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    समय के पहले बंद हो जाते स्कूल, नहीं बनता भोजन

    Published: Sat, 14 Jan 2017 07:36 PM (IST) | Updated: Sat, 14 Jan 2017 07:36 PM (IST)
    By: Editorial Team

    क्षेत्र की अधिकांश शालाएं छुट्टी के पहले तालों में बंद मिलीं

    बड़ामलहरा। यूं तो निजी स्कूलों में मकर संक्रांति के ठीक एक दिन पहले से तीन दिनों की छुट्टियां कर दी गई, लेकिन शासकीय शालाओं ने भी कुछ इसी तरह छुट्टियों का सिलसिला अपना लिया है। शासकीय स्तर से ऐसी कोई घोषणा नहीं थी, लेकिन अंचल के अधिकांश स्कूल मकर संक्रांति के एक दिन पहले शाला बंद होने के पहले ही बंद हो गए। इन स्कूलों में बच्चो की संख्या नगण्य रही। अनेक शाला शिक्षक समय से पूर्व ही शाला में ताला डाल कर स्कूल से गायब हो गए। विकासखंड क्षेत्र में 362 प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में करीब 40 हजार बच्चे दर्ज है। शुक्रवार को अधिकांश स्कूलों में अघोषित तरीके से छुट्टी रही। कई स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे तो मध्या- भोजन भी तैयार नहीं किया गया।

    इनका कहना है

    'मुझे आपके द्वारा जानकारी मिली है, समय से पहले स्कूल बंद होना गंभीर बात है। मामले की जांच के उपरांत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। '

    हरिप्रसाद अहिरवार

    विकासखंड स्रोत समन्वयक, बड़ामलहरा

    बाक्स में खबर

    केस क्रमांक 01

    शासकीय प्राथमिक शाला बमनी

    समय : दोपहर 1.25 बजे

    दर्ज छात्र : 141

    उपस्थिती : शून्य

    शिक्षक : 05 नियमित

    उपस्थित : 05

    मध्या- भोजन स्थिति : नहीं बना

    यहाँ राधा स्वामी स्व सहायता समूह मध्या- भोजन व्यवस्था संभाल रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में कुल 141 बच्चे दर्ज हैं लेकिन आज स्कूल में 10 से 15 छात्र ही उपस्थित हुए थे। यह स्कूल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद घर लौट गए। मध्या- भोजन के सवाल पर उन्होंने बताया कि स्कूल में बच्चो की संख्या कम होने से मध्या- भोजन नहीं बनाया गया।

    केस क्रमांक 02

    शासकीय माध्यमिक शाला बमनी

    समय दोपहर 1.28 बजे

    दर्ज छात्र : 184

    उपस्थिती : शून्य

    शिक्षक : 06, नियमित 03

    उपस्थित : 03

    मध्या- भोजन स्थिति : भोजन नहीं बना

    प्रबंधन समिति द्वारा स्कूल में मध्या- भोजन व्यवस्था संभाल रही है। प्रधानाध्यापक जगदीश शर्मा ने बताया कि शाला में आज केवल 30 बच्चे ही स्कूल आए थे। त्योहार के चलते बच्चों की उपस्थिती कम हुई है।

    केस क्रमांक 03

    शासकीय प्राथमिक शाला पगरासपुरा

    समय : दोपहर 1.47 बजे

    दर्ज छात्र : 24

    उपस्थित : शून्य

    शिक्षक : 02

    उपस्थित : 01

    मध्या- भोजन : नहीं बना

    ग्रामीण चतुरसिंह यादव व हेमंत सिंह बताते हैं कि गांव की शिक्षण व्यवस्था में भर्राशाही है। यहाँ अधिकारी कभी निरीक्षण पर नहीं आते लिहाजा शिक्षक अपनी मनमर्जी से उपस्थित होते है। बच्चों के पढ़ने के लिए सरकार ने पांचवी तक स्कूल खोला है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से वह भी विधिवत संचालित नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल में सरोज चतुर्वेदी शिक्षक के रूप में पदस्थ है लेकिन महीने में केवल एक दो दिन ही स्कूल आती है। इस संबंध में संबंधित अधिकारी व करीब एक वर्ष पूर्व सीएम हेल्प लाईन में शिकायत की थी, इसके बाद विभाग द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।

    केस क्रमांक 04

    शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला सूरजपुराकलां

    समय : दोपहर 2.25 बजे

    मध्या- भोजन : नहीं बनाया

    दोनो शालाएं एक ही परिसर में संचालित है, शुक्रवार दोपहर करीब ढ़ाई बजे इन शालाओं से शिक्षक नदारद मिले और ताला बंदी पाई गई। परिसर के पास खेल रहे बच्चों सुरेंद्र एवं राजू कुश्वाहा ने बताया कि वह इसी स्कूल में कक्षा 6वीं के छात्र है। आज हम लोग स्कूल नहीं आए और स्कूल बंद होने संबंधी मुझे जानकारी नहीं है।

    और जानें :  # gwl news
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