Naidunia
    Monday, March 27, 2017
    PreviousNext

    बिजली कंपनी ने जारी किए मनमाने बिल, अब सुधारने में कर रहे आनाकानी

    Published: Fri, 17 Feb 2017 07:56 AM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 07:56 AM (IST)
    By: Editorial Team

    पेज 13 की लीड

    - बिजली बिल सुधरवाने कंपनी दफ्तर में लग रही ग्राहकों की भीड़, दो से तीन दिनों में हो रहा बिजली बिलों में सुधार

    फोटो 10

    विदिशा। बिजली कंपनी के दफ्तर में बिल सुधरवाने के लिए ग्राहक परेशान हो रहे हैं।

    विदिशा। बिजली वितरण कंपनी द्वारा भेजे जा रहे मनमाने बिजली बिलों को सुधरवाने में उपभोक्ताओं को पसीना आ रहा है। अफसर बकाया राशि वसूलने के चक्कर में दफ्तर में कम ही बैठ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को सुधारने में परेशानी आ रही है। पहले कर्मचारी ही बिलों में सुधार कर देते थे लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी आईडी बंद कर दी गई है। जिससे तुरंत बिजली के बिल नहीं सुधर पा रहे हैं और उपभोक्ता अपना बिल ठीक कराने के लिए दो से तीन दिन तक दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।

    बिजली कंपनी के मनमाने रवैए से शहर के उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। मिनटों के काम कराने में उन्हें दो से तीन दिन तक कंपनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा ऐसे उपभोक्ता परेशान हैं जिनके कंपनी औसत बिल भेज रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कंपनी के कर्मचारी घर बैठकर डायरी में रीडिंग भर देते हैं जिससे मीटर और बिल में आने वाली रीडिंग में काफी अंतर होता है। जब उपभोक्ता इस समस्या को लेकर दफ्तर जा रहे हैं तो उन्हें तुरंत राहत नहीं मिल रही है। उनसे कर्मचारी समस्या के समाधान के लिए आवेदन मांग रहे हैं। आवेदन लेने के बाद वह एक रजिस्टर में उसकी समस्या की इंट्री करते हैं। इसके बाद जब अफसर के पास समय होता है तब वह बैठकर इन समस्याओं को सुलझाते हैं जिससे उपभोक्ताओं को दो से तीन दिन तक कंपनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

    पहले एक दिन में सुधर जाते थे बिल

    पिछले डेढ़ माह पहले तक कंपनी के कार्यालय में तैनात चार कर्मचारी सहित अफसर मौके पर ही बिल सुधार देते थे। जैसे ही कोई उपभोक्ता उनके पास बिल सुधरवाने पहुंचता था तो वह कप्यूटर में संबंधित उपभोक्ता का उपभोक्ता क्रमांक डालकर जरूरत होने पर रीडिंग चैक कराकर बिल सुधार देता था। जिससे उपभोक्ता को ज्यादा परेशानी नहीं होती थी और वह बिल सुधरने के बाद जमा कर देता था। हालांकि इस काम में भी उसे एक दिन का समय लग जाता था।

    अब सुधार में करना पड़ रहा इंतजार

    वर्तमान में उपभोक्ताओं को बिल ठीक कराने में दो दिन से भी ज्यादा का समय लग रहा है। इसका कारण कर्मचारियों की आईडी बंद करना बताया जा रहा है। एक कर्मचारी ने बताया कि पहले जैसे ही उपभोक्ता आता था तो उसके बिल में जो त्रुटि होती थी। तुरंत कम्प्यूटर पर सुधार दी जाती थी। लेकिन हम लोगों की आइडी बंद कर दी गई जिससे हम लोग अब सिर्फ उपभोक्ता से शिकायती आवेदन लेकर रजिस्टर में इंट्री कर रहे हैं। यह रजिस्टर जब संबंधित अफसर के पास पहुंचेगा तब वह शिकायतों का निराकरण करेगें। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है। जिसके कारण उपभोक्ता को परेशान होना पड़ता है।

