Naidunia
    Thursday, November 23, 2017
    PreviousNext

    अमरनाथ बस हादसा : कहकर गए थे जल्द लौट आऊंगा, लेकिन फिर नहीं आए

    Published: Mon, 17 Jul 2017 08:21 PM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 08:36 AM (IST)
    By: Editorial Team
    rajendra 17 07 2017

    ग्वालियर। बेटे से कहकर गए थे बस यूं गया और वापस आया लेकिन कभी न लौटने वाले सफर पर निकल गए राजेन्द्र यादव। होटल व्यवसायी राजेन्द्र के परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे इस तरह सबका साथ छोड़कर चले जाएंगे। राजेन्द्र अपने रिश्ते में भाई संजय, रवि और सतेन्द्र के साथ 14 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए निकले थे।

    जब वे निकल रहे थे तो पत्नी से कहा था कि पहली बार जाकर देख रहा हूं कितना खतरा है फिर सबको ले चलूंगा। जब बेटे ने साथ चलने की जिद्द की तो चॉकलेट लेकर आने की बात कही। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रविवार को जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में बस दुघर्टनाग्रस्त होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें राजेन्द्र, उनके दोनों भाई संजय और रवि की मौत हो गई। जबकि सतेन्द्र घायल हैं। इस हादसे में इंद्रमणि नगर के दो अन्य युवक भी घायल बताए गए हैं।

    स्टेशन के पास केशर बाग कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय राजेन्द्र पुत्र भैयालाल यादव पेशे से होटल व्यवसायी थे। उनका बस स्टैंड के पास यादव होटल और केशर बाग कॉलोनी में देवे पैलेस के नाम से होटल है। उनके साथ ही टीकमगढ़ निवासी उनकी बुआ का बेटा संजय उर्फ संजू (26) पुत्र रामस्वरूव यादव और मामा का बेटा रवि (30) पुत्र बाबूलाल यादव रहते हैं।

    यह दोनों भी व्यवसाय में राजेन्द्र की मदद करते हैं। इस बार संजय ने अमरनाथ यात्रा पर चलने के लिए बड़े भाई राजेन्द्र को तैयार किया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया। यह तीनों अपने एक साथी सतेन्द्र तिवारी के साथ 14 जुलाई को घर से रवाना हुए थे।

    इंतजार था सकुशल पहुंचने का, आई मौत की खबर

    सोमवार सुबह यादव परिवार घर से निकले बच्चों के सकुशल पहुंचने की सूचना का इंतजार कर रहा था। लेकिन तभी कलेक्ट्रेट कार्यालय से आए एक फोन कॉल ने मानों इस परिवार की पूरी खुशियां ही छीन लीं। परिवार को सूचना दी गई कि जिस बस में उनके परिवार के 4 सदस्य सवार थे वह बस जम्मू-कश्मीर में दुघर्टनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरी है। जिसमें 17 लोगों की मौत हुई है। इन 17 लोगों में राजेन्द्र, संजय व रवि शामिल हैं, जबकि सतेन्द्र घायल है। यह सूचना केशर बाग कॉलोनी स्थित जैसे ही उनके घर पर पहुंची तो पूरी कॉलोनी में मातम पसर गया।

    बार-बार पूछता रहा बेटा, पापा आने वाले हैं

    सोमवार सुबह जब व्यवसायी व उनके भाईयों के हादसे में जान गंवाने की सूचना पहुंची तो घर में महिलाओं ने रोना शुरू कर दिया। 9 साल के राजेन्द्र के बेटे देव को लगा पापा की खबर आई है। वह बार-बार सभी से पूछ रहा था कि पापा आने वाले हैं। इसके बाद वह घर के बाहर अपने दोस्तों के साथ खेलने लगा। मासूम को पता भी नहीं था कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।

    बहुत जल्द कमाई शोहरत

    राजेन्द्र की उम्र उतनी नहीं थी जितने वे कामयाब थे। 10 साल पहले व्यवसाय शुरू करने के बाद शहर के पॉश स्टेशन इलाके में उनके पास एक रेस्टोरेंट व एक लॉज सहित दो होटल हैं। इसके साथ ही प्रॉपर्टी के व्यवसाय में भी उन्होंने काफी पैसा कमाया। यही कारण है कि अपने रिश्ते में भाई संजय व रवि को भी वे अपने साथ रखे हुए थे। रवि और संजय दोनों टीकमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। लेकिन लंबे समय से वे उनके साथ ही रह रहे थे।

    यह है पारिवारिक स्थिति

    - राजेन्द्र सिंह अपने परिवार में इकलौते बेटे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी अंजली जिनसे 10 साल पहले उनका विवाह हुआ था। दो बच्चे बड़ा बेटा देव (9), छोटी बेटी सिद्धी (7) है। पिता भैयालाल व मां ऊषा यादव भी उनके साथ ही रहते हैं। जबकि उनके साथ रहने वाला संजय अभी कुंआरा था, रवि की दो साल पहले ही शादी हुई थी। 10 महीने का उनका बेटा भी है। दोनों ही टीकमगढ़ के हैं और वहां उनकी काफी प्रॉपर्टी है। लेकिन राजेन्द्र को दोनों ही बहुत मानते थे।

    कौन है सतेन्द्र तिवारी

    8 से 10 साल पहले सतेन्द्र तिवारी राजेन्द्र के संपर्क में आया था। उसके न तो पिता हैं न ही मां, परिवार की भी कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद राजेन्द्र ने उसे अपने साथ रखा था। अब वह उनके भाई की तरह ही था। घटना में सतेन्द्र गंभीर रूप से घायल है और जम्मू में उसका इलाज चल रहा है।

    इन्द्रमणि नगर के दो युवक घायल

    घटना में गोला का मंदिर इन्द्रमणि नगर के दो युवक गिर्राज तोमर व पंकज कुशवाह भी घायल हुए हैं। पंकज का जम्मू के आर्मी अस्पताल में सोमवार शाम ऑपरेशन हुआ है जिनकी स्थिति अब पहले से ठीक बताई गई है।

    मंगलवार सुबह तक आ सकेंगे तीनों के शव

    जिला प्रशासन की टीम के साथ राजेन्द्र, संजय व रवि के परिजन सोमवार दोपहर दिल्ली मध्य प्रदेश भवन के लिए निकले हैं। दिल्ली में दोपहर 2 बजे शव पहुंच गए थे। मंगलवार सुबह तक शव लेकर आने की संभावना है। जिसके बाद मुरार मुक्तिधाम में तीनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें