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    दूल्हे की तलवार से बच्चे की मौत, दुल्हन ने शादी से किया इंकार

    Published: Fri, 21 Apr 2017 06:06 PM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 08:15 AM (IST)
    By: Editorial Team
    neemuch marriage 21 04 2017

    रामपुरा/नीमच। खेजड़ी पूजा के बाद दूल्हे के हाथ से तलवार म्यान में जाने की बजाय एक बालक के पेट में जा घुसी। दूल्हा व अन्य बाराती बालक को लहूलुहान हालत में छोड़कर दुल्हन के घर पहुंचे। लेकिन कुछ देर बाद घटना व बालक की मृत्यु की जानकारी दुल्हन और उसके परिजनों को लगी तो उन्होंने शादी से इंकार कर दिया। बारात को बैरंग लौटा दिया।

    घटना गुस्र्वार रात 11.30 से 12 बजे के बीच हुई। भोई मोहल्ला के फूलचंद पिता परमानंद भोई (19) व पूजा पिता गुड्डूलाल भोई (18) की शादी थी। फूलचंद व परिजन वर निकासी के बाद बारात के रूप में दुल्हन के घर की ओर रवाना हो रहे थे। रास्ते में बारात रूकी।

    दूल्हा फूलचंद, समाज के भूपेंद्र पिता भोनीशंकर भोई (17) व भाई हेमंत (12) सहित अन्य बाराती खेजड़ी पूजा के लिए बस स्टैंड क्षेत्र में पहुंचे। प्याऊ के पीछे खेजड़ी पूजा की रस्म पूरी की गई। रस्म पूर्ण करने के बाद दूल्हे फूलचंद ने तलवार को म्यान में रखने की कोशिश की तो तलवार म्यान में जाने की बजाय पीछे खड़े हेमंत के पेट में जा घुसी।

    शादी के उत्साह में फूलचंद व अन्य बाराती भूपेंद्र व हेमंत को छोड़कर दुल्हन के घर के लिए रवाना हो गए। बस स्टैंड पर मौजूद अन्य लोगों ने हेमंत को सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉ.सुरेंद्र पटेल ने प्राथमिक उपचार के बाद हेमंत को नीमच रेफर किया। लेकिन नीमच पहुंचने से पूर्व ही उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना की जानकारी दुल्हन व परिजनों को लगी तो उन्होंने शादी से इंकार कर दिया। समूचे घटनाक्रम की जानकारी के बाद भोई मोहल्ला में सनसनी का माहौल बना रहा। पुलिस ने मामला जांच में लिया।

    शादी की आस थी, दुल्हन व परिजन मुकर गए

    दूल्हा फूलचंद व मेहमान बारात लेकर दुल्हन पूजा पिता गुड्डूलाल भोई (18) के घर पहुंचे। सबकुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन बस स्टैंड पर हुई घटना की जानकारी व हेमंत की मृत्यु का समाचार पूजा व परिजनों को लगा तो उन्होंने शादी से इंकार कर दिया। बारात को बैरंग लौटा दिया।

    घटना की कहानी, प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी

    हेमंत के भाई भूपेंद्र भोई (17) की माने तो घटना गुस्र्वार रात 11.30 से 12 बजे के बीच हुई। समाज के फूलचंद पिता परमानंद भोई की शादी थी। वर निकासी के बाद बस स्टैंड के समीप प्याऊ के पीछे खेजड़ी काटने की रस्म की गई। दूल्हा सहित अन्य नशे में थे। सामाजिक स्तर पर शादी होने के कारण मैं व भाई हेमंत भी पूजा के दौरान मौजूद थे। खेजड़ी पूजा के बाद फूलचंद ने तलवार म्यान में रखने की कोशिश की। लेकिन म्यान की बजाय तलवार हेमंत के पेट में घुस गई। मुझे व भाई को मौके पर छोड़कर फूलचंद व अन्य बाराती रवाना हो गए। बस स्टैंड पर मौजूद अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। बाद में परिजनों को पता चला।

    क्या है खेजड़ी पूजा

    हिंदू धर्म के कई समाजों में वर निकासी के दौरान खेजड़ी पूजा की रस्म होती है। खेजड़ी के पेड़ की पूजा के बाद प्रतीक स्वरूप दुल्हा कटार या तलवार से सांकेतिक रूप से खेजड़ी की छोटी डाल काटता है। इसके बाद ही बारात दुल्हन के घर रवाना होती है।

    मेडिकल एक्सपर्ट व्यू- जख्म गहरा था

    'हेमंत के पेट में जख्म गहरा था। खून अधिक बहने के कारण उसकी हालत बेहद नाजुक थी। परिजनों व अन्य लोगों ने दुर्घटनावश तलवार लगने की बात कही। लेकिन यह जख्म सामान्य जख्म जैसा नहीं था। पेट में गहराई तक तलवार से चोट आई थी।' - डॉ.सुरेंद्र पटेल, मेडिकल ऑफिसर सिविल अस्पताल रामपुरा

    जांच कर रहे हैं

    'खेजड़ी पूजा के दौरान घटना होने की जानकारी मिली है। बालक की मृत्यु नीमच जिला अस्पताल ले जाते समय हुई थी। पीएम जिला अस्पताल में हुआ है। मर्ग डायरी मिलने पर आगे की कार्रवाई करेंगे। परिजनों व अन्य लोगों के बयान होना शेष है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेंगे।' - अमित सारस्वत, थाना प्रभारी रामपुरा

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