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    सुमित सवा साल बाद मुख्यमंत्री को याद दिलाएगा उनका वादा

    Published: Wed, 13 Sep 2017 07:18 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 08:09 AM (IST)
    By: Editorial Team
    shivraj 13 09 2017

    अम्बुज माहेश्वरी, रायसेन। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा को उनके अफसर कितनी गंभीरता से लेते हैं, इसका अंदाजा रायसेन जिले के सिलवानी के साल साल के मासूम के साथ जो हुआ, उससे लगाया जा सकता है। एक साल तीन माह (15 जून 2016) पहले स्कूल चले हम अभियान के कार्यक्रम में सिलवानी दौरे पर आए मुख्यमंत्री को मासूम सुमित ने एक दर्द भरी चिठ्ठी सौंपी थी। जिसमें उसने कहा था-मेरे माता-पिता नहीं हैं, मैं अपनी 70 साल की वृद्ध दादी के पास रहता हूूं। मेरी दादी के पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि वो मुझे पढ़ा सकें और घर का खर्च चला पाएं।

    यह सुनते ही मुख्यमंत्री भावुक हो गए और मंच से पीडब्ल्यूडी मंत्री व स्थानीय विधायक रामपाल सिंह की मौजूदगी में घोषणा कर दी कि चिंता मत करो, तुम्हारा और तुम्हारी दादी का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इस घोषणा के बाद 456 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन उस मासूम को मदद तो छोड़ ही दीजिए, शासन-प्रशासन ने उसकी तरफ मुड़कर तक नहीं देखा। गुरुवार को मुख्यमंत्री फिर सिलवानी आ रहे हैं। उस मासूम की आज भी आस नहीं टूटी है। वह कहता है-मामा मेरी चिंता जरूर करेंगे। मेरी बूढ़ी दादी पर तरस जरूर आएगा...

    गरीबी के बीच भी पढ़ाई का जज्बा ऐसा कि 22 तक का पहाड़ा मौखिक याद...

    सिलवानी के प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार का छात्र सुमित का जीवन भले गरीबी और तंगहाली में गुजर रहा हो, लेेकिन उसमें पढ़ाई का जज्बा गजब का है। 22 तक पहाड़ा उसे मुंहजुबानी याद है। उसने पिछले साल मुख्यमंत्री को जो चिठ्ठी सौंपी थी, उसमें उसमें कहा था कि मैं बहुत गरीब हूं, बड़ा होकर अफसर बनना चाहता हूं। मेरे परिवार की थोड़ी मदद् करवा दीजिए। सिलवानी के बीआरसी शैलेंद्र यादव कहते हैं कि सुमित बहुत होनहार है। उसे 22 तक पहाड़ा मौखिक याद हैं। मैं जब भी स्कूल जाता हूं, उससे जरूर मिलता हूं।

    हो सकता है सुमित की मदद के लिए शासन स्तर से कुछ चल रहा हो

    यह सही है कि मुख्यमंत्री जी को उसने अपनी पीड़ा बताई थी। हो सकता है सुमित की मदद के लिए शासन स्तर पर कुछ चल रहा हो। अभी वह सिलवानी के सरकारी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ रहा है। वह बहुत होनहार छात्र है।

    विजय कुमार नेमा, डीपीसी

    मुझे विश्वास है कि मामा मेरी मदद करेंगे

    मैंने एक चिट्ठी शिवराज मामा को दी थी। मुझे विश्वास है कि मामा शिवराज मेरी और दादी की परेशानी दूर करेंगे। मेरी दादी बहुत बूढ़ी हैं वो मेरे लिए बहुत चिंतित रहती हैं। मुझे तो उनका ही सहारा है।

    सुमित ठाकुर, छात्र कक्षा 4

    बच्चे को मदद क्यों नहीं मिल पाई, हम पता करते हैं

    बच्चे के भविष्य की चिंता हम जरूर करेंगे। मैं यह पता करता हूं कि उसे मदद क्यों नहीं मिल पाई। उस बच्चे से मैं व्यक्तिगत रूप से भी मिलूंगा। उसकी हर मदद होगी।

    रामपाल सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री

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