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    लाइनमैन की जान से ज्यादा महंगा बिजली कंपनी का दस्ताना

    Published: Wed, 15 Mar 2017 08:08 AM (IST) | Updated: Wed, 15 Mar 2017 03:02 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    मुरैना। महज एक दस्ताने के पैसे बचाने के लिए बिजली कंपनी अपने कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ कर रही है। दो दस्ताने दिए जाने के प्रावधान के बाद भी कंपनी अपने लाइनमैन और लाइन हैल्पर को सिर्फ एक हाथ का दस्ताना ही देती है। हाल ही में झुंडपुरा सब स्टेशन में एक दस्ताना पहनकर डीओ ठीक कर रहे एक बिजली कर्मचारी की मौत हो चुकी है। इसके बाद पता चला कि कंपनी ज्यादातर जगहों पर अपने कर्मचारियों को सिर्फ बाएं हाथ का दस्ताना ही देती है।

    24 घंटे शहर की बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर और सब स्टेशन पर आने वाले फॉल्ट को ठीक करने के लिए जो लाइनमैन और लाइन हैल्पर काम करते हैं वे नंगे हाथ में प्लायर्स लेकर अपनी जान को जोखिम में डालते हैं। निमयमानुसार इन कर्मचारियों को कंपनी हैवी रबर के दस्ताने देती है ताकि अगर काम करते वक्त कहीं से करंट आने की संभावना हो तो कर्मचारी इस दस्ताने के जरिए दुर्घटना से बच जाएं। लेकिन कंपनी इस काम में भी लापरवाही बरत रही है। मसलन कंपनी कर्मचारियों को बाएं व दाएं हाथ के दस्ताने देने की बजाय सिर्फ बाएं हाथ के दस्ताने ही दे रही है। ऐसे में कर्मचारियों को एक ही दस्ताने से बिजली की लाइन रिपेयरिंग का काम करना पड़ रहा है।

    इसलिए दिए जाते हैं एक हाथ के ही दस्ताने

    रिटार्य बिजली कंपनी कर्मचारी सालिग्राम सिंह कहते हैं कि बिजली कंपनी हमेशा दस्तानों की कमी होने की बात कहती है। इसलिए एक कर्मचारी को एक ही दस्ताना दिया जाता है। ऐसे में कई बार जब दो दस्तानों की जरूरत होती है तो कर्मचारी आपस में दस्ताने मांगकर उन्हें दोनों हाथों में पहनते हैं। लाइनमैन और लाइन हैल्पर के बीच कई जगहों पर सिर्फ एक ही दस्ताना होता है।

    सुविधाओं पर हर क्षेत्र में कम खर्च करती है कंपनी

    बिजली बिल वसूली करने और लोगों को आंकलित बिल देकर वसूली का प्रतिशत बढ़ाने में अव्वल बिजली कंपनी सुविधाओं पर बेहद कम खर्चा करती है। जैसे कि कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्लायर्स आदि। रिपेयरिंग के लिए वायर आदि की उपलब्धता। यहां तक कि बिजली कंपनी के पास पूरे जिले में सिर्फ एक लिफ्ट मशीन है। जिसके जरिए ऊंची बिजली की लाइनों तक आसानी से और सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सकता है।

    सीढ़ियों का भी यही हाल

    बिजली की लाइन ठीक करने के लिए कंपनी कर्मचारियों को बांस की सीढ़ियां उपलब्ध कराती है। लेकिन इन सीढ़ियों का भी हाल खराब है। मुरैना शहर में ही करीब 40 बांस की सीढ़ियां हैं, जिनका उपयोग कर्मचारी कर रहे हैं, लेकिन यह सीढ़ियां टूट चुकी हैं। कर्मचारियों ने एल्युमीनियम के तार आदि बांधकर इन सीढ़ियों को उपयोग के लायक बना रखा है। कई बार कर्मचारी इन्हें अपने पैसे से भी ठीक कराते हैं।

    नहीं उठाया फोन

    झुंडपुरा में करंट से मरे लाइनमैन के हाथ में एक दस्ताना होने और कर्मचारियों को दो की जगह एक दस्ताना देने के संबंध में बिजली कंपनी के एसई विनोद कटारे को उनके सीयूजी मोबाइल नंबर 9406902236 पर कॉल किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसी तरह डीई मुरैना एसपी सिंघारिया का फोन पहुंच से बाहर जाता रहा।

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