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    2 हजार वेतन में भरण-पोषण करने में आ रही परेशानियां

    Published: Thu, 14 Sep 2017 04:59 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 04:59 PM (IST)
    By: Editorial Team

    2 हजार वेतन में भरण-पोषण

    करने में आ रही परेशानियां

    -4 वर्षों से सतत कर रहे कार्य साक्षर भारत प्रेरक

    - मानदेय को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

    झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

    केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केंद्र पर एक महिला तथा एक पुरुष संविदा प्रेरक की नियुक्ति 2012-13 से की गई। मानदेय के रूप में उन्हें मात्र 2 हजार रुपए ही दिया जा रहा है। इतने कम मानदेय में प्रेरकों को परिवार का भरण-पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर गुरुवार को डीआरपी लाइन स्थित आम्बेडकर पार्क में आदर्श प्रांतीय संविदा प्रेरक- शिक्षक संघ की बैठक हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।

    संघ के जिला अध्यक्ष रामकिशन मेहसन, उपाध्यक्ष नाजिमा शेख व सचिव प्रेमसिंह गामड़ ने बताया कि साक्षर भारत अभियान संचालन में प्रेरकों का अति महत्वपूर्ण योगदान है। जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना, बीएलओ कार्य, वीईआर सर्वे कार्य, मतदाता जागरूकता, उज्जवला योजना आदि का ग्रामीणों को लाभ दिलवाने के लिए बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे है। साथ ही अनपढ़ता का कलंक मिटाने का कार्य भी पूरी जिम्मेदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ किया जा रहा है। मानदेय को वेतनमान में परिवर्तन करने सहित अन्य मांगों को लेकर डीआरपी लाइन स्थित आम्बेडकर पार्क में सदस्यों की बैठक हुई। जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। यहां से रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे। जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।

    मानदेय को वेतनमान में तब्दील करें

    सौंपे गए ज्ञापन में लोक शिक्षा केंद्र को ग्राम पंचायत की विकासात्मक गतिविधि तथा केंद्र व राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य केंद्र बनाने की मांग की गई है। वहीं मानदेय को वेतनमान में परिवर्तन करने, स्थायीकरण करने, आगामी साक्षरता कार्यक्रम में सभी प्रेरकों की भूमिका शत-प्रतिशत रखने, महापंचायत बुलवाने के साथ ही प्राथमिक स्तर से लेकर हाईस्तर तक गैर शैक्षणिक कार्य प्रेरकों द्वारा करवाते हुए पारितोष दिए जाने की मांग की गई है।

    अध्यापक भी उतरेंगे सड़कों पर

    -रैली निकालकर सौंपेंगे ज्ञापन

    झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

    प्रदेश सरकार द्वारा अध्यापकों को लगातार 20 वर्षों से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दिया गया है। इस महंगाई के दौर में अल्प वेतन के भरोसे परिवार को चलाने में कई प्रकार समस्याओं से जूझ रहे हैं। विभिन्न मांगों को लेकर जिले के सभी अध्यापक तथा संघर्ष समिति के सदस्य रविवार को डीआरपी लाइन मंदिर एकत्रित होकर वहां से रैली निकालेंगे। उसके बाद बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।

    समिति के कालूसिंह सोलंकी, मनीष पंवार, संजय सिकरवार, पप्पूसिंह हटीला, ब्रजकिशोरसिंह सिकरवार आदि ने बताया कि अध्यापकों को कम वेतन में काम करना पड़ रहा है जबकि एक वर्ग के शिक्षकों को 80 से 85 हजार रुपए वेतन दिया जा रहा है। पूरे प्रदेश के अध्यापकों के साथ छलावा करते हुए उनकी वेतन विसंगति दूर नहीं की जा रही है। अन्य कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है। समिति की मांग है कि जिले के सभी ब्लॉकों में छठे वेतनमान की विसंगति को दूर कर एक समान वेतन दिया जाए। जिले के सभी संकुलों में शिक्षकों की सर्विस बुक का संधारणा सही तरीके से किया जाए। अध्यापकों, संविदा तथा अतिथियों का वेतन माह की 1 पहली तारीख में जमा किया जाए। इसके अलावा 10 प्रांतीय स्तर की मांगें ज्ञापन में रखी जाएंगी।

    और जानें :  # jhabua news
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