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    ग्वालियर में हिन्दू महासभा कार्यालय में लगाई नाथूराम गोडसे की मूर्ति पर बवाल

    Published: Wed, 15 Nov 2017 01:30 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 08:15 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    ग्वालियर। अखिल भारत हिन्दू महासभा के दौलतगंज स्थित कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित होने के बाद राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने जहां इसके खिलाफ धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि यह उनकी पार्टी का मामला नहीं है, यदि कोई अपने घर में रावण का मंदिर बनाए तो हम क्या कह सकते हैं।

    अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बुधवार को हुतात्मा नाथूराम गोडसे एवं हुतात्मा नारायण आप्टे के 68वें बलिदान दिवस पर दौलतगंज स्थित कार्यालय में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा स्थापना की खबर फैलते ही ग्वालियर से भोपाल तक हड़कंप मच गया।

    हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय नेता डॉ. जयवीर भारद्वाज का कहना है कि न हम कांग्रेसी है न ही भाजपाई, हिन्दू महासभाई हैं। हम अपनी जगह पर किसी की भी मूर्ति लगाएं, इसकी हमें स्वतंत्रता है। उधर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को लेकर गुरुवार सुबह 11 बजे आपात बैठक बुलाई है। जिसमें प्रतिमा स्थापना का विरोध किस तरह और किस स्तर पर करना है, इसके बारे में निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को बुलाया गया है।

    अभिषेक के बाद हुई मूर्ति की स्थापना

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की प्रतिमा को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित किया गया। प्रतिमा का दही, दूध, शहद एवं गंगाजल से अभिषेक हुआ। इस अवसर पर अभा हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय नेता. डॉ जयवीर भारद्वाज, कैलाश नारायण शर्मा, पार्षद बाबूलाल चौरसिया आदि उपस्थित थे।

    पुलिस हुई अलर्ट

    प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद इंटेलीजेंस और पुलिस भी अलर्ट हो गई है। मामले से जुड़ी तमाम जानकारी भोपाल भेजने के साथ ही कार्यालय पर भी पुलिस नजर रखे हुए है। जिससे किसी प्रकार का हंगामा होने पर तुरंत निपटा जा सके।

    कौन है नाथूराम गोडसे

    नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद 15 नवंबर 1949 को अंबाला की जेल में नाथूराम गोडसे एवं उनके साथी नारायण आप्टे को फांसी दी गई थी।

    इनका कहना है

    इसके खिलाफ हमारी पार्टी धरना प्रदर्शन करेगी। इस मामले में रणनीति बनाने के लिए हमने गुरुवार सुबह 11 बजे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई है। जिसमें विरोध किस प्रकार किया जाना है इसका निर्णय लिया जाएगा।

    रमेश अग्रवाल, पूर्व विधायक कांग्रेस


    मंदिर अभा हिन्दू महासभा ने बनाया है, ये हमारी पार्टी का मामला नहीं है। मैं इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, आजादी के बाद गोडसे को मानने वाले भी कई लोग थे। संविधान में कोई किसी को अपने घर में कुछ करने से कैसे रोक सकता है। लोकतंत्र है, हम क्या कर सकते हैं। यदि कोई रावण का मंदिर अपने घर में बना ले तो हम क्या करेंगे।

    देवेश शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा


    पार्टी के कार्यक्रम में मुझे बुलाया था,इसलिए मुझे तो जाना ही पड़ेगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के मामले में आप हमारे राष्ट्रीय नेता डॉ जयवीर भारद्वाज से बात करें।

    बाबूलाल चौरसिया, पार्षद वार्ड क्रमांक 44

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