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    बीना अस्पताल में स्वीकृत 12 पद, पदस्थ 10, फिर भी नहीं मिल रहा उपचार

    Published: Wed, 15 Nov 2017 06:19 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 06:19 PM (IST)
    By: Editorial Team

    - विवादों के चलते प्रदेश भर में चर्चित हुई बीना अस्पताल

    बीना। नवदुनिया न्यूज

    विवाद और बीना अस्पताल अब पर्याय बन गए हैं। बीते कुछ सालों में विवाद इतने ज्यादा हुए हैं कि प्रदेश के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी भी बीना अस्पताल में हो रहे विवादों को गंभीरता से नहीं लेते। तीन दिन पहले अस्पताल में आरपीएफ कस्टडी में मेडिकल कराने आए युवक से डॉक्टर द्वारा की गई मारपीट के बाद एक बार फिर बीना अस्पताल का नाम सुर्खियों में है। अस्पताल में स्टाफ, चिकित्सकों की नियुक्ति, सिक्यूरिटी गार्ड, सीसीटीवी कैमरा, पुलिस चौकी, 100 बिस्तर जैसी कई मांगें लंबित हैं लेकिन अधिकारी इन मांगों को अनसुना कर रहे हैं। 50 बिस्तर के बीना अस्पताल में चिकित्सकों के 12 पद स्वीकृत हैं, इन पदों पर 10 डॉक्टर्स की पदस्थापना है। फिर भी उपचार नहीं मिल रहा है।

    50 बिस्तर के बीना अस्पताल में कुल 12 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। जानकारी अनुसार अस्पताल में चिकित्सा विशेषज्ञ का 01, शल्य क्रिया विशेषज्ञ का 01, स्त्री रोग विशेषज्ञ 01, शिशु रोग विशेषज्ञ 01, निश्चेतना विशेषज्ञ 01, चिकित्सा अधिकारी के 05, दंत चिकित्सक 01 व आयु चिकित्सक के 01 पद स्वीकृत हैं। इन सभी स्वीकृत पदों के मुकाबले बीना अस्पताल में 10 डॉक्टरों की पदस्थापना है। वर्तमान में बीना अस्पताल में डॉ आरके जैन, डॉ दीपक तिवारी, डॉ हिमांशु शर्मा, डॉ अविनाश सक्सेना, डॉ सौरभ जैन, डॉ प्रमोद गोयल, डॉ प्रतिभा गोयल, डॉ नम्रता गर्ग, डॉ हेमंत पालिया व एक आयुष चिकित्सक की पदस्थापना है। स्वीकृत पदों के मुकाबले बीना अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक हैं। बावजूद इसके उपचार को लेकर आए दिन अस्पताल में झगड़े होते हैं। चिकित्सकों की नियुक्ति के अलावा बीना अस्पताल को लेकर अन्य कई मांगें बार-बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व लोगों द्वारा उठाई जाती हैं। लेकिन उन मांगों को शासन पूरा नहीं कर पा रहा है। कुछ मांगें स्थानीय स्तर पर निबटाने की हैं लेकिन रुचि के अभाव में वह भी लंबे समय से लंबित हैं।

    100 बिस्तर की मांग लंबे समय से पेंडिंग

    बीना अस्पताल की ओपीडी वर्तमान में 300 मरीजों से ज्यादा की है। इस अस्पताल में बीना क्षेत्र ही नहीं खुरई, मुंगावली, कुरवाई क्षेत्र के मरीज भी बड़ी संख्या में आते हैं। कई बार अस्पताल के बिस्तर कम पड़ जाते हैं। इसलिए बीना अस्पताल को 100 बिस्तर का किए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। बीना की पूर्व विधायक सुशीला सिरोठिया, डॉ विनोद पंथी ने भी इस मांग को लेकर शासन के समक्ष अपनी बात रखी थी। वर्तमान में विधायक महेश राय भी लगातार उचित मंच पर इस मांग को ले जा रहे हैं। लेकिन शासन द्वारा मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार शासन द्वारा यदि बीना अस्पताल को 100 बिस्तर का कर दिया जाता है तो सारी सुविधाएं स्वतः ही मिल जाएंगी।

    न गार्ड, न ही पुलिस चौकी

    सिविल अस्पताल में बार-बार विवाद की स्थिति बनने के बाद गार्ड व पुलिस चौकी की मांग उठाई जाती है। लेकिन हर बार बात को अनदेखा कर दिया जाता है। हाल ही में डॉक्टर और एक युवक के बीच हुई मारपीट के बाद सिविल अस्पताल स्टाफ ने एसपी से मिलकर अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग रखी। लेकिन एसपी द्वारा स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए स्पष्ट इनकार कर दिया गया। जनभागीदारी या रोगी कल्याण समिति से भी गार्ड नियुक्ति की स्वीकृति नहीं दी जा रही है।

    प्रस्ताव पारित, नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे

    सिविल अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुके हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा इच्छुक एजेंसियों के लिए विज्ञापन भी जारी किए गए, लेकिन टेंडर नहीं आने से सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जा सके।

    सफाई कर्मचारियों की कमी, फैली गंदगी

    सिविल अस्पताल में पहले प्राइवेट सफाई कर्मचारियों के जरिए व्यवस्थाएं संभाली जाती थीं। शासन के आदेश पर सभी प्राइवेट सफाई कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। अब कुल 6 नियमित सफाई कर्मचारी हैं जो शिफ्ट वाइज काम करते हैं। सफाई कर्मचारी कम होने के कारण अस्पताल के बड़े परिसर की सफाई नहीं हो पाती और गंदगी को लेकर बार-बार अस्पताल प्रबंधन को घेरा जाता है।

    1511 एसए 144 बीना। बीना अस्पताल।

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