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    'प्रशिक्षणार्थियों के अंदर हो जिज्ञासा का भाव '

    Published: Wed, 15 Nov 2017 07:14 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 07:14 PM (IST)
    By: Editorial Team

    सतना। नईदुनिया प्रतिनिधि

    राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (नासी) एवं दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संयुक्त तत्वावधान में उद्यमिता विकास पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ बुधवार को दीनदयाल शोध संस्थान के उद्यमिता विद्यापीठ के लोहिया सभागार में किया गया। अध्यक्षता प्रो. मंजू शर्मा द्वारा की गई व कार्यक्रम की रूपरेखा प्रो. वीपी कम्बोज पूर्व निदेशक सीडीआरआई लखनऊ द्वारा रखी गई। प्रस्तावना महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेश चन्द्र गौतम ने रखी। प्रो. मंजू शर्मा द्वारा अपने विचार रखते हुए कहा गया कि किसी भी कार्य को आगे बढ़ाने के लिये प्रशिक्षणार्थियों के अंदर जिज्ञासा का भाव होना चाहिए। तभी कोई भी कार्य अनुकरणीय प्रस्तुत होता है।

    वैज्ञानिक होमी भाभा का दिया उदाहरण

    उन्होंने अपने विचार रखते हुए प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी भाभा के विचारों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिये महिला-पुरुष दोनों को ही मिलकर एक उदाहरण प्रस्तुत करना होगा, तभी समाज में नव युवाओं के अंदर स्वप्रेरणा से एक जिज्ञासा का भाव उत्पन्न होगा और कुछ नया प्रस्तुत करने का उत्साह होगा।

    180 प्रशिक्षणार्थी ले रहे प्रशिक्षण

    कुलपति डॉ. नरेश चन्द्र गौतम ने कहा कि जहां कहीं भी विज्ञान के साथ कौशल विकास की चर्चा हो यदि वहां राष्ट्रऋषि नानाजी के व्यवहारिक अनुकरणीय विचारों की चर्चा न हो तो वह चर्चा अधूरी है। नानाजी ने चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के विविध पाठ्यक्रमों के साथ कौशल विकास शिक्षा का भी शुभारंभ किया। इसके परिणाम भी अनुकरणीय हैं। हम जिस वातावरण में रहते हैं वहां की परिस्थिति एवं सुविधाओं के अनुकूल ही ऐसी शिक्षा व्यवस्था का वातावरण विकसित करना चाहिए। जिससे नई पीढ़ी अपने स्वाभिमान के साथ समाज की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर सके। संस्थान के सचिव डॉ. अशोक पाण्डेय द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्पों द्वारा किये जा रहे सामाजिक पुर्नरचना के प्रयोगों के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। प्रथम दिन सात समूहों में प्रशिक्षणार्थियों को अलग-अलग विषयों की जानकारी विषय विशेषज्ञों द्वारा दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न प्रान्तों से आये 180 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

    कला दीर्घा में होगा विंध्य की विरासत को सहेजने का प्रयास

    विंध्य चेम्बर में आयोजित की गई बैठक

    सतना। नईदुनिया प्रतिनिधि

    विन्ध्य चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज द्वारा 22 दिसम्बर से 1 जनवरी तक बीटीआई ग्राउण्ड में आयोजित होने जा रहे ग्यारह दिवसीय विन्ध्य व्यापार मेला 2017 में प्रस्तावित आर्ट गैलरी की तैयारी एवं सुझाव के लिए चेम्बर सभागार में बुधवार को कला दीर्घा समिति के सदस्यों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, फिलाटेलिक सोसायटी के पदाधिकारियों की बैठक हुई। अध्यक्षता चेम्बर अध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने की। चेम्बर के कार्यवाहक महामंत्री यशपाल जैन के अनुसार बैठक में तय किया गया कि कला दीर्घा के माध्यम से विन्ध्य क्षेत्र की पारंपरिक कलाओं एवं सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी के सामने लाने के विशेष प्रयास किए जाएंगे। कला दीर्घा समिति के संयोजक मनोज वलो ने बताया कि इस अवसर पर विविध सामाजिक विषयों जैसे नारी सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, स्वच्छता मिशन, ई-जागरूकता आदि के संदर्भ में प्रतियोगितायें भी आयोजित की जाएंगी व उत्कृष्ट प्रतिभागियों को व्यापार मेले के आयोजन के दौरान प्रस्तुति का अवसर दिया जायेगा। बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित नगर के विविध समाजों एवं सामाजिक संगठनों की मातृशक्ति ने आयोजन के संबंध में बहुत से रचनात्मक सुझाव दिये।

    ये रहे मौजूद

    बैठक में मुख्य रूप से मनोहर वाधवानी, संदीप जैन, सीए सिंघई संजय जैन, अनिल सचदेव, अभिषेक खंडेलवाल, बाबूलाल दाहिया, ठाकुर खिलवानी, राजेन्द्र अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, वर्धमान जैन, नीलाम्बर झा, अजय अग्रवाल, पवन मलिक, अंकित शर्मा, पीयूष श्रीवास्तव, विशाल अग्रवाल, शिवम तिवारी, मो. आजम सिद्धकी, विनीता अग्रवाल, सरला चौधरी, अपर्णा अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, मंजूषा अग्रवाल, मनीषा अग्रवाल, विनोद गेलानी, विवेक टेकवानी, जितेश सिंह तोमर, वीके टेकवानी उपस्थित रहे।

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