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    मुरैना जिला अस्पताल गेट पर हुआ प्रसव, स्टाफ नहीं आया महिला को लेने

    Published: Tue, 11 Jul 2017 09:08 PM (IST) | Updated: Wed, 12 Jul 2017 08:48 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    मुरैना। जिला अस्पताल में सोमवार रात करीब 12 बजे मेटरनिटी के पुराने गेट पर प्रसूता महिला को प्रसव हो गया। परिजनों ने मेटरनिटी स्टाफ को भी बुलाया, लेकिन कोई भी महिला व नवजात को देखने के लिए नहीं आया। करीब पौन घंटे तक महिला व उसका नवजात बच्चा खुले में आसमान के नीचे पड़े रहे।

    जब परिजनों ने हंगामा किया और आरएमओ को पुलिस द्वारा सूचना पहुंचवाई तब कहीं स्टाफ आया और महिला व उसके बच्चे को मेटरनिटी में भर्ती किया और उपचार किया।

    घटनाक्रम के मुताबिक पीपरीपुरा निवासी ऋषि जाटव की 30 वर्ष्ाीय पत्नी पिंकी को रात करीब 11 बजे प्रसव दर्द शुरू हुआ। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन अनजाने में वे महिला को मेटरनिटी के पुराने गेट पर ले गए। जहां पर ताला पड़ा था। परिजनों ने काफी आवाज लगाई, लेकिन मेटरनिनटी से कोई बाहर नहीं आया। इसी दौरान महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया।

    इसके बाद परिजन अस्पताल के अंदर होकर मेटरनिटी में भी गए, लेकिन मेटरनिटी से कोई भी स्टाफ प्रसूता महिला को लेने या उसकी देखरेख करने के लिए नहीं आया। करीब पौने घंटे तक महिला व नवजात खुले आसमान के नीचे पड़े रहे। इसके बाद परिजनों ने मेटरनिटी में हंगामा करना शुरू किया।

    हंगामे का असर भी स्टाफ पर नहीं हुआ। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल चौकी के पुलिस कर्मियों ने आरएमओ को सूचना दी। आरएमओ ने कॉल कर मेटरनिटी स्टाफ को आदेश दिए तब कहीं पौन घंटे बाद प्रसूता व नवजात बच्चे को स्टाफ मेटरनिटी में ले गया और उसका उपचार शुरू किया। इस संबंध्ा में आरएमओ डॉ. पदमेश उपाध्याय ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली, वैसे उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए। मेटरनिटी के स्टाफ ने ऐसा क्यों किया। इस बात की जांच कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।

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