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    900 भट्टियों के धुएं से घुट रहा दम

    Published: Wed, 15 Nov 2017 07:03 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 07:03 PM (IST)
    By: Editorial Team

    करेली। नईदुनिया न्यूज

    करेली में अनेक स्थानों पर गुड़ निर्माण करने के लिए गुड़ की भट्टियां लगी हुई है। इनके धुएं से लोगों का दम घुट रहा है। सुबह से लेकर रात तक निकलने वाले धुएं से लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। बहुत से किसान अपनी भट्टी पर गांव के ही मजूदरों को लगाकर गुड़ तैयार करते हैं तो वहीं कुछ किसान अपनी भट््‌िटयों पर बाहर मजदूरों को लेकर आने वाले ठेकेदार को भट्टी किराए पर देते हैं। अनेक भट्टियों पर गुड़ बनाने के लिए उत्तरप्रदेश से आए मजदूरों द्वारा गुड़ तैयार किया जा रहा है। जब तक गुड़ निर्माण होता है, यह मजदूर यहां पर रहते हैं। इन बाहरी मजूदरों के संबंध में पुलिस के पास कोई रिकार्ड नहीं रहता है।

    क्षेत्र में लगभग 15000 बाहरी लोग

    प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लगभग 900 भट्टिया संचालित है और प्रत्येक भट्टी पर 15 से 20 की टीम रहती है। इस प्रकार क्षेत्र में लगभग 15000 से 18000 हजार बाहरी लोग आते हैं। जिनका पुलिस के पास कोई रिकार्ड नहीं है। गौरतलब है कि गत वर्षों में बाहर से ऐसे कई ठेकेदारों की टीमों द्वारा क्षेत्र के किसानों का गन्ना खरीदने के बाद गुड़ तैयार किया और उसका विक्रय करने के बाद टीम के सभी सदस्य गायब हो गए। जिन किसानों का गन्ना खरीदा गया था, उनका भुगतान तक नहीं किया गया।

    किसान बाहरी ठेकेदार को किराए देते हैं भट्टी

    किसानों के गन्ने का भुगतान प्राप्त नहीं होने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस गन्ना खरीदने वाले का पता लगती रही लेकिन उसका पता नहीं चल सका। जिन किसानों की भट्टी किराये से ले रखी थी, उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसने तो गुड़ भट्टी किराये से दी थी। ठेकेदार किसी का भुगतान नहीं किया, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। ऐसी घटना इस वर्ष घटे इसके लिए पुलिस यहां पर आकर मजदूरी करने वालों की जांच करें, ऐसी मांग क्षेत्र के किसानों द्वारा की जा रही है।

    स्वास्थ्य के लिए हानिकारक धुआं

    नगर सहित समीपस्थ गांवों के मार्गों पर देखा गया है कि गुड़ बनाने वाली भट्टियों से काला धुआं निकल रहा है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इस धुएं के कारण मार्ग पर कुछ दिखाई नहीं देता और दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है, इससे आवागमन में भी परेशानी होती है। वहीं वाहन चालकों समेत यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होती है।

    अनेक जगह लगी हैं भट्टियां

    गुड बनाने की भट्टियां नगर सहित कई गांवों में लगी हैं और उनसे निरंतर धुआं निकल रहा है। इससे आसपास में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं यह भट्टियां सड़क के किनारे लगी हुई है और सड़क पर इसका धुआं फैलता रहता है जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को कठिनाई महसूस होती है। नागरिकों का कहना है कि यहां से सैकड़ों वाहन निकलते हैं, और सभी को इस धुएं से परेशानी होती है।

    वाहनों में भर जाजता है धुआं

    भट्टियों से निकलने वाला धुआं वाहनों के अंदर चला जाता है जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। इस मार्ग से कई वाहन निकलते हैं जिनमें चालक, शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं सभी हलाकान परेशान होते हैं। लोगों का कहना है कि भट्टियों से निकलने वाला धुआं अधिक हानिकारक होता है, इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए, और ऊंची चिमनियां लगनी चाहिए जिससे यह धुआं नीचे न फैले। वाहन चालकों में उमेश, महेन्द्र, श्याम सिंह का कहना है कि हमें यहां से प्रतिदिन कई बार निकलना पड़ता है और इस धुएं का सामना करना पड़ता है। इससे आंखों में जलन होती है, वहीं गुड़ बनाने के समय निकाली गई मरी भी सड़क किनारे डाल दी जाती है जिससे मार्ग में बदबू फैलती रहती है।

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