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    ठेकेदार से बोले अध्यक्ष- हमें न सिखाओ, देश-प्रदेश में क्या चल रहा है

    Published: Sat, 20 May 2017 12:54 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 12:54 AM (IST)
    By: Editorial Team

    लीड- पेज 13

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    सीवर प्रोजेक्टः निगम में विशेष बैठक में पार्षदों ने लगाई ठेकेदार-कंसल्टेंट की क्लास, ढाई घंटे सवाल पर सवाल, बेनतीजा रही बैठक।

    हेडिंग- ठेकेदार से बोले अध्यक्ष- हमें न सिखाओ, देश-प्रदेश में क्या चल रहा है

    -सीवर प्रोजेक्ट की डीपीआर रिवाइज्ड कराने के लिए पार्षदों ने कहा काम बंद करवा दो।

    -निगम और परिषद को पता ही नहीं चला, ठेकेदार को 14 करोड़ भुगतान भी हो गया।

    - केवल शौचालय को सीवर लाइन से जोड़ेंगे, बाथरूम का पानी नालियों में ही बहेगा।

    सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

    सीवर प्रोजेक्ट की डीपीआर में दो बार संशोधन हो चुका है, लेकिन सागर में समस्या अभी भी बरकरार है। ठेकेदार कंपनी लक्ष्मी सिविल कंस्ट्रक्शन मनमानी पर उतारू है, मॉनीटरिंग एजेंसी एजीज उसी के साथ मिक्स होकर काम कर रही है। एजेंसी को 14 करोड़ का भुगतान भी हो गया और परिषद को पता भी नहीं चला। प्रोजेक्ट के तहत शहर में बिछाई जाने सीवर लाइनों और खुदाई को लेकर शुक्रवार को विशेष बैठक में अध्यक्ष सहित पक्ष-विपक्ष के सारे पार्षद तमतमा गए। पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि पहले डीपीआर और प्रोजेक्ट में संशोधन कराए जाएं, संचालनालय से एप्रूव कराया जाए, तब तक सागर में काम बंद रखा जाए।

    अध्यक्ष राजबहादुर सिंह शुक्रवार को सीवर प्रोजेक्ट पर बुलाई गई विशेष बैठक में अलग ही अंदाज में नजर आए। करीब ढाई घंटे तक पार्षदों और ठेकेदार के तर्क-वितर्क सुनने के बाद वे तमतमा गए। सपाट शब्दों में सीवर का काम कर रही लक्ष्मी सिविल कंट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार मनीष शाह से बोले-आप ये बताओ की सड़क खोदने के लिए कटर का उपयोग क्यों नहीं कर रहे हो। पूरी सड़क खराब कर रहे हो। कौन बनाकर देगा। इस पर ठेकेदार ने बताया कि हमारी डीपीआर में कटर का प्रावधान नहीं है। हमें रोड तो़ड़ना है। उसे दोबारा बनाकर देना हमारा काम है। मामले में पेंच को अध्यक्ष एक झटके में समझ गए और बोले कि क्या पूरी रोड फ्री में बनाकर दोगे, ठेकेदार बोला नहीं, इसका हमें पैसा मिलेगा।

    ठेकेदार के बात करने के लहजे और आधे-अधूरे जवाब से अध्यक्ष राजबहादुर सिंह का पारा चढ़ गया। आयुक्त की तरफ मुखातिब होकर बोले- आयुक्त साहब आप अच्छे से इनकी बात सुन लेना! इंजीनियर भी जरा ध्यान से सुनें इनकी बात। आप लोग सिर मत हिलाओ। ये लोग जानबूझकर सड़क जेसीबी से उखाड़ रहे हैं, ताकि दोबारा बनाने का पैसा मिल सके। ठेकेदार से बोले आप हमें न सिखाओ। क्रांक्रीट रोड मरम्मत के बाद जैसे की तैसी रोड़ नहीं बन सकती। ठेकेदार मनीष शाह ने दूसरे शहरों का उदाहरण दिया तो अध्यक्ष राजबाहदुर सिंह बोले देश-प्रदेश में क्या चल रहा है हमें इससे मतलब नहीं है। आप सागर की बात करो।

    नेता प्रतिपक्ष ने उठाया सर्वे पर सवाल!

    नेता प्रतिपक्ष अजय परमार शुरुआत से अंत तक सीवर प्रोजेक्ट की डीपीआर और सर्वे पर सवाल उठाते रहे। ठेकेदार मनीष शाह और मॉनीटरिंग एजेंसी एजीज के कंसल्टेंट पुनीत बग्गा ने घुमा फिराकर जानकारी रखी तो परमार बोले- आप हमें मूर्ख नहीं बना सकते। ठेकेदारी करना अलग बात है, हम बनावटी बातें नहीं कर रहे। ऐसे हालात में एक हफ्ते बहस चलती रहेगी। हमें मालूम है आपको धंधा करना है। पहले डीपीआर रिवाईज्ड करो, नया प्लान पेश करो। उसके बाद परिषद उसे पास कर शासन को भेजेगी।

