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    दो रोड़ कटिंग बनी नर्मदा के धारनाका पहुंचने में बाधा

    Published: Tue, 20 Jun 2017 12:26 AM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 12:26 AM (IST)
    By: Editorial Team

    -देरी के कारण नौ करोड़ की योजना हो गई ग्यारह की

    महू। महूगांव नगर परिषद के हजारों रहवासियों को नर्मदा का पानी मिलने में लगातार देरी होती जा रही है। पहले सेना द्वारा अनुमति नहीं मिलने के कारण देरी हुई जब सेना ने अनुमति दी तो दो रोड कटिंग इसमें बाधा बन गई है। यही कारण है अब लगातार हो रही देरी के चलते नौ करोड़ की योजना ग्यारह करोड़ की हो गई।

    महूगांव नगर परिषद में अब तक नर्मदा का पानी नही मिल पाया। जिस कारण यहां के रहवासी बोरिंग, कुओं व तालाब के पानी से पूर्ति कर रहे हैं। चार साल पूर्व इस क्षेत्र में नर्मदा का पानी लाने के लिए एक योजना बनाई गई थी। जिसका राज्य शासन से स्वीकृत मिलने पर भूमिपूजन भी किया था। चार साल पूर्व इस योजना पर नौ करोड़ रुपए खर्च होना था। पूरी योजना बना ली गई थी लेकिन सेना द्वारा अनुमति नही देने के कारण योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जबकि परिषद ने नर्मदा का पानी लेने के लिए इंदौर नगर निगम को तीन लाख रुपए भी जमा करा दिए। काफी प्रयासों के बाद सेना ने अपने क्षेत्र में पाइप लाइन डालने की अनुमति दी। जिस पर तेजी से काम शुरू कर लगभग पूरा कर दिया गया।

    दो रोड कटिंग बनी बाधा

    पाइप लाइन डालने का काम लगभग समाप्ति पर है लेकिन अब दो स्थानों पर रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने के कारण काम ठप हो गया। मिली जानकारी के अनुसार राऊ-मंडलेश्वर मार्ग जो एमपीआरडीसी के अधीन है वहां रोड कटिंग करना है व दूसरा माल रोड पानी की टंकी के पास जो सेना के अधीन आता है वहां रोड कटिंग किया जाना है। दोनों ही विभागों से इस कटिंग के लिए अनुमति नहीं मिल पा रही है। इसके लिए संबंधित विभाग को परिषद द्वारा पत्र भी लिखे गए मगर आज तक जवाब नहीं आया। बताया जाता है यहां से अनुमति मिलते ही जो खर्च बताया जाएगा उतनी राशि परिषद द्वारा जमा कराते ही काम शुरू कर देगी जो मात्र एक दिन में पूरा हो जाएगा।

    परिषद को तीस लाख का अतिरिक्त खर्च

    योजना के समय बताया गया कि जिस प्रेशर से पानी दिया जाएगा उससे क्षेत्र की तीनों टंकियां भर जाएंगी। लेकिन बाद में इंजीनियरों ने जांच कर बताया कि प्रेशर इतना नही होगा कि टंकियो को सीधे भरा जाए। इस पर धारनाका अस्पताल परिसर में एक सबमर्सिबल पम्प बनाया जा रहा है जहां पानी एकत्र कर इन टंकियों को भरा जाएगा। इस पर परिषद का तीस लाख रुपए खर्च हो रहा है जो कि योजना बनाते समय नहीं था।

    यहां बनी हैं टंकियां

    परिषद द्वारा पूरे परिषद क्षेत्र में पानी वितरण के लिए तीन स्थानों पर टंकिया बनाई गई जिसमें सुपर सिटी में बारह लाख लीटर की, तेली खेड़ा व महूगांव में आठ-आठ लाख लीटर की टंकी है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में मुख्य पाइप लाइन डाल दी गई सिर्फ एप्रोच लाइन डालने का कार्य बाकी है।

    दिसबंर तक पूरा होना है

    यह कार्य पुणे की शाह कंपनी कर रही है जिसे अनुबंध के अनुसार दिसबंर तक पूरा करना है। अगर दिसबंर तक काम पूरा नही होता है तो कंपनी प्रतिमाह एक लाख रुपए परिषद को अदा करेगी।

    दिसंबर तक मिलने लगेगा

    परिषद की ओर से कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। सिर्फ दो कटिंग के कारण देरी हो रही है जिसकी अनुमति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दिसबंर तक क्षेत्र के रहवासियों को नर्मदा का पानी मिलने लगेगा।

    -रेखा रामकिशोर शुक्ला, अध्यक्ष महूगांव नगर परिषद

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