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    आस्था की डुबकी लगा डेढ़ लाख श्रद्घालुओं ने कमाया पुण्य

    Published: Sat, 14 Jan 2017 06:52 PM (IST) | Updated: Sat, 14 Jan 2017 06:52 PM (IST)
    By: Editorial Team

    मंडला। मकर संक्रांति पर शनिवार को नर्मदा तटों में स्नान करने श्रद्घालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। खासतौर पर बंजर और नर्मदा नदी के संगम स्थल में स्नान के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे। शनिवार को करीब डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्घालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। नर्मदा में स्नान और पूजन का सुबह से शुरू हुआ सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। संगम के अलावा रपटा घाट सहित करीब दर्जन भर घाटों में स्नान-पूजन और भंडारे चलते रहे। इस बार डुबकी की मुहुर्त दोपहर बाद 1 बजे के बाद था। जिसके चलते भीषण ठंड के बावजूद लोग नहाने से पीछे नहीं हटे।

    संगम में हुआ मुख्य स्नान

    नर्मदा-बंजर के संगम स्थल महाराजपुर में आसपास के कई जिलों के साथ ही पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्घालु स्नान करने पहुंचते हैं। शनिवार को तापमान कम होने व शीतलहर का प्रकोप होने के बावजूद बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा के साथ ही छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के नागपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भक्तों ने इस बार यहां की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशंसा की।

    संगम क्षेत्र में सौंदर्यीकरण के बाद मेला स्थल का क्षेत्र बड़ा हो गया है। दो हिस्सों में मेला स्थल कर देने से पहले जैसे भीड़ व धक्का मुक्की की स्थिति नहीं बनी। लोगों ने विशाल क्षेत्र में घाटों में सुविधानुसार स्नान किया। हालांकि बाढ़ की मिटटी से कई घाट पुर जाने के बाद भी लोग रेत के टापू व दूसरे घाट में स्नान करते रहे। यह क्रम सुबह 5 बजे से ही प्रारंभ हो गया था। जो दिनभर चलता रहा। इसके साथ ही रपटाघाट, नानानघाट, नावघाट, बाबाघाट, पीपलघाट, सहस्त्रधारा में दिनभर लोग आते रहे।

    स्वच्छता को लेकर रहे जागरूक

    हाल ही में नमामि देवि नर्मदे यात्रा संगम सहित अन्य घाटों में पहुंची थी। जिसका असर शनिवार को दिखा। प्रशासन ने जहां लोगों को नर्मदा में गंदगी न करने जागरूकता दिखाई तो लोगों ने भी इसमें सहयोग किया। घाटों पर पहले की भांति पूजन सामग्री नहीं डाली गई। हालांकि कुछ भक्त इससे बाज नहीं आए। मेला स्थल व अन्य घाटों में कचरा एकत्र करने नपा के वालंटियर मौजूद थे।

    दस बच्चे गुमे, भंडारे भी हुए

    मेला स्थल में भारी भीड़ के चलते करीब दर्जन भर बच्चे गुमे। जहां पुलिस ने अनाउंसमेंट कर इन बच्चों के माता-पिता को सौंप दिया। मकर संक्रांति में बड़ी संख्या में श्रद्घालु आते हैं। इनके लिए समाजसेवी संगठनों द्वारा जगह जगह भंडारे व चाय की व्यवस्था की गई थी। संगमघाट, रपटाघाट में कई जगह भंडारे चलते रहे।

    ये अफसर रहे मौजूद

    मेला स्थल में यात्रियों की सुविधा के लिए नेहरू स्कूल का रेडक्रास दल, पुलिस बल, नपा का दल, राजस्व अफसर मौजूद थे। एसडीएम मणींद्र सिंह, एसडीओपी अरविंद खरे, एडिशनल एसपी ओमकार कलेष, नगर पालिका अध्यक्ष अनिल बाबा मिश्रा, तहसीलदार अनिल जैन, सीएमओ आरपी सोनी, टीआई सफीक खान, सुदीप सोनी, एस.राम सहित तमाम अधिकारी कर्मचारी मेला स्थल में मौजूद रहे।

    मकर संक्रांति पर नर्मदा और बंजर नदी के संगम में स्नान के लिए उमड़ा जनसैलाब

    14एमडीएल3 मंडला। संगम में भंडारा वितरित करते हुए।

    14एमडीएल5 मंडला। सूर्य को अर्ध्य महिला।

    14एमडीएल8 मंडला। संगम मेला स्थल में व्यवस्थाओं के लिए मौजूद अधिकारी एवं नपा अध्यक्ष अनिल बाबा मिश्रा।

    14एमडीएल9 मंडला। बनारस से आए पंडित बांधते रहे रक्षासूत्र।

    14एमडीएल10,11,16,17,18 मंडला। नर्मदा तट रपटाघाट में स्नान करते श्रद्घालु।

    और जानें :  #makar sankranti
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