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    साढ़े सात माह पूर्व व्यापारियों को लूटने वाला कंजर गिरफ्तार, साथी फरार

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:14 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:14 AM (IST)
    By: Editorial Team

    फोटो 1610 आष्टा। कंजर को न्यायालय में पेश करने के लिए ले जाते हुए।

    आष्टा। इंदौर-भोपाल फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर आष्टा से सीहोर बाइक पर अपने साथियों को बैठाकर जा रहे व्यापारी पर लाल मिर्च का पाउडर डालकर साढ़े सात माह पूर्व लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो कंजरों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कंजर को न्यायाधीश निवेश कुमार जायसवाल के न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    जानकारी के अनुसार 3 मार्च की रात 11 बजे गंगा आश्रम निवासी रघुवीर सिंह पिता चूर्णसिंह चंद्रवंशी अपने व्यापारी साथी के साथ बाइक से सीहोर जा रहे थे। उस समय अमलाह टोल टैक्स के आगे पंहुचे तो वहां से दो कंजर बाइक से इनका पीछा करने लगे। सुनसान सड़क पर कंजरों ने व्यापारियों पर मिर्च का पाउडर डालकर इन्हें सड़क पर गिराकर इनके पास बैग में रखे 70 हजार रुपए तथा कागजात आदि लूटकर ले गए थे। नगर निरीक्षक बीडी बीरा ने अपने बाइक चुराकर भाग रहे उक्त लूट के आरोपी पिंटू कंजर पिता विक्रम कंजर निवासी देवड़ा कंजर डेरा शाजापुर को गिरफ्तार कर जब पूछताछ की तो उसने बताया कि मैंने अपने साथी के साथ 3 मार्च को अमलाह के आगे बाइक से जा रहे व्यापारी से लूटपाट की थी टीआई ने कंजर पिंटू को पूछताछ के बाद न्यायाधीश निवेश जायसवाल के न्यायालय में पेश किया और वहां से उसे जेल भेजा गया।

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    भावांतर भुगतान योजना में विसंगति, एक बार में एक ही फसल पर मिलेगा भावांतर

    आष्टा। खेती में लगातार घाटा खा रहे किसानों को उबारने के लिए सरकार ने भावांतर भुगतान योजना शुरू की है। इसके तहत 15 अक्टूबर तक पंजीयन कराया जाना है। जो पंजीयन कराएंगे वही किसान उक्त योजना का लाभ ले पाएंगे। लेकिन इस योजना की विसंगति जानकर किसान हैरान हैं। योजना के तहत किसानों को एक बंदी पर एक फसल का भावांतर भुगतान किया जाएगा। जबकि किसानों ने एक बंदी के खेतों में कई फसलों की बोवनी की है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उपज के बाजिब दाम दिलाने के लिए उक्त योजना को प्रारंभ किया है। किसानों को सही भाव प्रदान करने के लिए इस वर्ष से भावांतर भुगतान योजना प्रारंभ की गई है। जिसमें पंजीयन कराने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर रखी गई है। योजना के तहत किसानों को अपनी फसल तो मंडी में ही विक्रय करना है, लेकिन फसलों के भाव सरकार द्वारा निर्धारित कर दिए गए हैं। मंडी का भाव सरकार के भाव से कम होने पर भावांतर का भुगतान सरकार द्वारा किसानों को किया जाएगा। वर्तमान में योजना का लाभ पाने वाले किसानों के पंजीयन चल रहे हैं। लेकिन पंजीयन में विसंगति यह है कि एक बंदी पर केवल एक फसल का ही भुगतान किया जाना है। जबकि एक बंदी के खेत में किसानों द्वारा एक से अधिक फसलों की बोवनी की गई है। क्षेत्र में खरीफ सीजन में किसान एक से अधिक फसलों की बोवनी अपने खेतों में करते हैं। सोयाबीन के साथ ही उड़द, मूंगफली आदि फसलों की बोवनी भी करते हैं। वर्तमान में हो रहे पंजीयन में किसानों के केवल एक फसल पर योजना का लाभ मिलेगा। जबकि अन्य फसलें किसानों को मंडी के भाव पर ही बेचना पड़ेंगी। किसानों का कहना है कि खेतों में जितनी फसलों की बोवनी की गई है। सभी का लाभ किसानों को भावांतर योजना के तहत मिलना चाहिए।

    बाकी फसलों का नहीं हुआ पंजीयन

    भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीयन 15 अक्टूबर तक होंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, एमपीऑनलाईन पोर्टल पर तथा ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन प्राथमिक कृषि सहकारी में होंगें, लेकिन एक ही फसल का पंजीयन किया जा रहा है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।

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