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    बगीचा नंबर 61 पर दीवार तो 50 पर तान दी कॉलोनी

    Published: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST)
    By: Editorial Team

    महू। नईदुनिया प्रतिनिधि

    सैन्य जमीन पर अतिक्रमण से भले ही न्याय पालिका परेशान हो लेकिन महू में रक्षा संपदा विभाग इसे लेकर बेफिक्र है। केवल साल 2017 की ही बात करें तो सेना की जमीनों पर करीब चार कॉलोनियां बनाई जा रही हैं। इनमें एक का निर्माण तो पूरा भी हो चुका है। हालांकि इन्हें तोड़ने की कार्रवाई की गई लेकिन यह बेहद औपचारिक रही।

    तस्वीरों पर नजर डालें तो पता चलता है कि कैसे अवैध कब्जेदारों ने धीरे-धीरे सेना की पूरी जमीन हथिया ली और संबंधित विभागों के अधिकारी तमाशा देखते रहे।

    61 नंबर बगीचे पर जल्द बनेगी कॉलोनी !

    करीब दो-तीन महीने पहले बगीचा नंबर 61 में लगातार जमीन की खरीद-फरोख्त चल रही थी। जब नईदुनिया ने इस अतिक्रमण पर खबर प्रकाशित की तो रक्षा संपदा विभाग ने कार्रवाई की और दीवार तोड़ दी। निर्माणकर्ता ने इसके बाद भी हार नहीं मानी और कुछ दिनों में फिर दीवार बना डाली। खबर फिर प्रकाशित की गई, पर इस बार हल्की कार्रवाई हुई।

    व्यवस्था पर पर्दा

    इसकेबाद निर्माणकर्ता ने तीसरी बार बड़ी कनात या पर्दा लगाकर काम शुरू किया। हालांकि निर्माण सभी को नजर आ रहा था लेकिन यह पर्दा दरअसल व्यवस्था की आंखों पर था इसलिए इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब रक्षा संपदा की जमीन को घेरने वाली दीवार पूरी बन चुकी है। अंदर जमीन पर प्लॉट बेचे जा चुके हैं। अब कुछ दिनों में यहां भवन निर्माण शुरू होंगे।

    बगीचा नंबर 50 पर अब दूसरी और तीसरी कॉलोनी की तैयारी

    इसी तरह बगीचा नंबर 50 पर भी शहर के एक व्यापारी ने कॉलोनी बसा दी। औरों से दो कदम आगे इस बगीचे की जमीन पर एक साथ तीन कॉलोनियों की योजना थी जो थोड़ी-बहुत अड़चनों के बाद अब लगभग पूरी हो चुकी है। यहां पहली कॉलोनी के निर्माण के समय नईदुनिया ने खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद रक्षा संपदा विभाग ने कार्रवाई की और दीवार तोड़ दी। इसके बाद रक्षा संपदा विभाग के अधिकारी ने न्यायिक समाधान का हवाला देकर कानूनी प्रक्रिया की बात कही और बात दब गई। इस दौरान कॉलोनी पूरी तरह बन गई।

    सेना की जमीन पर फेस टू

    अब बगीचे के ही दूसरे हिस्से की कॉलोनी का निर्माण शुरू हो गया है। शुरुआत में यहां बेकार पेड़-पौधों की कटाई-छटाई की गई। इसके बाद प्लाट बेचे जाने शुरू हुए और बाद में सभी की सुविधा के लिए ड्रेनेज लाइन भी बिछा दी गई। अब बीचों-बीच एक रास्ता निकाल दिया गया है। जानकारी की मानें तो जल्दी ही अब इसके दोनों ओर प्लाट धारक अपने निर्माण शुरू करेंगे।

    कानूनी हल खोज रहे

    हमें इसकी जानकारी है, लेकिन हम इस विषय पर कानूनी समाधान खोज रहे हैं, ताकि आगे ऐसा न हो। हम आगे भी कार्रवाई करेंगे।

    -नेहा गुप्ता, रक्षा संपदा अधिकारी, महू छावनी

    और जानें :  # Occupied # openly on # military ground
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