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    सूखाग्रस्त सागर में किसानों की कमर टूटी, रबी की बोवनी में घटेगा सिंचाई का रकबा !

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:14 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:14 AM (IST)
    By: Editorial Team

    प्रभारी मंत्री ने सिंचाई व पेयजल के अलावा अन्य कार्यों में पानी के उपयोग पर लगाई रोक

    - पछले साल की अपेक्षा 38 प्रतिशत कम बारिश, गर्मी में करना पड़ सकता है पेयजल परिवहन

    शत्रुघन केशरवानी । सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

    सागर संभाग के पांचों जिलों को राज्य सरकार ने सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया है। राज्य सरकार अब इन जिलों में राहत कार्य शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगेगी। हालांकि कई किसान ऐसे हैं, जिन्हें पिछले सूखा राहत की अब तक कोई राशि नहीं मिली है। इस बार उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। करीब एक लाख हेक्टेयर फसल को 50 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ, वहीं सोयाबीन को भी खासा नुकसान झेलना पड़ा है। जलाशयों में कम भराव होने से सिंचाई का रकबा घटेगा तो वहीं रबी की बोवनी प्रभावित हो सकती है।

    मानसून की बेरुखी के बाद पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि से जिले की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं जिले के अधिकांश जलस्रोतों में अभी से पानी की कमी दिखने लगी है। कम बारिश के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभाग के पांचों जिले एवं सागर की सभी 11 तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया है। पिछले दिनों हुई जिला स्तर पर सूखा पूर्वानुमान एवं मॉनीटरिंग प्रबंधन समिति ने समीक्षा के बाद राहत आयुक्त को प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता के अनुमोदन के बाद जानकारी दी है। सरकार एक बार फिर सूखे की समीक्षा करते हुए फाइनल रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजकर अतिरिक्त बजट की मांग करेगी।

    रिपोर्ट में लिखा : गर्मी में बन सकती है यह स्थिति

    - अल्प वर्षा के कारण भू जल स्तर में गिरावट, जलाशयों में पानी की उपलब्धता सिर्फ 20 से 30 फीसदी है।

    - जल स्रोतों में जल भराव में अप्रत्याशित कमी

    - स्ट्रीम फ्लो डेन्सिटी में गिरावट के कारण आद्रर्ता व नमी के अभाव में जिले में रबी की बोवनी भी प्रभावित हो सकती है।

    - सिंचाई का रकबा अप्रत्याशित रूप से कम होगा।

    - ग्रीष्मकाल में पेयजल परिवहन की आश्यकता होगी।

    पलायन रोकने मानव दिवस सृजित करें

    सूखा पूर्वानुमान एवं मॉनीटरिंग प्रबंधन समिति के गठन व समीक्षा के बाद कलेक्टर आलोक कुमार सिंह के माध्यम से शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है, जिले में पलायन रोकने के लिए मनरेगा के अंतर्गत मानव दिवस सृजित करने होंगे, जिसके लिए शासन स्तर से वित्तीय अनुदान अपेक्षित है। इसके अलावा जिले में 12 लाख 71 हजार से ज्यादा मवेशियों को शिविर संचालित करने व चारा की व्यवस्था करना होगी।

    सूखे के बाद सितंबर में हुई अतिवृष्टि, उड़द, सोयाबीन को नुकसान

    शासन को भेजी रिपोर्ट में उल्लेख है कि अल्प वर्षा के कारण सोयाबीन, उड़द फसलों को परिपक्वता की अवधि न मिलने से उड़द व सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है। वहीं 21 एवं 22 सितंबर को हुई भारी बारिश से खेतों में रखी उड़द व सोयाबीन की फसलें नष्ट हो गई। जिले में 1 लाख 73 हजार 124 हेक्टेयर में उड़द की बोवनी हुई, जिसमें से 1 लाख 43 हजार 571 हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ है। इसमें से 99 हजार 081 हेक्टेयर फसल को 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, जबकि 44 हजार 490 हेक्ट. फसल को 33 से 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। वहीं मूंग 5,618 हेक्टेयर की बोवनी में से 941 हेक्ट. फसल को नुकसान हुआ इसमें 690 हेक्टेयर को 33 से 50 प्रतिशत एवं 251 हेक्टेयर क्षेत्र में 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है। इसलिए किसानों को खाद, बीज व ऋण के भुगतान की जीवनयापन की स्थिति में फौरी मदद जरूरी है।

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    ..... बॉक्स खबर .....

    प्रभारी मंत्री के निर्देश सिंचाई पर लगाएं रोक

    प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने पानी के संरक्षण के लिए पेयजल का सिंचाई व अन्य किसी कार्य में उपयोग करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल का कोई विकल्प नहीं है इसलिए इसके संरक्षण के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को संयुक्त रूप से विशेष योजना बनाए। इसके अलावा जिले के जनप्रतिनिधि रैली एवं अन्य माध्यम से पेयजल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाएं।

    जिले में पिछले साल की अपेक्षा 38 प्रतिशत कम बारिश

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    1 जून से 30 सितंबर तक बारिश, पिछले साल की बारिश

    सागर -849 मिमी, 1528

    जैसीनगर -855.6 मिमी, 1230.6

    राहतगढ़ -908, 1308

    बीना -837.1, 952.4

    खुरई -1087.5, 1324.1

    मालथौन -776, 1312.2

    बंडा -757.3, 1410.4

    शाहगढ़ -867, 2241

    गढ़कोटा -793, 1424.4

    रहली -731, 1133

    देवरी -907, 1256.9

    केसली -839.4, 1463.1

    कुल बारिश - 849.2, 1382

    आगे यह कदम उठा सकता है प्रशासन

    - सूखा घोषित होने के बाद जिले में केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसे लोगों को रोजगार मूलक कार्यों में खर्च किया जाएगा।

    - खाद्यान्ना भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी और पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था की जाएगी।

    - पेयजल के फिजूलखर्ची पर रोक लगाई जा सकती है।

    - इसमें केंद्र सरकार की ओर से विशेष पैकेज और जलसंकट से निजात दिलाने के लिए कोई बड़ा काम किया जा सकता है।

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    सांकेतिक फोटो- 1310एसए24 सागर। सूखे ने इस बार किसानों की फसल बर्बाद कर दी है (फाइल फोटो)

    और जानें :  # sagar news
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