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    अस्पताल में बिजली गुल, जनरेटर भी खराब, हवा पानी को तरसे मरीज

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:11 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:11 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - मेंटेनेंस के चलते बिजली गुल रहने से हुई परेशानी

    13 बीआरओ 2ः ब्यावरा। पंखे बंद होने से मरीज परेशान नजर आए।

    ब्यावरा। नवदुनिया न्यूज

    सिविल अस्पताल में प्रतिदिन करीब तीन सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन यहां अव्यवस्थाओं का अंबार है। शुक्रवार को बिजली कंपनी ने वीआईपी फीडर में मेंटेनेंस का काम किया था। इसके चलते इस क्षेत्र में आने वाले अस्पताल में भी बिजली गुल रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिजली लगभग 4 से 5 घंटे तक गुल रही है। इस कारण रोगियों के साथ डॉक्टरों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं बिजली न होने के कारण एक्स-रे तथा लैब में टेस्ट कराने के लिए रोगी भटकते नजर आए। अस्पताल में पांच घंटे बिजली गुल होने से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल में पॉवर सप्लाई के लिए अस्पताल प्रशासन ने कोई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं किया है। बिजली गुल होने के कारण अस्पताल में लगे वॉटर कूलर भी बंद रहे। इससे मरीजों को ठंडा पानी भी नहीं मिल सका। अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज व परिजनों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। पंखों व कूलर की व्यवस्था तो है परंतु लाइट जाने के बाद जनरेटर न चलाने पर मरीजों के परिजन हाथों से हवा करते नजर आए।

    जनरेटर नहीं सुधरवा रहा प्रबंधन

    बिजली कटौती होने पर अस्पताल में लाइट गायब रहती है, लेकिन इसके बावजूद जेनरेटर सुधरवाने के लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर नहीं है। मजबूरी में मरीज या तो बाहर आकर बैठते हैं या गर्मी से परेशान होते रहते हैं। इसके साथ ही अन्य मेडिकल सुविधाओं पर भी बिजली गुल होने का असर होता है। विभाग के अधिकारी इस जेनरेटर को लेकर कभी केबल कटने की बात कहते हैं तो कभी डीजल नहीं होने का बहाना बनाते हैं। कारण कुछ भी हो, लेकिन हजारों रुपए खर्च कर लाए गए इस जेनरेटर का कोई फायदा अस्पताल को नहीं मिल रहा है। इस समय एक जेनरेटर अस्पताल के अंदर व एक बाहर रखा हुआ है और इस पर धूल जम रही है। इससे पहले भी सरकारी अस्पताल में कई बार बिजली गुल होने पर जेनरेटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता। परंतु मरीजों द्वारा वार्डन को बार-बार गुहार लगाने पर भी इसका कोई पुख्ता हल नहीं निकाला गया है। इससे पहले भी इस अस्पताल में बिजली जाने पर मरीज परेशान होते थे और आज भी मरीजों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    दोनों जनरेटर खराब

    दोनों जनरेटर में तकनीकी खराबी है। हमने उज्जैन स्थित जनरेटर सप्लाई करने वाली कंपनी को जनरेटर खराब होने की सूचना पहले ही दे दी है और जल्द सुधारने के लिए भी बोला है लेकिन अभी कंपनी का कोई भी व्यक्ति सुधारने के लिए नहीं आया है।

    - डॉ आरजी कौशल, बीएमओ सिविल अस्पताल

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