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    अब उपज बेचने पर किसान को मिलेंगे 50 हजार तक नगद

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:12 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:12 AM (IST)
    By: Editorial Team

    फ्लैग-मंडी सदस्यों की मांग पर कृषि विपणन बोर्ड ने दिए आदेश, चेक से भुगतान में हो रही थी दिक्कत

    -आरटीजीएस व एनईएफटी होने से भाड़ा देने सहित खरीदारी में हो रही थी परेशानी

    फोटो 138 सीहोर। कृषि उपज मंडी में हुई बैठक में शामिल किसान व समिति सदस्य।

    सीहोर। पिछले एक साल से किसानों को उपज का पूरा भुगतान दिलाने के लिए आरटीजीएस और एनईएफटी सुविधा की गई थी। इसके तहत खरीदी गई उपज का पूरा भुगतान किसान के खाते में किया जा रहा था, लेकिन किसान जिस वाहन से उपज लेकर आता था उसका भाड़ा देने सहित खरीदारी करने में समस्या हो रही थी। इसे लेकर किसान उपज का भुगतान नकद मांग रहे थे। इसे लेकर लगातार मंडी सदस्य अपना प्रस्ताव रख रहे थे। राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने अब किसानों को उपज बेचने पर 10 हजार की जगह 50 हजार रुपए तक नकद देने के आदेश दिए हैं। साथ ही 50 हजार से अधिक की राशि को एनएफटी और आरटीजीएस करने के भी आदेश जारी किए हैं। सभी लायसेंसधारी व्यापारियों को निर्देशित किया है कि वे 13 अक्टूबर से किसानों को उनकी उपज का 50 हजार रुपए नकद भुगतान में तथा उससे अधिक भुगतान होने पर अतिरिक्त शेष राशि बैंक ट्रांसफर आरटीजीएस व एनईएफटी के माध्यम से करें। इस सिलसिले में सहायक संचालक व सचिव कृषि उपज मडी समिति सीहोर द्वारा आदेश जारी कर दिए हैं।

    बिना पैसे दिए कर लेते थे नीलामी

    नोटबंदी के बाद नकद राशि देने में व्यापारियों को दिक्कत हो रही थी, जिसे लेकर व्यापारियों ने आरटीजीएस व एनईएफटी से भुगतान शुरू कर दिया, लेकिन जो चेक किसानों को दिए जा रहे थे, उनसे एक-एक माह तक भुगतान नहीं हो पा रहा था। ऐसे में किसान व्यापारियों और बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हो गए थे। कई व्यापारी तो बैंक से मिली भगत कर व्यापारी के खाते में पैसे नहीं होने पर एक से दो सप्ताह तक अटकाए रखते थे। वहीं व्यापारी बिना पैसे दिए नीलामी में शामिल होकर उपज खरीद लेता था, जिसे बेचकर राशि बैंक खाते में डलवा देता था। जबकि किसान चाह रहा था कि उसे कुछ पैसे नकद दे दिए जाएं, जिससे उसके तत्काल के काम नहीं रुके।

    भावांतर योजना से रुक गई आवक

    किसानों के लिए मप्र भी भावांतर योजना से लगातार मंडी में हो रही आवक कम हो गई है। किसान सोयाबीन की उपज बेचने की जगह रजिस्ट्रेशन कराने में जुटा हुआ है। 15 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन होने के बाद मंडी में तेजी से आवक बढ़ जाएगी। मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को करीब एक हजार क्विंटल सोयाबीन की आवक हुई है। उपज की 2200 से 2900 रुपए प्रति क्विंटल में नीलामी की गई है। सहायक संचालक व सचिव कृषि उपज मडी समिति सीहोर द्वारा आदेश जारी होने के बाद 70 प्रतिशत किसानों को नकद भुगतान किया है। बैंक से उपलब्धता होने पर 50 हजार रुपए तक के भुगतान नकद किए जाएंगे। हालांकि शनिवार को बैंक के बंद रहने पर आरटीजीएस से ही भुगतान किया जाएगा।

    जरूरत के काम हो जाएंगे पूरे

    छोटे कास्तकार को उपज बेंचकर तत्काल पैसों की जरूरत होती है। वह बार-बार बैंक और व्यापारियों के चक्कर लगाने में सक्षम नहीं होता है। इसलिए किसानों के हित में प्रस्ताव रखा गया था, जिसके तहत पहले दस और अब 50 हजार तक का नकद भुगतान हो जाएगा, जिससे किसानों के जरूरत के काम पैसे मिलने से समय पर हो जाऐंगे।

    तुलसी राम पटेल, सदस्य कृषि उपज मंडी सीहोर

    निर्देश दिए हैं

    किसानों व मंडी सदस्यों के प्रस्ताव के बाद 50 हजार तक का नकद और इससे अधिक राशि होने पर शेष का आरटीजीएस से भुगतान करने के व्यापारियों को निर्देश दिए गए है, जिसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

    तरुण तिवारी, सचिव कृषि उपज मंडी

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