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    1000 बिस्तर के अस्पताल पर मोहर, आईएसबीटी व इंडोर स्टेडियम पर भी बनी सहमति

    Published: Sun, 17 Sep 2017 10:06 PM (IST) | Updated: Sun, 17 Sep 2017 10:06 PM (IST)
    By: Editorial Team

    ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना से मिलने वाले 478.15 करोड़ रुपए की धनराशि में से 315 करोड़ रुपए की लागत से बहुप्रतीक्षित 1000 बिस्तर का अस्पताल बनेगा। शेष बचे 178.00 करोड़ में भिंड रोड पर नरेश्वर के निकट व ट्रिपल आईटीएम के निकट, स्वेज फार्म के निकट आईएसबीटी व शहर इंडोर स्टेडियम का निर्माण होगा। फ्लाई ओवर का सपना फिलहाल हवा में ही रहेगा।

    उक्ताशय के निर्णय रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह की उपस्थिति में नगर विकास को लेकर समीक्षा बैठक में लिए गए। पुनर्घनत्वीकरण योजना पर केन्द्रित इस बैठक में बातें तो फ्लाई ओवर, नए ट्रांसपोर्ट नगर की भी हुईं,लेकिन निष्कर्ष यही निकला कि पुनर्घनत्वीकरण योजना से जो पैसा आएगा उससे कौन-कौन से विकास के काम हो सकेंगे। बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य स्तरीय साधिकार समिति से मंजूरी दिलाई जाएगी। बैठक में विधायक नारायण सिंह, भारत सिंह कुशवाह, संभाग आयुक्त एसएन रूपला, कलेक्टर राहुल जैन, निगमायुक्त विनोद शर्मा, हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर रविन्द्र सिंह, जीआरएमसी डीन डॉ.एसएन अयंगर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    30.06 हेक्टेयर में बनेंगे 820 मकान

    थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना में नजूल की 30.06 हेक्टेयर भूमि पर फेज-1 में 14.82 व फेज-2 में 12.30 हेक्टयर भूमि पर टाइप-ई के 10, एनजीओ-20, एफ -80, जी व एच टाइप के 288-288 व आई टाइप के 144 कुल 820 आवास निर्मित कर शासन को मिलेंगे। मौजूदा स्थिति में यहां 600 आवास हैं। शासन को भूमि के बदले 478.15 करोड़ अतिरिक्त मिलेंगे। शेष भूमि का उपयोग से डेवलपर एजेंसी हाउसिंग बोर्ड खर्च निकालेगी।

    इनका रखा गया प्रस्ताव

    होने वाली 478 करोड़ रुपए की आय के विरुद्घ 9 योजनाएं रखी गई थीं। इनमें 100 करोड़ से 100 बिस्तर का अस्पताल, 135 करोड़ से ग्वालियर पॉटरीज की भूमि पर कन्वेंशन सेंटर, 149 करोड़ से 4 फ्लाईओवर, 25 करोड़ से जनसुविधाओं का विकास, 55 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम का निर्माण, 50 करोड़ से दो आईएसबीटी का निर्माण, 70 करोड़ से इंटीग्रेटेड ऑफिस बिल्डिंग, 44 करोड़ से गांधी रोड का चौड़ीकरण, 50 करोड़ से अन्य विकास कार्यों का प्रस्ताव रखा गया था।

    प्रस्तावों पर ऐसे लगते गए अड़ंगे

    कंपू से गोरखी फ्लाईओवर पर विधायक नारायण सिंह का कहना था कि तोड़फोड़ बहुत होगी। बारादरी से माल रोड मुरार के निर्माण का मामला विचार तक सीमित रहा। शिंदे की छावनी से रामदास घाटी व हजीरा रोड से चार शहर का नाका के बीच फ्लाईओवर को लेकर महापौर ने कहा कि फ्लाईओवर क्रॉसिंग से बचने के लिए बनाए जाते हैं न कि डबल रोड के लिए। इन फ्लाईओवर के निर्माण की उपयोगिता पर संदेह की बात आने पर अन्य स्थानों के विकल्प पर चर्चा हुई। मंत्री नरेन्द्र सिंह ने कहा कि किलागेट से घासमंडी, गश्त का ताजिया से नई सड़क तक फ्लाईओवर के लिए परीक्षण कराया जाए।

    पहले की सड़कें ही बेहाल

    हाईवे पर ट्रकों की पार्किंग के लिए साइड स्पेश के प्रस्ताव को लेकर कहा गया कि ये एक तरह से ट्रांसपोर्ट नगर का काम करेंगे। ट्रांसपोर्ट नगर की बात सुन मंत्री माया सिंह ने कटाक्ष किया कि एक ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें तो आप लोग बनवा नहीं पा रहे हो।

    जो चीज पक्की है उसी पर बोलना ठीक है

    बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने 1000 बिस्तर का अस्पताल के निर्माण पर तो अपनी मोहर लगाई, लेकिन फ्लाईओवर के सवाल पर कहा 'देखा जितना मैं बोलू उतना ही ठीक है' फ्लाई ओवर के निर्माण पर प्रस्ताव विचाराधीन है।

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