विस रोड पर रैली निकाली थी। जिला प्रशासन को रैली की जानकारी दी गई थी। भीड़ ज्यादा हो गई, इसलिए जाम लग गया। प्रजातंत्र में विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है।

    -सुरेंद्रनाथ सिंह, विधायक व भाजपा जिलाध्यक्ष

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