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    आम जनता की क्या कहें, बीएमसी में डॉक्टरों को खुद नहीं मिल पा रहा इलाज

    Published: Mon, 14 Aug 2017 04:08 AM (IST) | Updated: Mon, 14 Aug 2017 04:08 AM (IST)
    By: Editorial Team

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    फ्लैग- अव्यवस्थाः जिला अस्पताल के रेडियोग्राफर दुर्घटनाग्रस्त, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक्सरे से इंकार

    हेडिंग- आम जनता की क्या कहें, बीएमसी में डॉक्टरों को खुद नहीं मिल पा रहा इलाज

    -बीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग में डेवलपर न होने से बनी समस्या।

    -जिला अस्पताल की सोनोग्राफी ठप, डॉ. सुधीर जैन की ड्यूटी लगाई।

    - जैसे तैसे एक्सरे हुआ तो एक भी फ्रैक्चर नहीं दिखा, बाद में पता चला तीन फ्रैक्चर हुए हैं

    सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

    प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता द्वारा मर्जिंग पर सवाल उठाए जाने के ठीक दूसरे दिन रविवार को मरीज तो ठीक यहीं के डॉक्टर को गंभीर हालत में एक्सरे की समस्या से दो-चार होना पड़ा। जिला अस्पताल में पदस्थ एक रेडियोग्राफर सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गए। उन्हें गंभीर हालत में बीएमसी लेकर पहुंचे और एक्सरे कराने की बारी आई तो यहां डेवलपर की समस्या खड़ी हो गई। बड़ी हुज्जत के बाद जैसे-तैसे एक्सरे हुआ तो फ्रैक्चर नहीं दिख रहा था। बाद में जिला अस्पताल में डिजीटल एक्सरे कराया गया तब कहीं जाकर इलाज शुरू हो सका। एक्सीडेंट में डॉक्टर को तीन फ्रैक्चर बताए गए हैं। वे फिलहाल बीएमसी के सर्जिकल आईसीयू में भर्ती हैं।

    जिला अस्पताल में पदस्थ रेडियोग्राफर डॉ. जिनेश दिवाकर रविवार सुबह चकराघाट पर दुपहिया वाहन से दुर्घटनाग्रस्त हो गए। उनके सीने, कंधे और पीठ में गंभीर चोटे आई थीं। उन्हें लेकर सीधे बीएमसी की कैजुअल्टी में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के बाकी डॉक्टर भी सूचना मिलने पर उनके साथ बीएमसी पहुंच गए थे। डॉक्टरों ने चेकअप के बाद पसलियों, रीड़ की हड्डी और कंधे में फ्रेक्चर की आशंका जताई थी। एक्सरे के लिए जब उन्हें रेडियोलॉजी विभाग में ले गए तो बताया गया कि डेवलपर की समस्या है। इस कारण एक्सरे नहीं हो पाएगा। इस दौरान डॉक्टरों और टेक्नीशियन में हुज्जत की नौबत तक आ गई। मामला बीएमसी प्रबंधन के आला अधिकारियों तक पहुंच गया।

    एक्सरे हुआ तो क्लीयर नहीं आया

    बीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग में जैसे-तैसे डॉ. दिवाकर के एक्सरे किए गए, लेकिन वे साफ नहीं दिख रहे थे। डेवलपर की समस्या के कारण उनके फ्रेक्चर स्पष्ट नहीं आ रहे थे। बाद में डॉ. दिवार को यहां से जिला अस्पताल के एक्सरे रूम में ले जाया गया और यहां डिजीटल एक्सरे कराए गए। डिजीटल एक्सरे में डॉ. दिवाकर को कंधे, पसली सहित अन्य जगह फ्रैक्चर निकले हैं।

    सर्जिकल आईसीयू में भर्ती कराया

    एक्सरे रिपोर्ट आने के बाद डॉ. दिवाकर को इलाज शुरू हो सका। बीएमसी में सर्जिकल आईसीयू में भर्ती कराकर इलाज प्रारंभ किया गया है। कुल मिलाकर बीएमसी में गड़बड़ाई और चरमराई व्यवस्था से रविवार को खुद ही यहां के डॉक्टरों को दो चार होना पड़ा। शिकवा-शिकायतों के बीच बीएमसी अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को भी स्थिति संभालने के लिए पहुंचना पड़ा था।

    जानकारी मिली थी, एक्सरे तो हो गया था

    डॉ. जिनेश दिवाकर के एक्सरे को लेकर मेरे पास फोन आया था। मैं वहां पहुंचा भी था। बीएमसी में एक्सरे किए गए हैं। स्टाफ की कुछ समस्या है, लेकिन एक्सरे न होने जैसी स्थिति नहीं है। विवाद जैसी स्थिति मेरे सामने नहीं आई है।

    -डॉ. आरएस वर्मा, अधीक्षक, बीएमसी सागर

    बॉक्स . . .

    सोनोग्राफी में समस्या, वैकल्पिक व्यवस्था होगी

    जिला अस्पताल में महिला प्रसूति एवं शिशु अस्पताल चल रही है। यहां बीएमसी के गायनी और शिशु विभाग और वार्ड को भी शिफ्ट कर दिया गया है। यहां के रेडियोलॉजी विभाग में डॉ. जिनेश दिवाकर यहां पर सोनोग्राफी करते हैं। अब उनका एक्सीडेंट होने के बाद यहां पर सोमवार से सोनोग्राफी बंद होने की नौबत आ गई है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए डॉ. सुधीर जैन की ड्यूटी लगाई जा रही है। अभी तक डॉ. जैन बीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग में मर्जर के बाद से एमएलसी के केस देख रहे हैं।

    बीएमसी में डिजीटल एक्सरे में परेशानी

    बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजी विभाग शुरू से ही समस्याओं में उलझा हुआ है। कभी डॉक्टर रिजाइन करके चले जाते हैं तो कभी एक्सरे फिल्म समाप्त हो जाती हैं। कभी तकनीशिन नहीं मिलते तो कभी डेवलपर नहीं मिलता। सोनोग्राफी के लिए कलर ड्रॉप्लर की समस्या हमेशा से बनी हुई है। यहां पर करोड़ों की लागत से एक्सरे मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन फिल्म और डिजीटल रिपोर्ट देने के लिए प्लेटें नहीं हैं। हाल फिलहाल तक यहां पुराने पैटर्न पर कैमिकल्स से एक्सरे धोकर बनाए जा रहे हैं। इनमें समस्या यह आती है कि मरीज के फ्रैक्चर समझ में ही नहीं आते हैं।

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    फाइल फोटो- 1308एसए 16 सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज

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