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    अनोखा विरोध : मूर्ति की प्रतिकृति को नगर पालिका के गेट पर विराजित किया

    Published: Fri, 17 Feb 2017 09:36 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 09:41 PM (IST)
    By: Editorial Team
    mandsournews 17 02 2017

    मंदसौर। नगर पालिका में उस समय अजीब-सी स्थिति बन गई, जब ग्रामीण ओखा बाऊजी की प्रतिकृति लेकर पहुंच गए और विराजित कर विरोध जताने लगे। दरअसल, चंद्रपुरा स्थित ओखा बाऊजी मोतीबाऊजी मंदिर परिसर की अति प्राचीन दीवार नपा ने गत दिनों तोड़ थी। उस समय नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार मौके पर पहुंचे थे और विरोध के बीच उन्होंने नई बाउंड्रीवॉल बनाने का वादा किया था। शुक्रवार सुबह वे अपने वादे सेे पलट गए। इसके विरोध में मंदिर के व्यवस्थापक व रहवासियों ने अनोखा विरोध शुरू कर दिया। इससे चिढ़े नपाध्यक्ष ने व्यवस्थापक से कहा कि यहां क्यों तमाशा कर रहे हो जब कह दिया दीवार बनवा देंगे तो बनवा देंगे। दो दिन में ही धर्म के नाम पर नौटंकी प्रारंभ कर दी।

    शुक्रवार को ओखा बाऊजी, मोती बाऊजी मंदिर व्यवस्थापक शैलेंद्र गोस्वामी सहित चंद्रपुरा की कई महिलाएं व पुरुष ओखा बाऊजी की प्रतिकृति को जुलूस के रूप में साथ लेकर गांधी चौराहा नपा कार्यालय पहुंचे। पूरे मार्ग में सभी काले झंडे लेकर चल रहे थे। नपा कार्यालय में नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार के नहीं मिलने पर लोगांें ने प्रवेश द्वार पर प्रतिकृति स्थापित कर पूजा-अर्चना की और ढोल बजाए। वे प्रवेश द्वार के बाहर ही बैठ गए। कुछ देर बार नपाध्यक्ष बंधवार मौके पर पहुंचे तो पूरा तमाशा देखकर आक्रोशित हो गए।

    समय तो दो अभी दो दिन भी पूरे नहीं हुए

    भगवान की प्रतिकृति प्रवेश द्वार पर देख आक्रोशित नपाध्यक्ष ने मंदिर व्यवस्थापक शैलेेंद्र गोस्वामी से कहा कि यहां क्यो तमाशा कर रहे हो। जब तुझे कह दिया कि दीवार बनवा दूंगा तो फिर इस नौटंकी की क्या जरूरत है। इस पर गोस्वामी रोने लगा और कहा कि दीवार क्यों नहीं बनवा रहे हो। तब नपाध्यक्ष ने जवाब दिया कि मैंने दीवार बनाने से मना थोड़े ही किया है। समय तो लगता है अभी दो दिन भी पूरे नहीं हुए हैं।

    महिलाओं ने सात दिन का दिया समय

    नपाध्यक्ष ने सभी लोगों को अंदर कक्ष में बुलाया। गोस्वामी ने जाने से इंकार किया तो पार्षद पति अस्र्ण शर्मा मनाकर अंदर ले गए। कक्ष में नपाध्यक्ष ने महिलाओं ने कहा कि जब दीवार बनवा नहीं सकते थे तो तोड़ी क्यों? नपाध्यक्ष ने कहा कि मैंने मना कब किया है। एस्टीमेट बनाने सहित अन्य प्रक्रिया में समय तो लगता है। बुधवार शाम को दीवार टूटी है और शुक्रवार दोपहर में सभी आ गए। अभी तो दो दिन भी पूरे नहीं हुए है। नपाध्यक्ष ने महिलाओं को सात दिन में निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं वापस लौट गई।

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