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    केंद्रीय सूखा राहत दल को किसानों ने बताए हालात...

    Published: Wed, 15 Nov 2017 07:23 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 07:23 PM (IST)
    By: Editorial Team

    पेज 13 की लीड...

    साहब सूखे से फसल काली पड़ गई, काटने मजदूरी लगेगी इसलिए काटी नहीं

    - किसानों ने बताया कर्ज में डूबे हैं अगली फसल की बोवनी कैसे करें

    - केंद्रीय सूखा राहत दल के सदस्यों ने देखी फसलें व जलाशयों में पानी की स्थिति

    - केंद्रीय दल ने नोट कि किसानों की समस्याएं,

    - जनप्रतिनिधियों ने की विशेष पैकेज की मांग

    सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

    गंभीर सूखे में शामिल सागर जिले में सूखे से प्रभावित हुई फसलों, पानी की स्थिति का जायजा लेने बुधवार को केंद्रीय सूखा राहत दल के सदस्यों ने गांवों का निरीक्षण किया। दल के सदस्यों ने किसानों से चर्चा की तो वहीं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र के हालातों की जानकारी देकर विशेष पैकेज व जल्द मुआबजा वितरित करने की मांग की। दूसरी ओर कांग्रेसियों ने केंद्रीय दल के दौरे को मात्र दिखावा करने के आरोप लगाए हैं।

    केन्द्रीय सूखा राहत दल के तीन सदस्यीय दल में संचालक ग्रामीण विकास मंत्रालय डॉ. धरमवीर झा, सचिव नीति आयोग गणेश राम और उप संचालक ओपी सुमन शमिल थे। उनके साथ कलेक्टर आलोक कुमार सिंह और विधायक हरवंश सिंह राठौर ने सबसे पहले बंडा के समीप ग्राम क्वायला पहुंचे। यहां ग्रामीणों से चर्चा करने के बाद दल शाहगढ़ होते हुए ग्राम मदनतला पहुंचा। यहां तीन सदस्यीय दल ने ग्रामीणों से मनरेगा सहित सूखे के संबंध पर चर्चा की। किसानों ने सूखे से बुरे हालात बताते हुए अपने-अपने गांव में प्रभावित फसलें दिखाई। कई किसान अपने खेतों में अब भी यह फसलें काटकर रखे हैं तो कुछ किसान ऐसे भी मिले जिन्होंने फसल काली होने पर कटाई में लगने वाले समय व पैसे खर्च होने का हवाला देते हुए अपनी फसलें अब तक खेतों में ही लगा रखी हैं।

    जनप्रतिनिधियों ने मांगा विशेष पैकेज

    जिले में सूखा की स्थिति का आंकलन करने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय केन्द्रीय सूखा राहत दल के सदस्यों ने बुधवार को सुबह सर्किट हाऊस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सूखे के संबंध में चर्चा की। दल के तीनों सदस्यों ने जिले में सूखे की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में सुरखी विधायक पारूल साहू, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने अपने-अपने क्षेत्र के नुकसान व पानी की उपलब्धता की जानकारी देते हुए केंद्र शासन से जल्द से जल्द विशेष पैकेज दिलाने की मांग की। इसके बाद केंद्रीय दल सूखा की स्थिति की वास्तविकता जानने ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचा।

    पानी की उपलब्धता देखने बीला डेम का लिया जायजा ....

    गर्मी से पहले सूखने लगा डेम

    तीन सदस्यीय दल ने फसलों के आंकलन के साथ-साथ जलाशयों में जल स्तर की जानकारी भी नोट की। उन्होंने कम वर्षा होने से फसलों पर पड़ने वाले सूखा के प्रभाव पर चर्चा की। दल के सदस्यों ने बीला बांध पहुंचकर पानी की स्थिति देखी तो बांध अभी से सूखता हुआ मिला। बंडा विधायक हरवंश सिंह राठौर ने फसलों की अगली सिंचाई में भी किसानों के सामने परेशानी खड़ी होने का हवाला दिया। हीरापुर के बाद केंद्रीय दल के सदस्य दमोह रवाना हो गया।

    फसल के साथ सामने आई अन्य समस्याएं ....

    फसल देखने आए दल के बताई राशन और पेंशन की समस्या

    बंडा के ग्राम सौरई और हीरापुर में महिलाओं ने कुटीर, पेंशन की मांग करते हुए दिखे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीणों को बार-बार समझाइश दी गई कि वह अपने-अपने क्षेत्र की फसल की स्थिति बताएं, लेकिन सौरई क्षेत्र में कुछ महिलाएं अपने विकलांग बच्चों को दिखाकर अपनी समस्याएं गिनाते रहे। एक महिला का कहना था कि उसे 300 रुपए पेंशन मिलती है और इतनी राशि में कुछ नहीं होता। केंद्रीय दल के सदस्यों ने क्षेत्र के सरपंच, सचिवों से लोगों की समस्याओं के बारे में बताया तो उन्होंने जल्द इसका समाधान कराने का आश्वासन दिया।

    सूखे पर कितनी राशि मिलेगी ....

    दल की रिपोर्ट होगी मुख्य

    सरकार द्वारा सागर जिले को गंभीर सूखे में शामिल तो किया है, लेकिन केंद्रीय जल की रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार से विशेष पैकेज मिलेगा। जिले में कहां कितना नुकसान है इस संबंध में कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने जिले के लिए करीब 205 करोड़ रुपए का मुआबजा दिलाने के लिए शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी है, लेकिन दल की रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार से राहत एवं मुआवजे की राशि स्वीकृत होगी। दल के साथ संयुक्त कलेक्टर डीपी द्विवेदी, कृषि, पशुपालन, मतस्य पालन, पीएचई, जलसंसाधन, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

    बॉक्स खबर ....

    पांच-पांच मिनट का निरीक्षण मात्र एक दिखावा है

    जिल कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजकुमार पचौरी ने केंद्रीय दल के निरीक्षण को दिखावा बताया है। उन्होंने कहा कि बंडा क्षेत्र के कुछ ही गांव में अधिकारियों ने किसानों से चर्चा की है। यहां दयनीय स्थिति के चते किसान आत्महत्या तक कर चुके हैं। नहर में भी पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि 70 से 80 प्रतिशत फसल यहां खराब हो चुकी है, प्रशासन किसानों को 100 प्रतिशत बीमा राशि उपलब्ध कराए।

    इनका कहना ...

    सूखी फसलें देखकर किसानों से की चर्चा

    केंद्रीय दल ने जिले में निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की। कई किसानों ने कर्ज होने की बात कहकर अगली फसल की बोवनी के लिए राशि न होने की बात कही। बीला डेम भी बताया जहां जलस्तर गिरने से पलेवा भी मुश्किल से हो सकता है। हमारी रिपोर्ट को उन्होंने बेहतर बताया है और दल द्वारा भोपाल में रिपोर्ट देने के बाद उस आधार पर ही राहत राशि मिल सकेगी।

    आलोक कुमार सिंह, कलेक्टर सागर

    फोटो 1511 एसए 4

    सागर। जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए केंद्रीय दल के सदस्य।

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