Naidunia
    Sunday, November 19, 2017
    PreviousNext

    खूब रोई मासूम, कपड़े की गुड़िया को टीका लगवाया, तब मानी

    Published: Thu, 16 Feb 2017 09:43 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 05:41 PM (IST)
    By: Editorial Team
    vaccine tndukheda mp 2017217 152122 16 02 2017

    सोनू यादव, तेंदूखेड़ा(दमोह)। टीकाकरण के नाम पर बच्चों को रोते तो सभी ने देखा होगा, क्योंकि उन्हें पता नहीं होता कि आने वाले समय में वही टीके उन्हें कई बीमारियों से बचाएंगे, लेकिन एक मासूम टीके के लाभ को इतना समझ बैठी कि वह अपनी कपड़े की गुड़िया को ही टीका लगवाने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच गई।

    यहां मौजूद एएनएम से जब उसने अपनी गुड़िया को टीका लगाने की जिद की तो एएनएम ने मना कर दिया। फिर क्या था तीन वर्षीय मासूम इतना रोई कि आखिर में एएनएम को उसे चुप कराने के लिए उसकी गुड़िया को टीका लगाने का दिखावा करना पड़ा। तब जाकर टीकाकरण के लिए पहुंचे अन्य बच्चों को टीका लग पाया।

    हुआ यूं कि तेंदूखेड़ा ब्लॉक के बैलधाना हरदुआ गांव में दस बच्चों का टीकाकरण किया जाना था। यहां की एएनएम शकीला शेख उन बच्चों का टीकाकरण करने के लिए वेक्सीन लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। बच्चों के परिजनों को सूचना भेजी गई। यह सूचना उस तीन वर्षीय मासूम शशि ने भी सुन ली। फिर क्या था। उसने अपनी मां आरती से कहा कि उसे अपनी गुड़िया को भी टीका लगवाना है, ताकि वह बीमार न हो पाए।

    पहले मां ने उसे समझाते हुए मना कर दिया, लेकिन मासूम नहीं मानी और रोने लगी। काफी देर मनाने के बाद जब वह नहीं मानी तो उसकी मां उसे आंगनबाड़ी केंद्र लेकर पहुंच गई, ताकि उसे वहां पर समझाकर वापस लाया जा सके।

    एएनएम ने मानी हार, लगाया टीका

    मासूम शशि की बात सुनकर पहले तो एएनएम ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन मासूम जिद पर अड़ गई और कहा कि जब तक उनकी गुड़िया को टीका नहीं लगेगा, वह किसी और बच्चे को टीका नहीं लगने देगी। जब उसे फिर से मना किया तो वह जोर-जोर से रोने लगी। काफी प्रयास के बाद भी वह अपनी जिद पर अड़ी रही और अंत में एएनएम शकीला ने उसका मन रखने के लिए एक सिरेंज लेकर झूठ में टीका उसकी कपड़े की गुड़िया को लगाया, तब जाकर वह शांत हुई। इसके बाद हंसते हुए वह अपनी मां के साथ घर चली गई। खास बात ये है कि उस बच्ची की जिद के कारण वहां पहुंचे बाकी बच्चों को भी टीका नहीं लग पाया था।

    मासूम की जिद पूरी होने के बाद उन बच्चों का टीकाकरण किया गया। एएनएम शकीला ने कहा कि बच्ची किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। मना करते ही वह जोर-जोर से रो रही थी। उसका कहना था कि उसकी गुड़िया बीमार न हो, इसलिए उसे भी टीका लगवाना है।

    शकीला ने बताया कि मासूम शशि को तीन साल वाला टीका पहले लग चुका है, अब पांच साल की होने पर उसे टीका लगेगा। टीकाकरण के दौरान बच्चों को बताया जाता है कि टीका लगने से वे बीमार नहीं होंगी, शायद वही बात उसके दिमाग में बैठ गई और नासमझी में वह अपनी गुड़िया को टीका लगवाने आ गई थी।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें