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    डेढ़ साल बाद समस्या बरकरार, आना पड़ता है 10 से 12 किमी दूर शिकायत करने

    Published: Sat, 14 Jan 2017 05:30 PM (IST) | Updated: Sat, 14 Jan 2017 05:30 PM (IST)
    By: Editorial Team
    13janmra6a 14 01 2017

    ुरैना। ननि परिषद के गठन को डेढ़ साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन ननि ने शहर के वार्डों में जोनल कार्यालयों को शुरू नहीं किया है। इस वजह से शहर के बाहरी वार्डों के लोगों को शिकायत करने या अपनी किसी भी समस्या को हल कराने के लिए 10 से 12 किमी दूर से ननि कार्यालय आना पड़ता है। लोगों को मुश्किल तब होती है जब लोगों का काम नहीं होता और वापस होना पड़ता है।

    उल्लेखनीय है कि नगरनिगम बनने से पहले शहर की सीमा में आसपास की 12 पंचायतों को भी जोड़ा गया था। ये सभी पंचायतें करीब 12 वाडोर् में हैं। खासबात यह है कि ये वार्ड नगरनिगम कार्यालय से औसतन 5 से 6 किमी दूर हैं। कई वार्ड तो 10 से 12 किमी भी दूर हैं। ऐसे में लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर ननि के कार्यालय तक आना किसी मुश्किल काम से कम नहीं है।

    पहले बनाई थी चार क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की योजना

    नगरनिगम परिषद के चुनाव से पहले प्रशासक ने नगरनिगम क्षेत्र में चार क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की योजना बनाई थी। इनके लिए जगह भी देखी गई थी, लेकिन परिषद के चुने जाने के बाद इन कार्यालयों की योजना को तो ननि प्रशासन भूल ही गया। यानी नगरनिगम की अभी तक हुई दो बैठकों में क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की योजना पर किसी तरह का अमल नहीं हुआ है। इससे लगता है कि यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है।

    15 अगस्त को की थी जोनल कार्यालय शुरू करने की योजना

    15 अगस्त 2016 को शहर के नगरनिगम के जोनल कार्यालय शुरू करने की घोषणा की थी और इन कार्यालयों के लिए कर्मचारियों को नियुक्त करने के आदेश भी जारी किए थे, लेकिन आदेश के जारी होने के बाद भी ननि के जोनल कार्यालय शुरू नहीं हो सके हैं। खासबात यह है कि जोनल कार्यालय खोलने की प्रक्रिया अगस्त में कमिश्नर के जाते ही रुक गई।

    यह होता है क्षेत्रीय कार्यालयों में

    नगरनिगम दूर स्थित वार्डों की समस्याओं व उनके हल करने के लिए एक छोटा कार्यालय खोलता है। जहां पर नगरनिगम के कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। इन कार्यालयों में वे सभी काम होते हैं जो नगरनिगम के मुख्य कार्यालयों में होता है। मसलन सफाई, पानी, सड़क आदि की समस्याओं का हल तो इन कार्यालयों से होता ही है, साथ ही नामांतरण सहित अन्य काम भी इन्हीं कार्यालयों से हो जाते हैं।

    इसलिए जरूरी है क्षेत्रीय कार्यालय

    - शहर के दूर के वार्डों के लिए इन वार्डों में ही कार्यालय खोल दिया जाए तो वहां के लोगों को ननि तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे अपने पास के कार्यालय में ही अपनी समस्या का हल करा पाएंगे।

    - चूंकि दूर के वार्डों से ननि कार्यालय आने में लोगों को लोकल कन्वेंस से लेकर अन्य कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे भी लोगों को मुक्ति मिलेगी।

    - यदि मुख्य कार्यालय में भी आने पर एक बार में काम नहीं हुआ तो लोगों को बार-बार आना पड़ता है। ऐसे में जब क्षेत्रीय कार्यालय पास में होगा तो लोग एक से अधिक बार कार्यालय आकर समस्या को बता सकते हैं और उन्हें हल करा सकते हैं।

    अभी क्या है हाल

    अभी बड़ोखर, छौंदा, निवी, लश्करीपुरा सुंदरपुर जैसे गांव सात से आठ किमी दूर हैं। ऐसे में यहां बेशक समस्या रहती हो, लेकिन लोग ननि के कार्यालय तक नहीं आ पाते। इससे उनकी समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं।

    कथन

    - क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का प्लान है। आगामी दिनों में खोले जाएंगे। चूंकि क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए अभी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार नहीं है और कर्मचारियों की भी कमी है। इसलिए क्षेत्रीय कार्यालय खोलने में परेशानी आ रही है, लेकिन इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

    डीके जैन, आयुक्त नगरनिगम मुरैना

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