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    पुण्य की प्रबल भावना भक्त को भगवान बना देती है

    Published: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    -गर्भकल्याणक का पूजन, माता की गोद भराई हुई

    -पंचकल्याणक महोत्सव तीसरा दिन

    भोपाल (नप्र)। भानपुर में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को गर्भ कल्याणक के तहत सर्वप्रथम पंच तीर्थंकरों के अभिषेक और शांति धारा का कार्य भक्ति पूर्वक संपन्ना हुआ। गर्भकल्याणक की पूजन के उपरान्त पूज्य आचार्य श्री की पूजन सभी इंद्र इंद्राणिओं ने प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया के निर्देशन में की ।

    इस अवसर पर पूज्य आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज ने गर्भकल्याणक के सन्दर्भ में कहा कि जब कोई पुण्यशाली जीव तीर्थंकर की प्रकृति लेकर माता के गर्भ में आता है तो तीनों लोकों में हर्ष व्याप्त हो जाता है, सभी इंद्र गण भी खुशियां मनाने लगते हैं। पुण्य की प्रबल भावना ही भक्त को भगवान बनाती है। पुण्य की ये भावना परमात्मा की भक्ति से ही आती है। आप सभी यहां प्रभु की भक्ति कर रहे हैं। ये भक्ति ही आपके लिए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करेगी। माता की गोद भराई का कार्यक्रम भी हुआ । कार्यक्रम के उपरांत भव्य शोभायात्रा प्रारम्भ हुई जो मंदिरों में पहुंची जहां वेदी शुद्घि का कार्य पूर्ण विधि विधान से संपन्ना हुआ। इसमें सौधर्म इंद्र और सभी इंद्र इन्द्राणी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर पंकज सुपारी, राजेश कोयला, राकेश ओएसडी,संजय मुंगावली, एमके भारत,पंकज प्रधान, अंशुल जैन, मनोज जैन मन्नाू आदि मौजूद थे।

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