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    ग्रेजुएट पत्नी ने पति को बनाया साक्षर

    Published: Sun, 19 Mar 2017 06:53 PM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 02:56 PM (IST)
    By: Editorial Team
    khandwaexam 2017319 185655 19 03 2017

    खंडवा। सच्ची लगन हो तो हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसकी बानगी जिले के गांवों में देखने को मिल रही है। बड़गांव माली में ग्रेजुएट पत्नी ने पति को पढ़ाकर साक्षर बना दिया। अब वे अखबार पढ़ने के साथ ही बच्चों का होमवर्क भी कराने लगा है। इसी तरह ग्राम जूनापानी में छात्रा शहनाज गांव की महिलाओं को भजन पढ़ना सिखा रही है। ऐसे ही हजारों ग्रामीणों ने रविवार को साक्षर भारत परीक्षा दी। जिले के 429 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक दिनभर अपने समय अनुसार ग्रामीणों ने पहुंचकर परीक्षा दी।

    जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बड़गांव माली में मीना पाटीदार ने निरक्षर पति अशोक को न केवल साक्षर बना दिया है बल्कि अब वे समाचार पत्र, खेत के कागज और दवाइयों के नाम भी पढ़ लेते हैं। इसके साथ ही बच्चों का होमवर्क भी करा लेते हैं।

    उनकी बड़ी बेटी उर्वशी पांचवीं और जयेश दूसरी में पढ़ते हैं। मीना स्वास्थ्य विभाग में आशा सहायिका और साक्षर भारत की प्रेरक भी हैं। उन्होंने बताया कि पहले अशोक हस्ताक्षर भी नहीं कर पाते थे। खाली समय में घर पर और खेत में जाकर उन्हें पढ़ाना शुरू किया। एक साल की मेहनत के बाद वे अब अच्छे से अखबार पढ़ने लगे हैं।

    पहले भजन गाते थे अब पढ़ भी लेते हैं

    नया हरसूद रोड स्थित ग्राम जूनापानी में 8वीं पास छात्रा शहनाज मंसूरी गांव की महिलाओं को पढ़ना-लिखना सीखा रही हैं। यहां की भजन मंडली की निरक्षर लीलाबाई पाल भजन गा लेती थीं लेकिन पढ़ नहीं सकती थीं। शहनाज की मदद से अब वे भजन पढ़ भी लेती हैं और नए भजन सीख रही हैं।

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