    बकाया वसूली पर अफसरों का जोर

    एक तरफ जहां कर्मचारियों की आईडी बंद कर दी गई है वहीं दूसरी तरफ संबंधित अफसर भी दफ्तर में नहीं बैठ रहे। जिससे उपभोक्ताओं की परेशान और ज्यादा बढ़ गई है। बिल सुधारने की जिम्मेदारी जिन अफसरों को दी गई है वह ज्यादातर फील्ड में रहते हैं जिससे समय पर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। कंपनी अधिकारियों का पूरा जोर इन दिनों बकाया वसूली पर है। वे घरेलू ग्राहकों से भी बिजली बिल सुधारने से पहले बकाया राशि जमा करने पर दबाव बना रहे हैं।

    किश्तों में जमा करने की स्कीम भी बंद

    जहां उपभोक्ताओं को बिल ठीक कराने में परेशान होना पड़ रहा है वहीं किश्तों में राशि जमा करने की स्कीम भी पूरी तरह से बंद कर दी गई जिससे गरीब, मजदूर वर्ग को किश्तों में राशि जमा करने की राहत भी नहीं मिल पा रही है। शहरी क्षेत्र कार्यालय में किए गए बदलाव से उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ गई हैं जबकि कंपनी कर्मचारियों द्वारा बिलों में आ रही त्रुटियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

    वर्जन

    चार दिन से भटक रहा हूं

    फोटो नाम से

    बिजली बिल सुधरवाने के लिए चार दिन से भटक रहा हूं। मेरे बिल में जो खपत दर्शाई गई है वह मीटर में दर्ज यूनिट से 75 ज्यादा है। जिससे बिल ज्यादा बन रहा है। रोज-रोज कंपनी के चक्कर काटने के कारण में काम पर नहीं जा पा रहा हूं।

    - द्वारिका प्रसाद पटवा, निवासी बजरिया

    फोटो नाम से

    250 की खपत होती है, 51 का दिया बिल

    घरेलू बिजली की मासिक खपत करीब ढाई सौ यूनिट होती है। कंपनी ने 51 यूनिट का बिल भेजा है। अगले माह 500 यूनिट का बिल भेज दिया जाएगा। मुझे कल आने का बोला गया है।

    - जेआर छुगानी, सेवानिवृत्त कर्मचारी

    फोटो नाम से

    रीडिंग के बाद भी आंकलित का बिल

    घर का मीटर चालू है। मीटर में खपत 36 यूनिट आ रही है। बिल में 36 यूनिट दर्ज भी है। इसके बाद भी कंपनी ने 36 यूनिट के अलावा 64 यूनिट और आंकलित खपत के नाम पर दर्ज कर दी उनसे 100 यूनिट का बिल जमा करने को कहा गया है।

    - नरेश बघेल, निवासी शंकर नगर

    फोटो नाम से

    डेढ़ साल में नहीं बदला मीटर

    मीटर की डिस्प्ले बंद हो गई है। इसके लिए डेढ़ साल से परेशान हैं। अभी तक दर्जन भर से ज्यादा बार बिलों की फोटो कापी ले ली गईं,लेकिन अभी तक मीटर नहीं सुधर सका है। जिससे उन्हें खपत से ज्यादा यूनिट का बिल जमा करना पड़ रहा है।

    - महेन्द्र सिंह दांगी, निवासी विजय नगर

    अफसर बोले

    मीटर चेक कर सुधार रहे बिल

    जो बिल सुधरने की स्थिति में आ रहे हैं मौके पर कर्मचारी को भेजकर मीटर चेक कराने के बाद सुधारे जा रहे हैं। आज ही दर्जन भर से ज्यादा लोगों के बिल सुधारे गए हैं। वहीं किश्तों में राशि लेने का कोई प्रावधान नहीं है।

    -विनोद भदौरिया उप महाप्रबंधक बिजली कंपनी

    तीन अफसर कर रहे निराकरण

    बार-बार आ रही परेशानी के कारण रजिस्टर मेन्टेन कराया जा रहा है। आवेदक से बिल की फोटो कापी, आवेदन, मोबाइल नंबर लेकर उसका मीटर चेक कराया जाता है। 3 अफसर बिलों का निराकरण कर रहे हैं।

    -अजय वाधवानी एई बिजली कंपनी

    और जानें :  #vidisha news
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी