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    पानी में भी लग जाती है आग, विधायक ने जताई हादसे की आशंका

    Published: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST)
    By: Editorial Team

    इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    रानीपुरा अग्निकांड के बाद एक बार फिर यह सवाल मौजूं है कि ऐसे कौन से इलाके हैं जो बारूद के ढेर पर हैं। जवाब मांगलिया गैस डिपो पर खत्म होता है। यहां 17 बड़े टैंकों में हमेशा 40 हजार किलोलीटर पेट्रोल-डीजल भरा रहता है। नियमों के हिसाब से आसपास बसाहट नहीं होना चाहिए, लेकिन तीन हजार से अधिक आबादी की यहां बस्तियां हैं। हालात ऐसे हैं कि डिपो के एक-डेढ़ किमी में बोरिंग करो तो उसमें पेट्रोल-डीजल की बदबू आती है यानी भूजल में पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। कई बार तो हैंडपंप के पानी में आग लगने की घटना भी हो चुकी है।

    मास्टर प्लान में डिपो के दोनों हिस्सों में ग्रीन बेल्ट है, जबकि दायीं तरफ का हिस्सा मास्टर प्लान के निवेश क्षेत्र में नहीं है। प्लान में डिपो को भी नोटिफाई किया गया है। डिपो बनने के बाद समीप ही कॉलोनी भी कट गई। डिपो परिसर से सटी हुई इंदिरा नगर बस्ती है, जो डिपो बनने से पहले की है। बस्ती के कारण डिपो में हादसा न हो, इसलिए डिपो के सुरक्षाकर्मी दीपावली के समय बस्तीवालों को पटाखे भी नहीं छोड़ने देते हैं। इंडियन ऑयल डिपो भी बस्ती को असुरक्षित मानता है और पूर्व में प्रशासन को पत्र भी लिखा जा चुका है। हालांकि डिपो में अग्निसुरक्षा को लेकर काफी सख्ती बरती जाती है। कर्मचारियों को मोबाइल तक नहीं ले जाने दिया जाता है। टैंक के बीच भी दूरी है, लेकिन बस्ती के कारण हादसे की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। रहवासी जगदीश चौधरी बताते हैं कि मांगलिया क्षेत्र डिपो के कारण रहवासियों को खतरा है। अब शहर फैल रहा है, ऐसे में डिपो को आबादी क्षेत्र से बाहर जाना चाहिए। इंदिरा नगर बस्ती की रहवासी कमला रविशंकर बताती हैं कि बस्ती के बोरिंग से डीजल की बदबू आती है। वो पानी हम पी नहीं सकते। हमें रोज पानी खरीदना पड़ता है। कई बार नर्मदा लाइन की मांग की।

    अभी चार्ज लिया

    डिपो के आसपास बसाहट को लेकर पूर्व अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी नहीं है। मैंने अभी डिपो का चार्ज लिया है।

    -सयैद अब्बास अली, मैनेजर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड

    हटना चाहिए डिपो

    डिपो के आसपास बसाहट हो चुकी है। कभी हादसा हो गया तो भयावह स्थिति होगी। डिपो के आसपास का भूजल भी दूषित हो गया है। हैंडपंप के पानी में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जिला योजना समिति की बैठक में भी मैं डिपो का मुद्दा उठा चुका हूं।

    - राजेश सोनकर, विधायक सांवेर

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