Naidunia
    Friday, November 24, 2017
    PreviousNext

    कॉलोनाइजर के साथ दलाल ने की धोखाधड़ी

    Published: Mon, 18 Sep 2017 01:00 AM (IST) | Updated: Mon, 18 Sep 2017 01:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    दलाल ने कॉलोनाइजर के हड़प लिए 70 लाख

    प्लॉटों के पैसे कॉलोनाइजर को देने के बजाए स्वयं के खाते में जमा किए, पुलिस जांच में सही निकले आरोप

    महू। क्षेत्र की मां विंध्यवासिनी हाउसिंग कंपनी और उसके ग्राहकों को कंपनी के ही अनीस मोहम्मद नाम के दलाल ने लाखों का चूना लगाया है। कंपनी के मालिक ने पुलिस में शिकायत की कि अनीस ने पहले तो उनके दफ्तर में बैठकर दूसरे कॉलोनाइजरों के प्लॉट बेचे और इस दौरान विंध्यवासिनी के ग्राहकों के भी पैसे उसने हजम कर लिए। कंपनी को जब इस बारे में पता चला तब तक कर्मचारी ने इतने पैसे कमा लिए थे कि वह खुद की ही कॉलोनी बना रहा था। यही नहीं मूल कंपनी के नाम से उसने बैंक में खाता खुलवाकर एक चेकबुक भी ले रखी थी, जिससे वह एक दूसरे बड़े धोखे की तैयारी में था।

    विंध्यवासिनी कॉलोनी के कॉलोनाइजर प्रेम मिश्रा ने महू थाने पर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत की है। उनके साथ ये धोखाधड़ी कंपनी के लिए काम करने वाले एक ब्रोकर-कर्मी अनीस ने की है। अनीस का काम मिश्रा की कॉलोनी के प्लॉट और घर आदि कमीशन पर बिकवाने का था, लेकिन वह पिछले कुछ सालों से किन्हीं अन्य कंपनियों के लिए काम कर रहा था। यहां उसने मिश्रा की कॉलोनी के ग्राहकों से मिले पैसे भी अपने अकाउंट में डाल दिए थे। मिश्रा ने बताया कि अनीस हिसाब-किताब में टालमटोल करता रहता था। जब कॉलोनाइजर मिश्रा को यह बात पता चली तो उन्होंने पिछले साल अनीस को काम से बाहर कर दिया और उन पैसों की मांग की जो उसने ग्राहकों से लेकर रख लिए थे।

    10 लाख की लिमिट, 70 का चेक

    इसके बाद अनीस ने मिश्रा को एक साल बाद का सत्तर लाख रुपए का एक चेक दे दिया। जब साल भर बाद मिश्रा ने यह चेक लगाया तो चेक बाउंस हो गया और पता चला कि जिस खाते का चेक दिया गया था, उसकी लिमिट केवल दस लाख रुपए थी। इसके बाद भी अनीस ने कंपनी को कोई पैसा नहीं दिया। मामले पर कंपनी ने एसडीओपी महू अरुण मिश्रा को भी शिकायत की।

    अभी और धोखा बाकी था

    इसके बाद अनीस ने और बड़ा धोखा किया। कॉलोनाइजर मिश्रा ने बताया कि अनीस ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में उनके चालू खाते पर एक चेकबुक ले ली और एक 70 लाख रुपए का एक चेक अपने नाम पर जारी कर लिया। जब सितंबर में यह चेक खाते में आया तो मिश्रा को पता चला। उन्होंने बताया कि न उन्होंने चेकबुक ली और न ही अनीस के लिए कोई चेक जारी किया था। ऐसे में अनीस ने उनके साथ धोखा किया है। पहले तो 70 लाख रुपए हजम कर लिए और बाद में उतनी ही रकम उनके अकाउंट से निकालनी चाही।

    जांच में पाई धोखाधड़ी

    महू पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश की तो पाया कि मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं। अनीस के बैंक अकाउंट की भी जांच की गई। जिसके बाद उस पर धारा 420, 468 और 471 के तहत प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

    जांच जारी

    - शिकायत जांच के बाद सही पाई गई थी। हमने अपराध पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में और भी जांच की जा रही है। -चंद्रभान सिंह चड़ार, टीआई, महू

    और जानें :  # mhow news
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें