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    विभाग ने वापस मांगी सामग्री तो ठेकेदार ने कर दिए एसडीओ के फर्जी हस्ताक्षर

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:11 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:11 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - जांच में सामने आया मामला, धोखाधड़ी का केस दर्ज

    राजगढ़।नवदुनिया प्रतिनिधि

    विभाग को सामगी जमा कराने के चक्कर में एक ठेकेदार ने जल संसाधन विभाग के एसडीओ के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। मामला सामने आने के बाद एसडीओ ने हस्ताक्षर फर्जी बताए तो ठेकेदार के खिलाफ राजगढ़ पुलिस ने 420 का मामला दर्ज कर लिया। उल्लेखनीय है कि मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के तहत कई लोगों का विस्थापन किया था। ऐसे में रहवासी कालोनियों में व्यवस्थाएं जुटाने के लिए 20 लाख के बिजली के पाइप आदि तकनीकी सामग्री ठेकेदार चंदरसिंह परिहार निवासी बड़लिया तहसील जीरापुर को प्रदान की गई थी। लेकिन बाद में उस सामग्री का उपयोग नहीं हो सका। ऐसे में जलसंसाधन विभाग ने उक्त सामग्री की मांग ठेकेदार से की। ठेकेदार ने सामग्री जमा करने की बजाए एक पत्र तैयार किया। इसमें सामग्री विभाग में जमा करना बता दिया। खास बात यह है कि जो पत्र था उस पर रिसीव जलसंसाधन विभाग के एसडीओ भास्कर सक्सेना के नाम से दी। मामले की जांच हुई तो एसडीओ भास्कर सक्सेना ने साम्रग्री जमा होने से इंकार करते हुए अपने हस्ताक्षर फर्जी करार दे दिए।

    हस्ताक्षर की कराई जांच, फर्जी साबित

    मामला बढ़ने के साथ ही विभाग एवं एसडीओ ने अपने ही हस्ताक्षरों की जांच भोपाल के हस्तलिपि विशेषज्ञ से कराई। जहां हस्ताक्षर फर्जी करार दे दिए गए। ऐसे में विभाग के कार्यपालन यंत्री नंदराम सोलंकी की शिकायत पर ठेकेदार चंदरसिंह के खिलाफ 420, 409, 467, 468 एवं 471 के तहत मामला दर्ज किया है।

    दो कालोनी बनना थी, दोनों निरस्त

    जानकारी के मुताबिक मोहनुपरा डैम में प्रभावित हो रहे लोगों के लिए राजलीबे एवं बांसखेड़ी गांव में लंबे समय पूर्व विस्थापितों के लिए कालोनियां बनाने का प्लान तैयार किया गया था। कालोनियों में जल, विद्युत सहित अन्य व्यवस्थाएं जुटाई जाना थी। ऐसे में उक्त दोनों गांव की पुनर्वास कालोनियों को डवलप करने के लिए पोल, मशीनरी सहित 20 लाख रूपए का तकनीकी सामान ठेकेदार को दिया गया था। उसी दौरान कुछ समय बाद कलेक्टर द्वारा दोनों कालोनियों को निरस्त कर दिया गया। कालोनियां निरस्त होने के बाद उक्त सामग्री विभाग के मुताबिक उपयोग विहीन उन स्थानों के लिए हो चुकी थी। ऐसे में 20 लाख का सामान ठेकेदार को वापस जल संसाधन को वापस करना था। लेकिन ऐसा न करते हुए उन्होंने कागजों में ही सामान जमा करना व एसडीओ के फर्जी हस्ताक्षर कर पावती लेना बता दिया गया। जिसकी शिकायत पर गत दिवस कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।

    मामला दर्ज किया

    एसडीओ के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सामग्री जमा होना बताने पर शिकायत के आधार पर ठेकेदार चंदरसिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बिजली के पोल उन्हें दिए गए थे।

    मुकेश गौड़, टीआई राजगढ़

    फोटो 1310 आरजे 03 राजगढ़। एसपी कार्यालय राजगढ़।

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