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    उत्तर से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने दिन में भी बढ़ाई ठिठुरन

    Published: Sat, 14 Jan 2017 08:35 PM (IST) | Updated: Sat, 14 Jan 2017 08:35 PM (IST)
    By: Editorial Team

    फोटो- 8, कैप्सन- ठंड से राहत पाने आग जलाकर तापते लोग

    सतना। पिछले दो महीने से भले ही लोगों को ठंड का अहसास न हुआ हो, लेकिन पिछले तीन चार दिनों से जबरदस्त ठंड पड़ रही है। जिसने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। उत्तर की ओर से आ रही ठंडी हवाओं की वजह से गलन इतनी बढ़ गई है कि हाथ पैर सिकुड़ने लगते हैं और दोपहर में धूप भी बेअसर साबित हो रही है। शीतलहर और गलन के साथ ही तापमान भी लगातार नीचे की ओर लुढ़कता चला जा रहा है। शुक्रवार को जहां साल का सबसे कम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया था वहीं शनिवार को पारा लुढ़ककर 4.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस ठंड भरे मौसम में पाला गिरने की वजह से फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है। जिसे बचाने के लिये किसानों द्वारा तरह-तरह के प्रयास किये जा रहे हैं।

    धूप में भी छूटी कंपकंपी

    शनिवार को सुबह नौ बजे तक कोहरा छाया रहा, लेकिन इसके बाद धूप खिल गई। इसके बाद भी गलन भरी ठंड की वजह से लोग दोपहर 11 बजे तक घरों में ही दुबके रहे। दोपहर 12 से 2 के बीच धूप निकली तो लोगों को थोड़ा राहत मिली, लेकिन 3 बजे के बाद एक बार फिर शीतलहर और गलन ने जिले को अपनी चपेट में ले लिया। ठंड का असर इतना अधिक रहा कि धूप में खड़े लोग भी कंपकंपाते नजर आये। हालांकि दोपहर में लोगों को थोड़ा बहुत राहत मिल भी जाती है लेकिन शाम होते ही ठंड ने और तेज अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। मौसम विभाग द्वारा शनिवार को अधिकतम तापमान 19.9 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    फसलों में करें कीटनाशक का छिड़काव

    किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मप्र द्वारा कीट व्याधियों से फसल की सुरक्षा के लिए किसानों द्वारा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग करते समय सुरक्षा संबंधी सावधानियों को अपनाने की सलाह दी गई है। कृषि संचालक आरएस शर्मा द्वारा किसानों को जारी सलाह में कहा गया है कि फसलों में पाला गिरने की वजह से दलहनी फसलों की जड़ों के सड़ने व कीट लगने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में आर्थिक क्षति स्तर से अधिक कीट प्रकोप होने की स्थिति में ही अनुशंसित मात्रा में कीटनाशक का छिड़काव किया जाए। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों का छिड़काव शरीर को ढंककर, चश्मा व मास्क पहनकर ही किया जाना चाहिये। किसानों को रासायनिक कीटनाशकों की अपेक्षा जैव कीटनाशकों का उपयोग करने और लाईट टै्रप चिपकने वाली ट्रैप फैरोमेन ट्रैप का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।

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