    सपोर्ट में सब इंजीनियर आए तो बैठा दिया

    बैठक के दौरान पार्षदों ने एजीज के इंजीनियर पुनीत बग्गा को सवालों में उलझा लिया। कंफ्यूजन की स्थिति दूर करने के लिए प्रोजेक्ट के सब इंजीनियर संजय तिवारी जवाब देने के लिए आगे आए और माइक संभालकर बोलने लगे तो नेता प्रतिपक्ष अजय परमार सहित पार्षदों ने उन्हें बोलने से मना कर दिया। पार्षद नीरज जैन बोले- आप क्यों इनकी ओर से जवाब दे रहे हैं। अनूप उर्मिल बोले, ठेकेदार को जवाब देने के लिए बुलाया है। निगम के इंजीनियर बैठ जाएं।

    किस पार्षद ने क्या कहाः

    -अजय परमार- जिस तरीके से सीवर प्रोजेक्ट चल रहा है, जब घर ही नहीं रहेंगे तो कहां का सीवर लाएंगे। शहर को तहस-नहस कर देंगे।

    -गोलू जैन- आप लोग डीआई लाइन डाल रहे हो, इसकी लाइफ नहीं होती।

    -नरेश यादव- जहां काम चल रहा है वहां खुदाई और कॉम्प्रेशर से घरों में कंपन हो रहा। दरार भी आ गईं।

    -श्वेता यादव- तालाब किनारे वार्ड के घरों में टैंक नहीं है, सीवर और ड्रेनेज का पानी सीधा तालाब में जाता है।

    -शारदा कोरी- सीवर के लिए सड़क खोद रहे हैं, पार्षद निधि से सड़कें बनवा रहे हैं। रोड बार-बार खुदेगा।

    -पंकज सोनी- कंपनी को किए गए भुगतान की जांच होनी चाहिए और कंपनी के काम की समीक्षा की जानी चाहिए।

    -पुरुषोत्तम विश्वकर्मा- सागर के लिए सीवर प्रोजेक्ट व्यावहारिक नहीं हैं। ऐसे प्रोजेक्ट को बंद कर देना चाहिए।

    -विनोद सोनी- हमारे वार्ड में संकरी-संकरी गलियां हैं, वहां पर कैसे सीवर लाइन बिछाएंगे।

    - सोमेश जड़िया- सीवर का कनेक्शन लेना क्या अनिवार्य रहेगा, इसका कितना शुल्क देना होगा, स्थिति स्पष्ट की जाए।

    ऐसा है सागर का सीवर प्रोजेक्टः

    -प्रोजेक्ट की लागत- 299.10 करोड़।

    -बिछाई जाने वाली कुल पाइप लाइन- 254 किलोमीटर।

    -सीवर से मकानों को जोड़ने का प्लान- 7, 173

    -पंपिंग स्टेशन- 3

    -जंक्शन चेंबर 1

    -सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना- पथरिया हाट

    -प्रतिदिन सीवरेज कैपेसिटी- 43 मिलियन लीटर

    अभी तक प्रोजेक्ट के तहत हुआ काम

    -4 हजार मीटर सीवर लाइन डाल दी गई है।

    -8 महीने पहले काम लगाया गया था।

    -14 करोड़ रुपए कंपनी को भुगतान भी हो चुका है।

    -पथरिया हाट में सीपीटी प्लांट और स्टाफ क्वार्टस का काम चल रहा है।

    डीपीआर रिवाइज्ड कराई जाएगी

    सीवर प्रोजेक्ट सागर के लिए अव्यावहारिक है। जिस तरीके से डीपीआर तैयार कर काम चल रहा है वह सागर की भौगोलिक संरचना के हिसाब से खतरनाक है। पहाड़ी वार्डों में तो मकानों को तहस-नहस कर देंगे। ठेकेदारों ने डीपीआर को रिवाज्ड करा लिया, लेकिन समस्या जस की तस है। इसलिए फिर सर्वे कर परिषद से पास कराने और शासन से स्वीकृत कराने का प्रस्ताव दिया है।

    - अजय परमार, नेता प्रतिपक्ष, ननि सागर

    खामियां सामने आ रही हैं

    सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत शहर में करीब 8 महीने पहले काम प्रारंभ हो चुका है। जहां काम चल रहा है वहां से लगातार शिकायतें आ रही हैं। पार्षदों को जानकारी देने के लिए बैठक में ठेकेदार, इंजीनियरों और कंसल्टेंट एजेंसी को बुलाया गया था। सड़क की खुदाई, दोबारा बनाने को लेकर कंपनी का रूख स्पष्ट नहीं आ रहा था। प्रशासन को निर्देश दिए हैं। बारीकी से मॉनीटरिंग की जाएगी। जरूरत हुई तो दोबारा सर्वे कर डीपीआर रिवाइज्ड कराई जाएगी।

    -राजबहादुर सिंह, अध्यक्ष, नगर पालिक निगम

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    आप जनसेवा करने नहीं आए-अध्यक्ष

    1905एसए- 12 सागर। निगमाध्यक्ष राजबहादुर सिंह सीवर प्रोजेक्ट के ठेकेदार को हिदायत देते हुए।

    फिर आयुक्त ने मोर्चा संभाला

    1905एसए- 11 सागर। मामला बिगड़ता देख आयुक्त कौशलेंद्र विक्रम सिंह खुद अध्यक्ष की कुर्सी के पास पहुंच चर्चा करने लगे।

    हास-परिहास और ठहाके भी लगे

    1905एसए- 10 सागर। एक पार्षद के सवाल के बाद परिषद में ठहाके लगाकर सभी पार्षद इस तरह हंसने लगे।

    और जानें :  # ˜ez- vus 13---------
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